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लॉकडाउन की मार, व्यापार बेजार:प्रशासन ने दी सुविधा : दूध, किराना, मेडिकल कारोबारियों की बनी दुविधा, ग्राहकी बिगड़ी

रतलामएक महीने पहले
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  • ग्रामीण क्षेत्र से आपूर्ति का समय ध्यान रखने में चूका प्रशासन
  • जिला प्रशासन का दिया समय व्यापारियों को नहीं आ रहा रास

जिला प्रशासन ने काराेबार के छूट के नाम पर जाे सहूलियतें दी हैं वह व्यापारियों के लिए परेशानी बन गई हैं। मसलन घर-घर जाकर दूध बांटने का समय शाम 4 से 7 बजे तक निर्धारित किया है। जबकि गाय और भैंस का दूध निकलना ही शाम 4 बजे बाद से शुरू होता है व शाम 5.30 बज जाती है। इससे दूध विक्रेताओं को दूध बांटने के लिए डेढ़ घंटा ही मिल रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में किराना सामान की किल्लत ना आए इसके लिए थोक किराना बाजार खुलने का समय सुबह 6 बजे 11 बजे तक तय किया है। जबकि गांव से व्यापारी ही सुबह 8 बजे तक आ रहे हैं।

दूध : शाम 5:30 बजे मिलता है, डेढ़ घंटे में कैसे बांटें

जिला प्रशासन ने दूध वितरण का समय सुबह 6 से 9 बजे तक एवं शाम 4 से 7 बजे तक का निर्धारित किया है। शाम को गाय और भैंस का दूध निकलना ही 4 बजे बाद से शुरू होता है और यह शहर तक 5.30 बजे तक आता है। दूध विक्रेताओं को महज 1.30 घंटे का ही समय मिल पा रहा है। दूध विक्रेता संघ के मुरलीधर गुर्जर ने बताया जिनकी ज्यादा बंदियां है उनकी तो मुसीबत ही हो गई। समय बढ़ाकर साढ़े आठ बजे तक किया जाए।

दवाई : डॉक्टर से चेकअप के बाद स्टोर हो जाते हैं बंद

आदेश में मेडिकल स्टोर्स खुलने का समय सुबह 10 से शाम 4 बजे तक निर्धारित किया। जबकि क्लिनिक सुबह एवं शाम को खुल रहे हैं। इसके बाद कोई डाॅक्टर दवाई लिखे तो लोगों को दवाइयों के लिए परेशान होना पड़ रहा है। लोगों को जिला अस्पताल के आसपास के मेडिकल स्टोर्स दवाई लेने के लिए पहुंचना पड़ रहा है। यदि सुबह एवं शाम को मेडिकल स्टोर्स खुले तो राहत मिल सके। यह समय होने से दवाई मिलने में भी किस तरह की परेशानी नहीं होगी।

किराना : गांव से व्यापारी ही सुबह 8 बजे आ रहे
लॉकडाउन में किराना की होम डिलीवरी के साथ ही ग्रामीण व्यापारियों को माल देने के लिए सुबह 6 से 11 बजे तक दुकानें खोलने के आदेश जारी किए हैं लेकिन गांव से व्यापारी सुबह 8 बजे तक बाजार में आते हैं। ऐसे में महज तीन घंटे ही कारोबार हो रहा है व भीड़ लग रही है जबकि यह समय सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक होना चाहिए। थोक किराना व्यापारी संघ के संजय पारख ने बताया दुकानें खुलने का समय सुबह 8 से दोपहर 1 बजे तक होना चाहिए।

परिवहन : कमाई 40 की और डीजल 91 रुपए का

सोशल डिस्टेंसिंग को देखते हुए जिला प्रशासन ने दो सवारी के साथ मैजिक चलाने की छूट दी है। स्टेशन से बाजना बस स्टैंड तक के 10 रुपए प्रति सवारी है। इससे दो सवारी के 20 रुपए मिलेंगे। वहीं बाजना बस स्टैंड से वापस स्टेशन तक 20 रुपए ही किराया आएगा। आने जाने का एक लीटर डीजल खर्च होता है। यानी 40 रुपए कमाई होगी और 91 रुपए का डीजल लग जाएगा। मैजिक-टेम्पो यूनियन के संरक्षक राजकुमार जैन लाला ने बताया यह फायदे का सौदा नहीं है।

ये कारोबार सवा महीने से बंद

दूध, किराना, मेडिकल स्टोर्स, फल और सब्जियों को तो लॉकडाउन में भी कारोबार की छूट मिल गई है, लेकिन सोना, चांदी, कपड़ा, साड़ी, बर्तन, इलेक्ट्राॅनिक, ऑटोमोबाइल शोरूम सहित अन्य दुकानें सवा महीने (9 अप्रैल) से बंद हैं। ऐसे में इन सेक्टर से जुड़े लोग भी अब दुकानें खोलने की मांग करने लगे हैं। व्यापारियों का कहना है कि हमने क्या बिगाड़ा है जो हमारी दुकानें सवा महीने से ज्यादा समय से बंद कर रखी हैं। जबकि अन्य दुकानें तो सवा महीने से चल रही हैं। हमें भी कारोबार की छूट दी जाए। भले ही सप्ताह में तीन दिन खोलने की छूट दी जाए।

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