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यह डर अच्छा है:कॉलोनाइजरों ने प्रशासनिक सख्ती के आगे टेके घुटने, गाेशाला रोड पर अवैध कॉलोनी को रास्ता देने के लिए बनाई पुलिया,कॉलोनाइजरों ने अब रातोरात खुद तोड़ी

रतलाम2 महीने पहले
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गाेशाला रोड पर अवैध कॉलोनी विकसित करने सरकारी नाले पर बनाई पुलिया को तोड़ती जेसीबी। - Dainik Bhaskar
गाेशाला रोड पर अवैध कॉलोनी विकसित करने सरकारी नाले पर बनाई पुलिया को तोड़ती जेसीबी।
  • निर्माण अनुमति निरस्त करने के बाद नगर निगम ने पुलिया तोड़ने के लिए दिया था 24 घंटे का समय, मंगलवार को होने वाली थी कार्रवाई

बिना अनुमति गौशाला रोड पर अवैध कॉलोनी बना रहे कॉलोनाइजरों ने सरकारी नाले पर बनाई पुलिया को सोमवार रात खुद ही तोड़ डाला। निर्माण अनुमति नगर निगम शनिवार को ही निरस्त कर चुका है। अफसरों ने नई परमिशन 60 साल पहले बनाई पुरानी पुलिया के आधार पर दी थी। अनुमति निरस्त करने के साथ जमीन मालिक को नोटिस जारी हुआ था। इसमें पुलिया तोड़ने 24 घंटे का समय दिया था।

मंगलवार सुबह प्रशासन पुलिया तोड़ने की कार्रवाई करने वाला था। इसकी भनक लगते ही कॉलोनाइजरों ने जेसीबी से खुद रातों रात 12 फीट चौड़ी और 15 फीट लंबी सीमेंट कांक्रीट से बनाई पुलिया को तोड़ डाला। यह सब अवैध कॉलोनियों के खिलाफ प्रशासन की सख्त कार्रवाई का असर है। अब तक रुपयों के दम पर सबकुछ सेट करने का दावा करने वाले कॉलोनाइजरों ने अब घुटने टेकना शुरू कर दिया है। सिटी इंजीनियर सुरेशचंद्र व्यास ने बताया पुलिया बनाने के लिए दी परमिशन निरस्त कर चुके हैं।

6 से 10 हजार रुपए वर्गफीट में बिक रहे थे प्लॉट, खरीदारों के लाखों रुपए अटके

भूमाफियाओं की इस करतूत से तगड़े मुनाफे के चक्कर में प्लॉट का सौदा करने वाले खरीदारों के लाखों रुपए अटक गए हैं। बताया जा रहा है कि टीएंडसीपी की बगैर परमिशन के लगभग 60 हजार वर्गफीट में अवैध कॉलोनी विकसित की जा रही थी। इसके लिए कॉलोनाइजरों ने कच्चा नक्शा भी बना लिया था, जिसमें तीन आकार के 28 प्लॉट काटे गए है। घनी आबादी वाले इलाके में होने से इनमें से 10 से 12 प्लाॅट के 6 से 10 हजार रुपए वर्गफीट में सौदे भी हो चुके है। अनुमति नहीं होने से फिलहाल प्लॉटों को एंग्रीमेंट के आधार पर ही खरीदा और बेचा जा रहा है।

परमिशन से भूमाफिया को बेची जमीन
दरअसल जब निगम ने पुलिया निर्माण की परमिशन दी थी, तब जिस जमीन पर कॉलोनी विकसित की जा रही है, उसके मालिक सत्यनारायण पालीवाल थे। पालीवाल ने 1961-62 में निजी उपयोग के लिए दी पुलिया बनाने की पुरानी परमिशन के आधार पर निगम से नई पुलिया परमिशन ले ली। बताया जा रहा है अनुमति के बाद यह जमीन अतुल बाफना (हाथी) और अनिल पुरोहित नामक ज्वेलर्स व अन्य भागीदारों को बेच दी। भूमाफिया ने प्लॉटों को ऊंची कीमत पर बेचने की तिकड़म भिड़ाते हुए योजनाबद्ध तरीके से गाेशाला रोड से प्रवेश मार्ग बनाया। इसके लिए पहले रोड साइड का मकान खरीदा, उसे तोड़कर पुलिया बना दी।

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