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विशेष महत्व:भाद्रपद मास के अंतिम दिनों में भागवत सप्ताह शुरू, मंदिरों में कथाओं का दौर

रतलाम8 दिन पहले
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  • गणेश जी का प्रादुर्भाव इसी माह हुआ, भागवत कथा से कल्याण व मोक्ष मिलता है

भाद्रपद मास को सभी मास में सर्वोत्तम माना जाता है। यह वही मास है जिसमें श्रीकृष्ण ने जन्म प्राप्त किया था। इसी मास के तहत प्रथम पूज्य भगवान श्री गणपति जी का प्रादुर्भाव हुआ था व इसी मास के तहत ऋषियों ने कथा का श्रवण किया। भागवत-पुराण कथा को सुना व जनमानस तक मुखारविंद से प्रचार किया।

भाद्रपद मास के तहत सुनी गई भागवत कथा सभी को कल्याण व मोक्ष प्रदान करने वाली होती है। इसी कारण भाद्रपद मास में अंतिम चरण में भागवत सप्ताह मनाया जाता है। जिसके तहत जनमानस के कल्याण की कामना के साथ ही भागवत कथा का श्रवण कराया जाता है। शहर के कई मंदिरों में व धार्मिक स्थलों पर भागवत कथा हो रही है।

श्री गुजराती सेन समाज ने श्री अनंत नारायण मंदिर कोठारीवास पर भागवत कथा का आयोजन हो रहा है। भागवत कथा मंगलवार से शुरू होकर 20 सितंबर तक चलेगी। सुबह 11 से शाम 5 बजे तक कथावाचक पं. मृदुल शास्त्री कथा श्रवण करा रहे हैं।

समाजजनों ने सोमवार को श्री भागवतजी की पोथी को श्री अनंत नारायण मंदिर में विराजित कर पूजा अर्चना की। समाज के सूरजमल टांक, मांगीलाल डाबी, ओमजी देवड़ा सहित समाजजन मौजूद रहे। वहीं चांदनीचौक स्थित श्री जांगिड़ ब्राह्मण मेवाड़ मंदिर परिसर में मंगलवार से भागवत कथा शुरू हुई जो 20 सितंबर तक चलेगी।

संगीतमय भागवत कथा का वाचन पं. अनिल उपाध्याय (ईसरथुनी) द्वारा किया जा रहा। इसी तरह श्री विश्वकर्मा जांगिड़ ब्राह्मण समाज मंदिर नाहरपुरा में पंडित अभिषेक जोशी द्वारा कथा का वाचन किया जा रहा है।
बाजेड़ा में भागवत कथा के बाद शोभायात्रा निकाली

ग्राम बाजेड़ा में भागवत कथा का विश्राम मंगलवार को हुआ। कथा का वाचन मालवा के प्रसिद्ध भागवत आचार्य अर्जुन गौतम नरवल वाले द्वारा किया गया। भागवत कथा 8 सितंबर से शुरू हुई थी। जिसका विश्राम मंगलवार को होकर शोभायात्रा निकाली गई, जो पूरे गांव का भ्रमण करती हुई कथा स्थल पर पहुंची। पूरे गांव में शोभायात्रा का स्वागत किया गया। आरती के बाद प्रसादी का आयोजन किया गया। कथा का आयोजन मोहनलाल नांगल परिवार द्वारा किया गया।

भागवत से घर में समृद्धि, शांति व वैभव आता है

इस बार भाद्रपद मास में भागवत सप्ताह का आरंभ 14 सितंबर से हो रहा है, जो सोमवती पूर्णिमा 20 सितंबर तक रहेगा। भाद्रपद मास में श्रवण की गई भागवत से घर में समृद्धि, शांति, वैभव के साथ में भागवत सप्ताह भाद्रपद मास के समापन के साथ ही पितृपक्ष आरंभ होता है, जो पितरों के कल्याण की कामना के साथ में उन्हें मोक्ष पद की प्राप्ति करवाता है।
पंडित संजय शिवशंकर दवे

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