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  • Case Registered In Scam Of Rs 2 Crore In Anganwadi Building Upgradation, Case Filed Against Two Project Officers And Supervisor In EOW

धोखाधड़ी उजागर:आंगनवाड़ी भवन उन्नयन में 2 करोड़ रुपए का घोटाला, दो परियोजना अधिकारी और सुपरवाइजर पर ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज

रतलामएक महीने पहले
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रतलाम जिले के सैलाना और बाजना विकासखंड में आंगनवाड़ी भवन उन्नयन घोटाला सामने आने के बाद ईओडब्ल्यू उज्जैन शाखा में तत्कालीन परियोजना अधिकारियों और बाजना की सुपरवाइजर के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया है। 2 करोड़ रुपए के इस घोटाले में 5 साल की जांच के बाद तत्कालीन परियोजना अधिकारी भारती चौहान , मुकेश वर्मा और सुपरवाइजर प्रेरणा चौहान के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है।

दरअसल रतलाम जिले के बाजना और सैलाना विकासखंड में वर्ष 2013-14 में आईसीडीएस मिशन अंतर्गत आंगनवाड़ी भवन उन्नयन के नाम पर 2 करोड़ रूपए का घोटाला उजागर हुआ था । जिसकी शिकायत 2016 में आर्थिक अपराध अनुसंधान उज्जैन में की गई थी। विकासखंडों में प्रत्येक आंगनबाड़ी केंद्र के लिए 1-1 लाख रुपए जारी किए गए थे। जिससे आंगनवाड़ी भवनों की मरम्मत, रंगाई पुताई, और बच्चों के लिए रैम्प एवम झूले लगाने थे। लेकिन भौतिक सत्यापन में कई जगह कच्चे भवनों और झोपड़ियों में आंगनवाड़ी चल रही थी। वहीं कुछ भावनाओं में केवल चित्रकारी करवा कर योजना के लाखों रुपए हजम कर लिए गए। जिसमें 5 वर्षों तक चली जांच के बाद तत्कालीन परियोजना अधिकारी भारती चौहान, मुकेश वर्मा और तत्कालीन सुपरवाइजर प्रेरणा चौहान के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में ईओडब्ल्यू में अपराध पंजीबद्ध किया गया है।

इस तरह हुआ घोटाला

वर्ष 2013-14 में एकीकृत बाल विकास योजना के तहत प्रत्येक आंगनवाड़ी के लिए 1-1 लाख रुपए जारी किए थे जिसके अंतर्गत आंगनवाड़ी भवनों की मरम्मत ,रंगाई पुताई, बच्चों के लिए रैंप बनाने एवं झूले लगाने जैसे कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर गठित समितियों के माध्यम से करवाए जाने थे लेकिन अधिकारियों ने समिति नहीं बनाते हुए बिल बना कर निर्माण कार्यो का भुगतान भी कर दिया। मामले की शिकायत होने पर भौतिक सत्यापन के लिए पहुंची टीमों को कई गांव में आंगनवाड़ी कच्चे भवन में चलती मिली। वहीं कई भवनों में केवल चित्रकारी करवा कर भवन निर्माण भी कागजों में बता दिया। वर्ष 2016 में इस घोटाले की शिकायत ईओडब्ल्यू में की गई। जहां 5 सालों तक चली जांच के बाद तत्कालीन परियोजना अधिकारी भारती चौहान, मुकेश वर्मा और तत्कालीन सुपरवाइजर प्रेरणा चौहान के विरुद्ध भ्रष्टाचार अधिनियम की धाराओं में ईओडब्ल्यू में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है।

बहरहाल 2 करोड़ रुपए के इस घोटाले में निलंबित हुए अधिकारी फिर से बहाल भी हो चुके हैं। जिसमें से भारतीय चौहान और प्रेरणा चौहान रतलाम जिले में पदस्थ हैं वही मुकेश वर्मा उज्जैन जिले में पदस्थ है। प्रकरण दर्ज होने के बाद आरोपियों कि जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी।