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अनलॉक में नाइंसाफी:शाम 7 बजे सराफा बंद होने के बाद शुरू होती है चौपाटी, 8 बजे बंद कराने आ जाती है पुलिस

रतलाम25 दिन पहले
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सराफा बाजार में रात 8 बजे दुकानें बंद कराते चीता फोर्स के जवान। - Dainik Bhaskar
सराफा बाजार में रात 8 बजे दुकानें बंद कराते चीता फोर्स के जवान।
  • सराफा शाम 7.30 बजे बंद होता, इसके बाद खाने-पीने की दुकानें लगतीं जो आधे घंटे में हो रही बंद
  • रात 8 बजे दुकानें बंद कराने के आदेश से खाने-पीने के कारोबार के 2 हजार कारोबारी परेशान

सराफा बाजार शाम 7.30 बजे बंद होता है। इसके बाद यहां खाने पीने की छोटी चौपाटी शुरू हो जाती है लेकिन रात 8 बजे दुकानें बंद करने के जिला प्रशासन के आदेश से छोटे कारोबारियों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। वजह वे सराफा बाजार बंद होने के बाद दुकान लगाते हैं कि रात 8 बजे पुलिस बंद करा देती है।

इस नियम से सराफा बाजार ही नहीं बल्कि स्टेडियम स्थित चौपाटी, गणेश देवरी, धानमंडी, राम मंदिर, त्रिपोलिया गेट, बाजना बस स्टैंड, अलकापुरी, कालिकामाता मंदिर परिसर में दुकान लगाने वाले छोटे कारोबारियों की भी यही परेशानी है। इससे वे कारोबार भी नहीं कर पा रहे हैं। जबकि इंदौर की बात करें तो इंदौर में रात 11 बजे दुकानें बंद हो रही हैं।

लेकिन रतलाम में रात 8 बजे ही दुकानें बंद हो रही है। जबकि कारोबार का समय दो घंटे बढ़ाकर रात 10 बजे किया जाए। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया छोटे दुकानदारों की दुकानें रात 8 बजे बंद कराने की शिकायत नहीं आई है। यदि कोई दुकानें रात 8 बजे बंद करा रहा है तो मुझे शिकायत करें।

छोटे दुकानदार बोल रहे-हम मजबूरी में आधा माल बना रहे ताकि खराब होने की नौबत नहीं आए

इंदौर खुल गया तो रतलाम क्यों नहीं
संयुक्त व्यापारी संघ के संजय पारख ने बताया दुकान खुलने का समय रात 8 बजे तक का ही है। जबकि इसका समय बढ़ाकर रात 10 बजे तक करना चाहिए ताकि खाने-पीने की दुकानें लगाने वाले छोटे कारोबारी काम कर सकें। रात 8 बजे का समय होने से ज्यूस, पानी पताशे सहित अन्य दुकानें तो खुल ही नहीं पा रही हैं।

जब इंदौर का बाजार रात 11 बजे तक खुल रहा है तो रतलाम का क्यों नहीं। जबकि अब तो कोरोना के केस भी कम ही आ रहे हैं। तो इसके बाद भी रात का समय क्यों नहीं बढ़ाया जा रहा है। रतलाम रात 10 बजे तक खुले।

200 रुपए की कमाई भी नहीं हो रही
सराफा बाजार में फरियाली खिचड़ी की दुकान लगाने वाले हेमंत माली ने बताया सराफा बाजार बंद होने के बाद शाम को दुकान लगाते हैं लेकिन आधे घंटे बाद ही पुलिस दुकान बंद कराने आ जाती है। 25 फीसदी ही माल बना रहे हैं। बमुश्किल 200 रुपए कमाई भी नहीं हो पा रही है।

जिला प्रशासन को समय बढ़ाना चाहिए ताकि कारोबार कर सकें। फाफड़े की गाड़ी लगाने वाले प्रदीप कसेरा ने बताया कि लॉकडाउन के बाद सभी दुकानें तो खुल गईं लेकिन हमारा कारोबार शुरू नहीं हो पाया है। इससे मजबूरी में आधा ही माल बना रहे हैं ताकि खराब ना हो। जिला प्रशासन को छोटे कारोबारियों की तो बिल्कुल भी चिंता नहीं है।

छोले टिकिया की दुकान लगान वाले ईश्वरलाल ने बताया कि लॉकडाउन खुल गया लेकिन हमारा धंधा रात का है। रात 8 बजे ही दुकानें बंद करा दी जाती हैं और फायदा नहीं हो रहा।

होटल संचालक और मैरिज गार्डन संचालकों को आखिरी चेतावनी
कलेक्टोरेट में बुधवार को कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने होटल रेस्टोरेंट संचालकों, मैरिज गार्डन संचालकों की बैठक ली। इसमें उन्होंने कहा कि बगैर अनुमति के कोई भी आयोजन होटल, मैरिज गार्डन में नहीं किए जाएं। यह आखिरी चेतावनी है। आगे यदि किसी ने बगैर अनुमति आयोजन किया तो कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

मैरिज गार्डन संचालक कोरोना स्प्रेडर नहीं बने ऐसी कार्यप्रणाली अपनाएं जिसमें संक्रमण नहीं फैले और बिजनेस भी चलता रहे। होटल मैरिज गार्डन संचालकों से जुड़े व्यक्तियों के लिए विशेष वैक्सीनेशन कैंप रखा जाएगा। यह भी ध्यान रखें कि शादी विवाह आयोजन में निर्धारित संख्या से अधिक व्यक्ति कतई शामिल ना हो। वहीं जो व्यक्ति शादी आयोजन में शामिल हो रहे हैं उनका आरटीपीसीआर टेस्ट पूर्व से कराया जाए। ऐसा काम करें जिससे बिजनेस भी चले व कोरोना ना फैले।

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