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ऊर्जा बचाने में इप्का को फिर मिला गोल्ड अवाॅर्ड:सालभर में 63.59 लाख यूनिट बिजली और 1872.25 मीट्रिक टन कोयला बचाया

रतलामएक महीने पहले
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इप्का लेबोरेटरीज लिमिटेड काे वर्ष 2020 का सीम-नेशनल एनर्जी मैनेजमेंट अवाॅर्ड में गोल्ड मेडल मिला है। इप्का ने ऊर्जा बचाने के लिए 115 लाख रुपए खर्च कर 16 बड़े बदलाव किए हैं, इससे 63.59 लाख यूनिट बिजली व 1872.25 मीट्रिक टन कोयला बचाया है। इससे इप्का को सालभर में 582.11 लाख रुपए की बचत हुई।

इससे पहले भी इप्का को पुरस्कार 2018 (प्रथम पुरस्कार), 2017 (सिल्वर पुरस्कार), 2016 (प्रथम पुरस्कार), 2010 (तृतीय पुरस्कार), 2007 (द्वितीय पुरस्कार) मिल चुका है। इस प्रतियोगिता में पहली बार इप्का ने गोल्ड अवाॅर्ड प्राप्त किया है। इप्का का यह 6वां राष्ट्रीय पुरस्कार है। यह पुरस्कार सीम के पदाधिकारी अध्यक्ष सीएस आजाद व उपाध्यक्ष जयकुमार नायर ने ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में व उत्कृष्ट काम के लिए राष्ट्रीय स्तर पर दिया। इस पुरस्कार को पाने के लिए देशभर की कंपनियां आवेदन करती हैं।

वर्चुअल प्रोग्राम में इप्का लेबोरेटरिज को पुरस्कार दिया गया है। इप्का की ओर से पबित्रा भट्‌टाचार्य अध्यक्ष संचालन, राहुल प्रधान यूनिट हेड रतलाम, इंजीनियरिंग विभाग के जनरल मैनेजर राजेश जैन, डिप्टी जनरल मैनेजर कृष्णकुमार अजमेरा व वरिष्ठ अधिकारी जितेंद्र टेमरे ने प्राप्त किया।

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