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जन्मकल्याण दिवस:पार्श्वनाथ परमात्मा का जन्मकल्याण दिवस : प्रभु की विशेष अंगरचना की

रतलाम2 महीने पहले
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शुक्रवार को जैन समुदाय के 23वें तीर्थकर पार्श्वनाथ परमात्मा का जन्मकल्याण दिवस मनाया गया। प्रभु की अंगरचना कर पूजा-अर्चना की गई। वहीं बिबड़ौद तीर्थ में सुबह से पूजन, दर्शन का लाभ समाजजनों ने लिया। पार्श्वनाथ जिनालय की मनमोहक अंगरचना की गई। चौमुखीपुल स्थित मोती पूज्य मंदिर, तेजानगर स्थित महावीरधाम, श्यामला पार्श्वनाथ भगवान गुजराती उपाश्रय, सेठजी का बाजार स्थित अजीतनाथ जी भगवान, थावरिया बाजार स्थित कबीर साहब का मंदिर, थावरिया बाजार स्थित बाबा साहब का गुगलिया परिवार मंदिर, बरगुंडों का वास स्थित शांतिनाथ मंदिर जी मंदिर, नीमवाला उपाश्रय स्थित मंदिर, कोटावाला बाग का मंदिर, काटजू नगर स्थित मृदुल धाम, करमदी रोड स्थित करमदी तीर्थ जैन मंदिरों में अंगरचना कर जन्म कल्याणक दिवस मनाया गया।

बिबड़ौद तीर्थ में डायमंड व रजत से की गई अंगरचना

अति प्राचीन बिबड़ौद तीर्थ में पार्श्वनाथ परमात्मा का जन्म कल्याणक मेला उत्सव उत्साह के साथ मनाया गया। यहां ऊपरी तल स्थित पार्श्वनाथ जिनालय की डायमंड व रजत से मनमोहक अंगरचना की गई। मंदिर के मूल नायक श्री ऋषभदेव भगवान की स्वर्ण बादला से अंगरचना रमेशचंद्र सौभाग्यमल छाजेड़ परिवार व श्री मणिभद्र देव व नाकोड़ा भैरव की साज-सज्जा चोला चांदी वर्क से किया गया। पूरे मंदिर को कृत्रिम फूलों की लड़ियों से सजाया गया। धर्मोत्तेजक महिला मंडल ने भाव विभोर होकर हरी-जरी साड़ी में पार्श्वनाथ पंच कल्याणक पूजन झांझर-डांडियों की ध्वनि में स्नात्र पूजन किया गया। जिनालय को इंद्र धनुषी विद्युत सज्जा से सजाया गया। यहां आए सभी धर्मालुजनों को श्री पार्श्वनाथ सेवा समिति द्वारा प्रसाद बांटी गई। पारसमल भंडारी ने बताया कि धर्मालुओं ने शासन की कोरोना गाइडलाइन का पालन किया।

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