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महंगाई:प्याज फिर निकाल रहा लोगों के आंसू, थोक में 36 तो फुटकर में 45 रु. किलो

नीमच16 दिन पहले
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  • उत्पादन कम खपत ज्यादा, दूसरे राज्यों में भी निर्यात होने से नहीं हो रहे भाव कम

लॉकडाउन के बाद से प्याज के भाव 20 रुपए से कम नहीं हुए। खरीफ सीजन के प्याज की आवक कम रहने भाव में अंतर नहीं आया। वर्तमान में जिले से दूसरे राज्य में प्याज निर्यात होने के कारण भाव थोक में 36 रुपए तो फुटकर में कमजोर प्याज 20 से 30 तथा अच्छी क्वालिटी वाला 40 से 45 रुपए किलो बिक रहा है। महाराष्ट्र में अधिक बारिश के कारण प्याज की फसल खराब होने से नासिक के प्याज की आवक नहीं है। जिले के किसानों द्वारा उत्पादित प्याज ही मंडी में पहुंच रहा है। खपत व दूसरे राज्यों में डिमांड अधिक होने के कारण भाव तेज है। रबी सीजन का प्याज आने पर भाव में कुछ कमी आएगी।

एक साल पहले फरवरी में 10 से 15 रुपए किलो बिका प्याज इस बार फुटकर में 40 से 45 रुपए किलो में बिक रहा है। इससे घरों में रसोई के बजट पर असर पड़ा है। इसका मुख्य कारण जिले में कम बारिश से उत्पादन प्रभावित हाेना तथा दूसरे राज्यों में डिमांड होने पर स्थानीय प्याज का निर्यात होना है। प्रतिवर्ष नासिक से प्याज आने पर भाव में गिरावट आ जाती है। पिछले वर्ष महाराष्ट्र में लगातार बारिश के कारण फसल खराब हुई तो प्याज की आवक नहीं हुई। कृषि उपज मंडी में खरीफ प्याज की आवक हो रही है। मार्च में भाव 10 रुपए किलो तक तेज होंगे। अप्रैल तक 50 से 60 रुपए किलो में प्याज बिकेगा।

ये चार प्रमुख कारण जिससे भाव पहुंच रहे आसमान पर

  • इन राज्यों में जा रहा जिले से प्याज- व्यापारियों द्वारा खरीदी करके मांग अनुसार दूसरे राज्यों में भी प्याज भेजा जा रहा है। इनमें यूपी, बिहार, राजस्थान है। असम, प. बंगाल में महाराष्ट्र की रैक नहीं लगने से वहां की डिमांड को पूरा करने के लिए यही से प्याज जा रहा है।
  • इन राज्यों में पहली बार भेज रहे प्याज- थोक विक्रेता गोपाल गर्ग ने बताया कि 15 साल में पहली बार नीमच मंडी से साउथ के राज्य तमिलनाडु, आंध्रप्रदेश भी महाराष्ट्र से प्याज नहीं जा रहा है। वहां डिमांड होने पर नीमच के व्यापारियों द्वारा दोनों राज्य में प्याज भेजे जा रहे हैं।
  • अप्रैल में नए प्याज का स्टॉक हो सकेगा- मंडी के प्याज व्यापारी के अनुसार खरीफ सीजन का प्याज अभी मंडी में आ रहा है। जो गिला रहता है। इसे लोग जरूरत के हिसाब से खरीदते हैं। अप्रैल में रबी सीजन के प्याज की आवक शुरू हो जाएगी। इसका व्यापारी व आमजन खरीदकर स्टॉक करते हैं।
  • पिछले वर्ष 3 हजार कट्‌टे आवक थी- व्यापारी गर्ग ने बताया कि पिछले वर्ष फरवरी में कृषि उपज मंडी में 3 हजार कट्‌टों की आवक थी। इस बार उत्पादन कम होने के कारण नीलामी में 600 से 700 कट्‌टे प्याज ही आ रहा है। इस कारण भाव में तेजी है।

खरीदी पर भी पड़ेगा असर
सरकार समर्थन मूल्य पर 6 से 8 रुपए किलो में प्याज की खरीदी करती है। इस बार मंडी में थोक भाव ही 40 रुपए से ऊपर रहेंगे तो मई-जून में समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीदी में किसान प्याज नहीं बेचेंगे। उन्हें इससे अधिक भाव मंडी में मिलेंगे और भुगतान भी नकद हो जाएगा।

20 रु. से कम नहीं होगा भाव
शहर में रोज 70 क्विंटल की खपत है। प्रतिदिन 350 क्विंटल प्याज की आवक है। दूसरे राज्य में भी डिमांड होने से प्याज बाहर जा रहा है। इससे भाव तेज है। अभी दो महीने इसी तरह की तेजी रहेगी। अप्रैल में नई फसल मंडी में पहुंचने पर कुछ भाव कम हो सकते हैं। फिर भी फुटकर में 20 रुपए किलो से भाव नीचे नहीं जाएंगे।
गोपाल गर्ग, थोक व्यापारी प्याज

2 हजार हेक्टे. में बोया प्याज
रबी सीजन में किसानों ने जनवरी में 2 हजार हेक्टेयर रकबे में प्याज की बोवनी की है। यह फसल करीब 120 दिन में तैयार होती है। मई तक नया प्याज मंडी में आ जाएगा। अभी आवक कम होने से भाव तेज है। नई फसल आने पर भाव में गिरावट आएगी। करीब 4 लाख क्विंटल प्याज का जिले में उत्पादन होगा।
एनएस कुशवाह, जिला उद्यानिकी अधिकारी, नीमच

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