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कोरोना अपडेट:जीरो एक्टिव केस, आखिरी पॉजिटिव भी स्वस्थ, 442 दिन बाद पहली बार संक्रमण मुक्त हुआ जिला

नीमच12 दिन पहले
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  • जिले में रिकवरी दर 100%, 10 दिन से संक्रमण दर भी शून्य
  • अब तक जिले में 7798 पॉजिटिव मिले, 86 की मौत, 7714 स्वस्थ्य

जिले वासियों के लिए अच्छी खबर यह है कि बीते 10 दिनों से काेई भी कोरोना संक्रमित न पाए जाने से बुधवार को जिले में एक्टिव केस की संख्या 0 हो गई। इसके साथ ही कोरोना काल के 442 दिन बाद जिला पहली बार संक्रमण मुक्त होकर ग्रीन जोन में आ गया है। पिछले 10 दिनों में जिले भर में 6 हजार 976 लोगों के सैंपल लेकर जांच की गई। इनमें एक भी कोरोना संक्रमित मरीज नहीं मिला। होम आइसोलेशन में मौजूद एक आखिरी एक्टिव केस को भी बुधवार शाम को डिस्चार्ज कर दिया गया। अब जिले के लोगों को अनलॉक के दौरान मास्क के साथ सामाजिक दूरी बनाए रखने की आवश्यकता है। 210 बेड वाला जिला अस्पताल खाली

दूसरी लहर के दौरान जिला मुख्यालय पर जिला अस्पताल में कोरोना मरीजों को भर्ती कर इलाज दिया जा रहा था। जैसे-जैसे जिले में कोरोना संक्रमण घटता गया यह अस्पताल खाली होते चले गए। 23 जून को कोविड वार्ड में सामान्य मरीजों को शिफ्ट कर दिया। सिर्फ पहली मंजिल पर बने नए वार्ड के 50 बेड ही आरक्षित हैं लेकिन वहां भी मरीज नहीं है। डेल्टा प्लस वैरिएंट को लेकर राहत

प्रदेश में डेल्टा प्लस वैरिएंट के मरीज सामने आने के बाद जिले से भी 29 सैंपल दिल्ली एनसीडी लैब भेजे गए थे। इनमें से सिर्फ 4 में डेल्टा वैरिएंट की पुष्टि हुई जबकि डेल्टा प्लस नहीं मिलने से राहत है। वहीं पोस्ट कोविड मरीजों में भी ब्लैक फंगस का खतरा भी कम हुआ है। जिले में कुल 15 मरीज सामने आए है इनमें से सिर्फ 3 की मौत हुई और शेष स्वस्थ्य हो गए है। 9 जून के बाद भी इसका नया मरीज भी सामने नहीं आया है।
असावधानी का यह रहा नतीजा : लगातार फैलता रहा संक्रमण, दूसरी लहर में असहाय से नजर आए हम

और... ये रहे कोरोना का ग्राफ घटने के कारण
मई में बाजार पूरी तरह बंद रहे तो जून में शर्तों के साथ खाेलने की अनुमति दी गई। बाजार खोलने से पहले स्वास्थ्य विभाग ने की रैंडम सैंपलिंग, जिसमें नपा, पुलिस, स्वास्थ्य से लेकर ठेले वाले शामिल है। गांवों में कोरोना बेकाबू होने के बाद ग्रामीणों ने स्वेच्छा से लॉकडाउन लगाया। राजस्थान व महाराष्ट्र की बाॅर्डर सील की गई थी और हर आने-जाने वालों की स्क्रीनिंग की गई। नियम पालन करने का किल कोरोना अभियान चलाया गया। ऑन रोड भी संदिग्धों को पकड़कर सैंपलिंग की जा रही है। सामूहिक आयोजनों पर सख्ती से रोक लगाई गई। ग्रामीण क्षेत्रों में विवाह समारोह के दौरान विशेष ध्यान रखा गया।
और... अब प्रशासन ने की है पुख्ता तैयारी
कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की चेतावनी के बाद पहले की दो लहर से सबक ले चुका प्रशासन अभी से तैयारियां में जुट गया है। इसमें सबसे ज्यादा असर बच्चों पर होने की संभावना है। इसलिए जिला अस्पताल में विशेष तौर पर बच्चों का नया पीआईसीयू व अतिरिक्त वार्ड बनाया जा रहा है। आवश्यकता के मान से पर्याप्त उपकरणों की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा ब्लॉक स्तर पर स्थित सिविल व सामुदायिक अस्पतालों में भी बच्चों के लिए ऑक्सीजन वाले 10-10 बेड की व्यवस्था की जा रही है। इलाज के दौरान परिजनों के भी रूकने और जांच आदि की जाने को लेकर भी अभी से तैयारी जारी है। इसके लिए जिला अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपते हुए टीम का गठन कर दिया है। उनके द्वारा ही यह पूरी व्यवस्था की जाएगी।

16% एक्टिव केस कम हुए 74 दिन में...
अप्रैल में 2826 मरीज सामने आए थे

जिले में कोरोना संक्रमित का पहला मामला 5 मई 2020 को आया था। इसके बाद लगातार उनकी संख्या बढ़ती गई। दूसरी लहर सबसे खतरनाक साबित हुई। अप्रैल 2021 में मामला गंभीर हो गया था। जिसमें अप्रैल में सबसे ज्यादा 2826 व मई में 1755 मरीज पूरे माह में मिले थे।

1237
जिले में पॉजिटिव केस बढ़ने से 8 मई 2021 को अब तक सर्वाधिक 1237 एक्टिव केस थे। इसके बाद रिकवर होने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ी।

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