कॉलोनियों की खेती:अवैध कॉलोनी की सीमेंट-कांक्रीट सड़क को कॉलोनाइजर ने मिट्टी डालकर छिपाया

रतलामएक महीने पहले
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कॉलोनाइजर ने इस तरह हाईटेंशन लाइन के नीचे बना रखी है सीसी की चौड़ी सड़क, मिट्टी डालकर मांगरोल फंटे के सामने वाली अवैध कॉलोनी की सड़क को इस तरह छिपा दिया गया है। - Dainik Bhaskar
कॉलोनाइजर ने इस तरह हाईटेंशन लाइन के नीचे बना रखी है सीसी की चौड़ी सड़क, मिट्टी डालकर मांगरोल फंटे के सामने वाली अवैध कॉलोनी की सड़क को इस तरह छिपा दिया गया है।
  • मांगरोल फंटे पर वेयर हाउस, कॉटेज के नाम पर ऊंची कीमत पर बेचे जा रहे हैं एक-एक बीघा के प्लाॅट
  • सात और कॉलोनियों का रिकॉर्ड मंगावाया, प्रशासन जांच कर करेगा कार्रवाई

भूमाफिया पर शिकंजा कसते हुए अवैध कॉलोनियों की जांच ने एक बार फिर तेजी पकड़ ली है। शिकायतें मिलने के बाद कॉलोनी सेल ने सात और कॉलोनियों की पड़ताल शुरू कर दी हैं। सरकारी दस्तावेज चेक करने के साथ ही रिकॉर्ड मंगवाया है। जांच पूरी होने के बाद कार्रवाई होगी।

वहीं, मांगरोल फंटे के सामने अवैध कॉलोनी डवलप कर रहे भूमाफिया ने सरकारी कार्रवाई से बचने के लिए पूरी लगभग 650 मीटर लंबी सीसी की सड़क को मिट्टी डालकर छिपा दिया है। इसकी जानकारी सरकारी अमले को लग गई है। एक-दो दिन में मिट्टी हटाकर सड़क को तोड़ दिया जाएगा। कलेक्टर कुमार पुरुषोत्तम ने बताया अवैध कॉलोनियों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही हैं। सबकी जांच करवा रहे हैं, उसके बाद कार्रवाई करेंगे।

सरकारी अमले को मिला अपडेट : एक-दो दिन में मिट्टी हटाकर सड़क को तोड़ दिया जाएगा

50 बीघा में फैली मांगरोल फंटे के सामने वाली अवैध कॉलोनी की जमीन के तीन-चार मालिक है। शहर के कॉलोनाइजरों अफसरों की आंख में धूल झोंकने के लिए वेयर हाउस और कॉटेज के नाम पर एक-एक बीघा के बड़े भूखंडों बेच रहे हैं। वह भी जमीनों की मौजूदा कीमतों से लगभग दोगुना कीमत पर। पंचायत की बिना परमिशन लिए सरपंच और सचिव से सांठगांठ करके कुछ माह पहले कॉलोनाइजर ने 40 फीट चौड़ी सीमेंट कांक्रीट की सड़क बनाने के साथ अंडर ग्राउंड सीवरेज लाइन भी बिछा दी है। इसका खुलासा कुछ माह पहले पटवारी की जानकारी के बाद हुआ था। उस समय कॉलोनाइजरों ने बिना डायवर्शन किए ही सड़क बना दी थी। इसकी रिपोर्ट मिलने के बाद राजस्व अमले ने नोटिस जारी किया तो कॉलोनाइजरों ने आननफानन में डायवर्शन करा लिया, लेकिन टीएंडसीपी से परमिशन नहीं ली है।

द्वारका रेजीडेंसी और लावण्या पैलेस होटल पर भी होगा एक्शन

सैलाना रोड राम मंदिर के सामने चार माह से अधूरी पड़ी द्वारका रेजीडेंसी और सालाखेड़ी फोरलेन स्थित लावण्या पैलेस होटल पर एक्शन लेने के लिए प्रशासन ने पूरी तैयारी कर रखी है। फिलहाल मामला कोर्ट में है, इसलिए प्रशासन आगे नहीं बढ़ रहा। रेजीडेंसी का काम अगस्त से बंद है।

बिल्डर ने रेसीडेंसी के सामने वाली 8950 वर्गफीट सरकारी जमीन पर बिना परमिशन सीसी की सड़क बना दी थी। इसे लोहे की जाली से सुरक्षित करने के बाद नगर निगम, राजस्व और टीएंडसीपी परमिशन निरस्त कर चुका है। वहीं, लावण्या पैलेस होटल के मालिकों ने जमीन के नगर निगम सीमा में होने के बावजूद सालाखेड़ी पंचायत से परमिशन लेकर बिल्डिंग तान दी। इस पर होटल संचालकों को नोटिस देने के साथ ही प्रशासन ने पंचायत सचिव पर भी जांच बैठा दी है।

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