अच्छी खबर:हिंगोरिया में टी-आकार का बनेगा ओवरब्रिज, बघाना के लिए रेलवे तय करेगा कैसा दें आकार

नीमच9 महीने पहले
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  • बजट में मंजूर दो ओवरब्रिज के लिए सेतु निगम मंदसौर की टीम ने किया सर्वे

प्रदेश सरकार द्वारा वार्षिक बजट में शहर को दो ओवरब्रिज की सौगात देने की घोषणा की। इसमें बघाना व हिंगोरिया रेलवे फाटक पर ब्रिज का निर्माण होगा। 2 मार्च को बजट में मंजूरी के साथ राशि भी स्वीकृत की गई। इसके बाद पिछले दिनों रेलवे विभाग के अधिकारियों ने बघाना रेलवे फाटक का निरीक्षण किया था। रविवार को सेतु निगम मंदसौर की टीम ने हिंगोरिया व बघाना रेलवे फाटक पर सर्वे किया। हिंगोरिया में टी-आकार का ब्रिज निर्माण होगा। जबकि बघाना फाटक पर किस तरह का ब्रिज बनेगा इसका निर्णय रेलवे द्वारा लिया जाएगा।

बरसों पुरानी बघाना व हिंगोरिया फाटक पर ओवरब्रिज की मांग को प्रदेश सरकार ने पूरी करते हुए दोनों रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज बनाने की स्वीकृत दी। इसमें हिंगोरिया में 900 मीटर 33 करोड़ की लागत तथा बघाना रेलवे फाटक पर 1100 मीटर लंबा ब्रिज 51 करोड़ की लागत से बनेगा। दोनों जगह का प्रारंभिक सर्वे करने के लिए सेतु निगम एसडीओ प्रवीण नरवले के नेतृत्व में पांच सदस्यीय टीम नीमच पहुंची।

हिंगोरिया फाटक पर करीब पांच घंटे सर्वे किया। इसके बाद शाम 5 बजे बघाना पहुंची। जहां अगल-अलग दिशाओं में सर्वे किया। जिसकी रिपोर्ट बनाकर रतलाम रेल मंडल के संबंधित विभाग को सौंपी जाएगी। बघाना रेलवे ब्रिज पर किस आकार में ब्रिज निर्माण होगा इसका फैसला रेलवे के अधिकारियों द्वारा किया जाएगा। इसके बाद ड्राइंग डिजाइन तैयार कर स्वीकृति के लिए भेजी जाएगी। यह प्रक्रिया पूरी होने के बाद टेंडर बुलाए जाएंगे। करीब दो महीने में हिंगोरिया में ब्रिज निर्माण का प्रारंभिक काम शुरू हो जाएगा।

दोनों ओवरब्रिज के बनने से प्रतिदिन आवागमन करने वाले 10 हजार से ज्यादा लोगों को मिलेगी सुविधा

हिंगोरिया ओवरब्रिज
तीन दिशाओं को जोड़ते हुए टी आकार में 900 मीटर लंबा ब्रिज का निर्माण होगा। इसमें महू-नीमच रोड पर दोनों दिशाओं में 300-300 मीटर तथा बालाजी मंदिर के पास हिंगोरिया फाटक को क्रॉस करते हुए नई आबादी हिंगोरिया तक 300 मीटर लंबा ब्रिज बनेगा। इससे मंदसौर से नीमच आने वाले वाहन ब्रिज पर होकर सीधे नीमच आ जाएंगे।

यह होगा फायदा

  • टी-आकार में ब्रिज बनने पर राजस्थान आने-जाने वाले वाहनों को नीमच सिटी में नहीं आना पड़ेगा।
  • 8 किमी पहले हिंगोरिया फाटक पर ब्रिज से सीधे निकल सकेंगे।
  • मंडी में आने वाले वाहनों को फाटक खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
  • करीब 30 हजार से अधिक लोगों को सुविधा होगी।

बघाना रेलवे फाटक ओवरब्रिज

बघाना फाटक पर 1100 मीटर लंबा ओवर ब्रिज निर्माण के लिए सेतु निगम ने प्रारंभिक सर्वे किया। टीम द्वारा रिपोर्ट रेलवे अधिकारियों को सौंपी जाएगी। उनके द्वारा फाइनल किया जाएगा कि यहां किस तरह का ओवरब्रिज बनाया जाएगा। फाटक को जोड़ते हुए पांच रास्ते कट रहे हैं। इसको ध्यान में रखते हुए ड्राइंग डिजाइन तैयार किया जाएगा। कितने मकान ब्रिज की जद में आएंगे। कहां से ब्रिज का निर्माण शुरू किया ताकि ज्यादा परेशानी नहीं आए। सेतु निगम टीम ने सर्वे में बघाना फाटक से धनेरिया रोड, रेलवे अंडरब्रिज, रेलवे कॉलोनी, मंडी रोड का उपकरणों से सर्वे कर रिपोर्ट बनाई है।

दो माह में टेंडर प्रक्रिया शुरू हो जाएगी
^दोनों ब्रिज की स्वीकृति के बाद रविवार को सेतु निगम मंदसौर की टीम हिंगोरिया फाटक पर सर्वे किया। वहां टीम में शामिल अधिकारियों से चर्चा की है। सर्वे पूरा होने के बाद ड्राइंग डिजाइन तैयार कर टेंडर बुलाए जाएंगे। उम्मीद है दो महीने में हिंगोरिया फाटक पर ब्रिज का काम शुरू हो जाएगा। बघाना में भी टीम ने सर्वे किया है। उसकी रिपोर्ट रेलवे को दी जाएगी। जल्द ही शहर को दो-तीन ब्रिज की और सौगत मिलेगी।
दिलीपसिंह परिहार, विधायक-नीमच

डिजाइन रेलवे के अधिकारी फाइनल करेंगे
^नीमच में दोनों ब्रिज के लिए सर्वे किया है। हिंगोरिया में टी-आकार का ब्रिज बनेगा। बघाना फाटक पर ब्रिज का आकार रेलवे के अधिकारी ही तय करेंगे। सेतु निगम द्वारा रिपोर्ट बनाकर शासन व रेलवे अधिकारियों को सौंपी जाएगी। उनके द्वारा ही ड्राइंग डिजाइन तैयार की जाएगी। रेलवे ट्रैक के आसपास वाले क्षेत्र में रेलवे ही ब्रिज निर्माण करेगा। बाकी जगह सेतु निगम काम पूरा किया जाएगा।
प्रवीण नरवले, एसडीओ, सेतु निगम, मंदसौर

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