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निर्दयी मां-बाप:6 दिन के नवजात को लेकर शाम को घूमने निकले, रास्ते में मां से छीन बच्चे को पिता ने झाड़ियों मंे फेंका

नीमच2 वर्ष पहले
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  • रात में मरने के लिए फेंक आए, राहगीर की सूचना पर डॉयल 100 ने एसएनसीयू भेजा

निर्दयी मां-बाप ने 6 दिन पहले जन्मे बालक को सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। बच्चे की किस्मत अच्छी थी कि 15 घंटे पड़ा रहने के बाद भी उस पर किसी जानवर की नजर नहीं पड़ी। अगले दिन एक राहगीर को उसके बिलखने की आवाज आई तो डाॅयल 100 को सूचना दी और बच्चे को एसएनसीयू में भर्ती कराया करवाया। प्रारंभिक छानबीन में ही पुलिस ने नवजात की मां का पता लगा लिया और उसे भी जिला अस्पताल पहुंचवाया है। प्रारंभिक जानकारी में अवैध संबंधों से संतान होने का मामला सामने आया है। पुलिस व चाइल्ड हेल्प लाइन मां की काउंसलिंग कर घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है। अभी किसी के खिलाफ प्रकरण दर्ज नहीं किया है। डीकेन चौकी के पास केबड़िया में मंगलवार सुबह 10 बजे रोड किनारे झाड़ियों में बच्चे के रोने की आवाज सुन राहगीर ने डाॅयल 100 को सूचना दी। पुलिस मौके पर पहुंची और छानबीन की तो कुछ देर में ही मां का पता लग गया। बच्चे और मां दोनों को जिला अस्पताल पहुंचाया।

मां ने बताया घटनाक्रम: मेरी शादी नहीं हुई है, यह बच्चा दड़ौली निवासी...

मेरी शादी नहीं हुई है। यह बच्चा दड़ौली निवासी विकास भील नामक युवक से अवैध संंबंध हो जाने से हुआ है। मैं तो अपने बच्चे की परवरिश करना चाहती हूं लेकिन विकास बदनामी के डर से न मुझसे शादी कर रहा है और न ही अपने बेटे को अपने पास रखने काे तैयार है। दो दिन पहले सोमवार शाम 7 बजे वह मेरे घर पर आया। बच्चे व मुझे साथ लेकर घर से थोड़ा दूर घूमने के बहाने लेकर आया। रास्ते में उसने बच्चे को छीनकर सड़क किनारे झाड़ियों में फेंक दिया। मैंने विरोध किया तो मेरे साथ मारपीट की। किसी को कुछ बताने पर जान से मारने की धमकी दी। मैं पूरी रात परेशान होती रही। सुबह पुलिस काे पता चल गया। उन्हें किसी ने बताया तो वह बच्चा लेकर मेरे यहां पर आए। मैंने अपने बच्चे को पहचान लिया। इस बच्चे को 12 अगस्त को मनासा के सरकारी अस्पताल में जन्म दिया था। इसके पहले बच्चे को गिराने के बारे में कई बार सोचा था लेकिन लॉकडाउन के कहीं आने-जाने पर रोक होने के चलते ऐसा नहीं करवा सकीं। उसे जन्म दे दिया तो बदनामी के डर से विकास व परिवार वाले दबाव बनाकर बच्चे को मारने की बोल रहे थे लेकिन मुझसे ऐसा कुछ नहीं हुआ। बाद में वह खुद आया और रास्ते में बच्चे को मुझसे छीनकर झाड़ियों में फेंक दिया। (नवजात की मां ने जैसा भास्कर को बताया)

रातभर खुले में रहने से गंभीर हालत हो गई थी नवजात की

जिला अस्पताल के शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. आशीष जोशी ने बताया 15 घंटे तक खुले में रहने से नवजात को सांस लेने में तकलीफ हो गई थी। एसएनसीयू में उपचार दिया जा रहा है। उसे मामूली घाव आए हैं। उसकी हालत में सुधार है। मां से फीडिंग करा रहे हैं। एक-दो दिन और भर्ती रखेंगे।

नवजात व मां दोनों अस्पताल में अभी कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया

^नवजात बालक मिलने की सूचना पर उसे पहले अस्पताल पहुंचाया गया। मां का पता लगा लिया है। दोनों अभी अस्पताल में है। वहां से ठीक होने के बाद उनके कथन लेकर वस्तु स्थिति का पता लगाएंगे फिर मामले में प्रकरण दर्ज किया जाएगा। -जितेंद्रसिंह चंदेरिया, चौकी प्रभारी, डिकेन

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