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स्कूल खोलने की तैयारियां शुरू:पहली-दूसरी को 3 ताे तीसरी से 5वीं तक विद्यार्थियों को मिलेंगी 4 किताबें

नीमच4 दिन पहले
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नीमच बीआरसी कार्यालय कक्ष में रखे पुस्तकों के बंडल। - Dainik Bhaskar
नीमच बीआरसी कार्यालय कक्ष में रखे पुस्तकों के बंडल।
  • स्कूल खोलने की तैयारियां शुरू, आज से स्कूलों में पहुंचेगी पुस्तकें, बच्चों को इसी सप्ताह से बांटी जाएंगी

काेरोना संक्रमण से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हुई है। सरकार ने हाईस्कूल व हायर सेकंडरी स्कूलों की कक्षाएं इसी माह से खोलने के संकेत दे दिए हैं। प्रावि-मावि को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो इसलिए इस बार कक्षा दूसरी तक के बच्चों को हिंदी, गणित व अंग्रेजी विषय की पुस्तकें दी जाएंगी, जबकि कक्षा 3री से 5वीं तक के लिए 4 और मावि के बच्चों के लिए 8 विषयों की पुस्तकें वितरित की जाएंगी।

स्कूल शिक्षा विभाग प्रावि-मावि के बच्चों को ऑनलाइन पढ़ाई करवा रहा है लेकिन बच्चे इसमें कम रुचि ले रहे हैं। सबसे बड़ा कारण अभिभावकों के पास एंड्रायड मोबाइल न होना है। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई नहीं हो पा रही है। शिक्षकों की मानें तो यदि बच्चों के पास अभ्यास पुस्तिकाएं हो तो पढ़ाई आसान हो जाती हैं। बच्चे पुस्तकों से पढ़ सकें, इसके लिए शासन ने “हमारा घर हमारा विद्यालय’ अभियान शुरू किया है। लेकिन अब तक बच्चों को पुस्तकें वितरित नहीं की गईं। जिला शिक्षा केंद्र द्वारा प्रावि-मावि के करीब 55 हजार 222 बच्चों के लिए सभी विषय की 3 लाख पुस्तकों की मांग की थी। मांग के अनुरूप 82 फीसदी पुस्तकें 10 दिन पहले ही आ गई है।

प्रावि-मावि के 55222 विद्यार्थियों के लिए 3 लाख किताबों की मांग की थी, 82% आई
होमवर्क देंगे शिक्षक-पुस्तक वितरण के साथ ही बच्चों को किस दिन क्या पढ़ाई करना है। इसके बारे में भी अभिभावकों काे बताया जाएगा। सप्ताह में दिन तय कर बच्चों को होमवर्क दिया जाएगा और उसी क्रम में होमवर्क चेक किया जाएगा।

किस कक्षा के लिए कौन-से विषय की किताब
कक्षा 1 से दूसरी तक : हिंदी, गणित व अंग्रेजी।
कक्षा 3री से 5वीं तक : हिंदी, गणित, अंग्रेजी व पर्यावरण।
कक्षा 6टी से 8वीं तक हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, गणित, विज्ञान, भूगोल, इतिहास, सहायक वाचन।

स्कूल पहुंचते ही वितरण शुरू करना है

  • प्रावि-मावि के बच्चों के लिए आज से स्कूल स्तर पर पुस्तकें पहुंचाने का काम चलेगा। शिक्षकों को पुस्तकें मिलते ही वितरण प्रोग्राम बनाकर बच्चों को वितरण करना होगा। यह अभियान कोविड गाइडलाइन का पालन करते हुए किया जाएगा। -डॉ. पीएस गोयल, डीपीसी नीमच
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