वट वृक्ष का पूजन / शनि जयंती व वट सावित्री अमावस्या संयोग : काेरोना से मुक्ति के लिए किया हवन-पूजन

पारसी बावड़ी बगीची में स्थित वट वृक्ष की पूजन करती महिलाएं। पारसी बावड़ी बगीची में स्थित वट वृक्ष की पूजन करती महिलाएं।
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पारसी बावड़ी बगीची में स्थित वट वृक्ष की पूजन करती महिलाएं।पारसी बावड़ी बगीची में स्थित वट वृक्ष की पूजन करती महिलाएं।

  • महिलाओं ने पति व परिजन के स्वास्थ्य व लंबी आयु के लिए वट वृक्ष का पूजन किया

दैनिक भास्कर

May 23, 2020, 06:55 AM IST

नीमच. शुक्रवार को शनि जयंती और वट सावित्री अमावस्या का संयोग था। लाॅकडाउन के कारण शनि मंदिरों में सार्वजनिक आयोजन नहीं हुए। शहर सहित अंचल के शनि मंदिरों में पुजारियों ने अभिषेक-पुजन के साथ हवन कर कोरोना संक्रमण से मुक्ति के लिए प्रार्थना की। 

पुजारी के अतिरिक्त 2-4 भक्त उपस्थिति थे। जिला चिकित्सालय में सेवा देने जा रही एक नर्स को भी प्रवेश दिया था। पहली बार शनि मंदिरों में ताले लगे होने से भक्त प्रवेश नहीं कर सके। महिलाओं ने व्रत रखकर वट वृक्ष का पूजन कर परिक्रमा की और कथा सुनी। पति व परिवार के अच्छे स्वास्थ्य, लंबी आयु और सौभाग्य व समृद्धि की कामना की। महिलाओं ने परिवार के साथ विश्व को कोरोना संक्रमण से बचाने और स्वास्थ्य लाभ की कामना कर वट वृक्ष के फेरे लगाए।

जावद । नगर के वार्ड नंबर 2 स्थित शनि जयंती के पुजारी शंभुलाल जोशी ने विधि विधान से अभिषेक किया। पुजारी ने बताया कि  यहां चार पीढ़ियों से भगवान शनि महाराज की सेवा कर रहे हैं। हर वर्ष शनि जयंती पर महिला पुरुष दर्शन करने आते हैं। इस वर्ष लॉकडाउन के चलते एक-दो भक्त ही आ सके। दर्शन से पहले उनको मंदिर के दरवाजे पर सैनिटाइजर से हाथ धुलाए, बीना मास्क लगाए मंदिर में नहीं आने दिया गया। सभी ने सोशल डिस्टेंस बनाकर शनिदेव के दर्शन किए तथा कोरोना बीमारी खत्म होने की मन्नत मांगी।

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