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तस्करी:एक साल में 11900 किलो डोडाचूरा, 165 किलो अफीम जब्त कर 171 लोगों को पकड़ा, इनमें 60 प्रतिशत युवा

नीमच2 महीने पहले
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  • ऊंचे शौक के चलते शामिल हो रहे युवा, चार साल से किसानों के पास रखा डोडाचूरा जिले में बना तस्करी का मुख्य कारण

जिले अफीम उत्पादित होने के कारण मादक पदार्थ तस्करी का मुख्य गढ़ बना हुआ है। तस्कर कुरियर के रूप में युवाओं को लालच देकर इसमें लिप्त कर रहे हैं। इस वर्ष पुलिस व नारकोटिक्स विंग ने 171 केस बनाकर 165 किलो अफीम, 11900 किलो डोडाचूरा पकड़ा। 171 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें करीब 60 फीसदी युवा 18 से 35 आयु वर्ग के शामिल रहे हैं। जो अब जेल में जिंदगी गुजार रहे हैं। कम समय में अधिक रुपए कमाने व मौज-मस्ती के साथ शौक पूरे करने का सपना लेकर युवा तस्करों के संपर्क में आ रहे हैं। एक से दूसरे तस्कर तक मादक पदार्थ पहुंचाने के लिए युवा कुरियर के रूप में काम करते हैं। नीमच जिले से तस्करी का नेटवर्क राजस्थान, पंजाब, हरियाणा तक फैला हुआ है। पुलिस आज तक इसकी जड़ तक नहीं पहुंच सकी है। इस बार कोरोना के कारण तीन महीने लॉकडाउन में जिले की सीमाओं के साथ राजस्थान बॉर्डर सील रही। इसके बावजूद जिले के विभिन्न थानों में एनडीपीएस एक्ट के 94 केस दर्ज हुए। इनमें 141 लोगों को आरोपी बनाया। जबकि 2019 में 98 केस में 159 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस साल लॉकडाउन के बाद लगातार कार्रवाई में पुलिस ने अफीम, डोडाचूरा पकड़ने में रिकॉर्ड बनाया। अब तक 135 किलो 340 ग्राम अफीम व 11864 किलो डोडाचूरा जब्त किया। नारकोटिक्स विंग की ने इस साल 19 प्रकरण में 30 लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से 36 क्विंटल 29 किलो डोडाचूरा तो 29 किलो 850 ग्राम अफीम जब्त की है।

एक बार में मिलते हैं 5 हजार

पुलिस के अनुसार एक तस्कर अफीम या डोडाचूरा दूसरे राज्य के तस्कर तक पहुंचाने के लिए युवाओं को कोरियर बनाते हैं। इन्हें एक खेप पहुंचाने के बदले पांच से 10 हजार रुपए मिल जाते हैं। इस कारण तस्करों के संपर्क में आकर युवा इस काम में शामिल हो जाते हैं।
नारकोटिक्स विंग ने 30 लोगों को पकड़ा- इस वर्ष नारकोटिक्स विंग प्रभारी मो. रऊफ खान के नेतृत्व में टीम ने 18 प्रकरण में 30 लोगों को अफीम, डोडाचूरा तस्करी करते हुए गिरफ्तार किया। इसमें करीब 22 युवा शामिल है। गत वर्ष विंग की टीम ने 28 प्रकरणों में 60 क्विंटल 92 किलो डोडाचूरा ले जाते 9 आरोपी व 35 किलो अफीम तस्करी करते 24 लोगों को गिरफ्तार किया था। इस तरह कुल 28 मामलों में 33 लोगों की गिरफ्तारी हुई।

4 साल से नहीं हुआ डोडाचूरा नष्टीकरण- प्रदेश सरकार द्वारा 4 वर्ष पूर्व तक डोडाचूरा के ठेके दिए जाते थे। इसके बाद ठेके देने बंद कर दिए। सरकार ने इसके नष्टीकरण का निर्णय लिया था। दो वर्ष पूर्व कलेक्टर के निर्देशन में टीम गठित की। यह टीम राजस्थान में डोडाचूरा नष्टीकरण की प्रक्रिया को देखकर आई थी। उसके आधार पर रिपोर्ट बनाकर शासन को भेजी थी। इसके बाद भी कोई निर्णय नहीं हुआ। चार साल से अफीम उत्पादक किसानों के घरों में प्रतिवर्ष होने वाली खेती का डोडाचूरा भरा हुआ है।

पुलिस द्वारा पांच साल में ये माल जब्त किया

वर्ष केस आरोपी अफीम डोडाचूरा स्मैक गांजा
2020 94 141 135.340 11864 12.860 210 ग्राम
2019 98 159 63.960 11744.40 625.375 7 ग्राम
2018 82 221 63.500 6569.40 16.300 50 ग्राम
2017 71 215 214.860 6839 7.300 385 ग्राम
2016 52 71 18.500 6634.700 4.00 395 ग्राम
(वजन किलोग्राम में) (आंकड़े पुलिस विभाग के अनुसार)

2 साल में नारकोटिक्स विंग ने ये माल जब्त किया

वर्ष प्रकरण आरोपी अफीम डोडाचूरा स्मैक
2020 19 30 29.85 36.29 क्विं. 220 ग्राम
2019 28 33 35.00 60.92 क्विं. 200 ग्राम
(आंकड़े नारकोटिक्स विंग थाने के अनुसार)​​​​​​​

एक्सपर्ट व्यू

विलासिता वाला जीवन जीने की इच्छा में युवा हो रहे शिकार
^वर्तमान समय में युवाओं में विलासिता वाला जीवन जीने की इच्छा ज्यादा है। वे कम समय में अधिक रुपए कमाना चाहते हैं। इस कारण तस्करों के चंगुल में फंस रहे हैं। इसमें एक थैला दूसरी जगह पहुंचाने पर ही 50 हजार रुपए तक मिल जाते हैं। इसमें कैश ट्रांजेक्शन तत्काल होता है। एक किलो माल कहीं देकर आने पर ही 10 हजार रुपए मिलते हैं। इसमें पुरुष के साथ महिलाएं भी शामिल हो रही है। एनडीपीएस एक्ट की कार्रवाई में पुलिस पर जो आरोप लगते है वह सही है। कभी भी मुख्य तस्कर पर हाथ नहीं डाला जाता। कुरियर वालों को पकड़ा जाता है। इसमें भ्रष्टाचार बहुत है। इसे खत्म करना है तो निष्पक्ष जांच होना जरूरी है। कार्रवाई में पारदर्शिता लाना जरूरी है। इसके लिए कार्रवाई के समय आमजन को भी शामिल किया जाए ताकि इसमें भ्रष्टाचार जैसी स्थिति नहीं बने। डोडाचूरा तस्करी का मुख्य कारण हमारे यहां 8 से 10 रुपए किलो में यह बिकता है। राजस्थान व पंजाब में पहुंचते ही इसके भाव 50 से 100 रुपए किलो हो जाते हैं।
सीएस परिहार, रिटायर्ड पुलिस अधिकारी, नीमच




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