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भास्कर खास:बच्चों को सामान्य खाना व फल खिलाएं, संक्रमितों से उन्हें दूर रखें

नीमच12 दिन पहले
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बच्चों को विटामिन युक्त खाना और फल खिलाएं। - Dainik Bhaskar
बच्चों को विटामिन युक्त खाना और फल खिलाएं।
  • तीसरी लहर से डरना नहीं, बच्चों को बचाना है
  • बच्चों में इम्युनिटी बड़ों से ज्यादा होती है

कोरोना की तीसरी लहर बच्चों पर काफी असर डालेगी। इस राय को लेकर वे परिजन खासे चिंतित है जिनके घर में बच्चे हैं। कोरोना से कैसे उन्हें बचाया जा सकता है, इनकी इम्युनिटी कैसे बढ़ाई जा सकती है और माता- पिता ऐसा क्या करें कि बच्चों को बीमारी से दूर रखा जा सकें।

इसे लेकर भास्कर से कुछ स्वास्थ्य विशेषज्ञों से बात की। इसमें यह सामने आया कि न केवल बच्चे बल्कि घर के वो सदस्य भी विशेष ध्यान रखें जो बाहर जाकर आते हैं। बच्चे तो घर में ही रहते हैं और बाहर से आने वाले सदस्य ही संक्रमित कर सकते है। बच्चों को कोरोना से कैसे दूर रखें, क्या सावधानियां और कब करना है, जानिए एक्सपर्ट की राय।
इम्युनिटी बढ़ाने की कोई दवा नहीं, फल-सब्जी, सामान्य खाना खिलाएं

जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. बीएल रावत बताते हैं- बच्चों में इम्युनिटी बढ़ाने के लिए अलग से दवाएं नहीं आती। फिजिकल एक्टीविटी जरूरी है। टीवी और मोबाइल कम दें। सामान्य खाने में हरी सब्जी, फल यही सबकुछ खिलाएं और पानी पर्याप्त मात्रा में दें।

उनका वजन कम नहीं होना चाहिए। उन्हें समय पर सुलाने और जगाने की आदत डालें। काढ़े से इम्युनिटी बढ़ाने के कोई साइंटिफिक रीजन सामने नहीं आए हैं बहुत अधिक नहीं दें। उनके फेफड़े वैसे ही बड़ों से स्वस्थ होते हैं, इसलिए बहुत ज्यादा संक्रमण का खतरा नहीं है।

इन बातों का ध्यान रखें अभिभावक, क्या करें और क्या नहीं

  • घर पर टीवी पर न्यूज आदि बच्चों के साथ न देखे, खासकर कोराेना से जुड़ी निगेटिव खबरें।
  • बच्चों की नियमित दिनचर्या बनाए रखें, सुबह उठकर नहाकर अच्छे कपड़े पहनकर तैयार बैठने को प्रोत्साहित करें। (नाइट सूट या घर के कपड़े नहीं)।
  • सोने व उठने का समय निर्धारित रखें। वीडियो कॉल के जरिए दोस्तों व रिश्तेदारों के संपर्क में रखें।
  • पोष्टिक आहार की महत्ता समझाए और अपनाए परंतु कभी-कभी घर पर ही बच्चों की पसंद से भी कुछ अलग बनाएं।
  • नियमित रूप से बच्चों के साथ समय व्यतीत करें।
  • ना शब्द का प्रयोग कम से कम करें। इससे बच्चों में नकारात्मकता बढ़ती है।

बच्चों की दिनचर्चा में आया बदलाव-

मनारोग विशेषज्ञ डॉ. स्वाति वधवा बताती है कि कोरोना महामारी के चलते बड़ों के साथ बच्चों की दिनचर्या में बदलाव आए हैं। इसके चलते बच्चों में चिड़चिड़ापन, गुस्सा, अकेलापन आदि देखने का मिल रहा है। बच्चों के अच्छे मानसिक स्वास्थ्य बनाए रखने के लिए जरूरी है कि माता-पिता बच्चों को कोरोना के बारे में सही, उचित जानकारी दें ताकि बच्चे इस बीमारी को समझे और सावधानियां बरतें।

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