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आदेश:खासगी ट्रस्ट की 64 दुकानों के किरायेदारों को मिला कोर्ट से स्टे

नीमच11 दिन पहले
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  • प्रशासन ने उच्च न्यायालय का फैसला आने के बाद तीन दिन में दुकानें खाली करने का दिया था नोटिस, सुप्रीम कोर्ट जाने से मिली राहत

खासगी ट्रस्ट की संपत्तियों को लेकर उच्च न्यायालय ने संपत्तियों से ट्रस्ट का आधिपत्य खत्म कर शासन के आधिपत्य में लेने का आदेश दिया था। इस फैसले के बाद मनासा में ट्रस्ट की जमीन पर बनी 69 दुकानों के संचालकों में हड़कंप मच गया था। आदेश के आते ही आनन-फानन में प्रशासन ने दुकानदारों को तीन दिन में दुकानें खाली करने का नोटिस दिया था। फैसले के खिलाफ दुकानदारों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। जहां सुनवाई के बाद उन्हें स्टे मिल गया। इससे दुकानदारों ने राहत की सांस ली।
नगर में कृषि उपज मंडी के बाहर खासगी देवी अहिल्या ट्रस्ट की 64 मुख्य बाजार में 6 दुकानों पर कब्जा लेने की कार्रवाई की गई थी। प्रशासन की अचानक कार्रवाई से दुकानदार घबरा गए थे। बेरोजगार होने का डर सताने लगा था। इन्हें सुप्रीम कोर्ट ने राहत दे दी। ट्रस्ट की संपत्तियों को लेकर सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिल गया। लेकिन नगर में स्थिति साढ़े 5 बीघा कृषि भूमि एवं गांवों में जो जमीनें मंदिर पुजारियों के अलावा जिन लोगों ने जमीन पर कब्जा कर रखा था या बटाई पर दे रखी थी। वह प्रशासन ने अपने आधिपत्य में लेकर प्रशासन ने बोर्ड लगाकर उनको बटाई पर नहीं लेने संबंधी बोर्ड चस्पा कर दिया है।
ट्रस्ट की लीज डीड व किराया चिट्टी प्रस्तुत की - उच्च न्यायालय के फैसले के बाद प्रशासन ने 69 दुकानदारों को दुकान संबंधी अधिकार पत्र प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए थे। नोटिस मिलने पर 64 दुकानदारों ने प्रशासन के समक्ष ट्रस्ट की लीज डीड व किराया चिट्टी प्रस्तुत की है। सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद ट्रस्ट की दुकानों में किराया चिट्टी के आधार पर 20 सालों से व्यवसाय करने वाले विजय मूंगड़, विनय पाटीदार, राजेंद्र पाटीदार ने बताया कि न्यायालय जो भी निर्णय करेगा वह जनहित को देखते हुए करेगा। प्रशासन ने जो अधिकार पत्र मांगे थे वह सभी दस्तावेज प्रस्तुत कर दिए हैं। स्टे मिलने से राहत मिली है।

हम न्यायालय के निर्णय के साथ हैं

ट्रस्ट की दुकान के व्यवसायी एवं एडवोकेट गोपाल मूंदड़ा ने कहा कि न्यायालय के हर फैसले का सम्मान करते हैं। उच्च न्यायालय के निर्णय के बाद प्रशासन द्वारा जो भी दस्तावेज मांगे गए वो सभी प्रस्तुत कर दिए हैं। ट्रस्ट की भूमि के हम किराएदार हैं। आगे से सुप्रीम कोर्ट जो निर्णय सुनाएगा उसका सम्मान करेंगे।

फैसला आने पर कार्रवाई करेंगे

मनासा में ट्रस्ट की संपत्तियों को लेकर प्रशासन द्वारा कार्रवाई की गई। कृषि भूमियां प्रशासन ने आधिपत्य में लेने की कार्रवाई की है। 64 दुकानदारों ने दुकानों को लेकर अधिकार पत्र के रूप मे ट्रस्ट की डीड व किराया चिट्टी पेश की है। सुप्रीम कोर्ट से स्टे मिल गया है। फैसला आने के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। एमएल वर्मा, तहसीलदार-मनासा

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