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अस्थाई रूप से प्रभारी डीन बनाया:डॉ. दीक्षित एमजीएम इंदौर के डीन, रतलाम कॉलेज का प्रभार गांधी को

रतलाम8 महीने पहले
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रतलाम मेडिकल कॉलेज के फाउंडर डीन डॉ. संजय दीक्षित अब महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कॉलेज के डीन होंगे। उनकी जगह आरएमसी में ही पदस्थ माइक्रोबायोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. शशि गांधी को अस्थाई रूप से प्रभारी डीन बनाया गया है। मंगलवार को मप्र चिकित्सा शिक्षा विभाग ने आदेश जारी कर दिए हैं। 30 सितंबर को एमजीएम मेडिकल कॉलेज इंदौर की डीन डॉ. ज्योति बिंदल के सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. अनीता मूथा को प्रभारी बनाया गया था।

कोरोना को काबू में रखने का मिला फायदा
डॉ. दीक्षित को एमजीएम मेडिकल कॉलेज की कमान सौंपने के पीछे कोरोना काल में अप्रैल से सितंबर तक के 6 माह में संक्रमण को काबू में करने के लिए उनके द्वारा किए गए प्रयासों की काफी भूमिका रही। इंदौर कोरोना का हाॅटस्पॉट इसलिए मेडिकल कॉलेज को फूल टाइम डीन की जरूरत थी। दौड़ में कई नाम थे। उपचुनाव की आचार संहिता भी लगी हुई है। ऐसे में विशेष अप्रूवल के लिए डॉ. दीक्षित की फाइल मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंची तो सीएम ने तत्काल हस्ताक्षर कर दिए।
मई 2016 से संभाल रहे थे जिम्मेदारी
रतलाम मेडिकल कॉलेज के फाउंडर डीन डॉ. दीक्षित 13 मई 2016 से कॉलेज की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। इस दौरान उन्होंने कॉलेज की स्थापना से लेकर शुरू होने तक काफी मेहनत की। शुरुआती एक साल उनके पास इंदौर के साथ रतलाम मेडिकल कॉलेज का भी प्रभार रहा। 2017 में सरकार ने उन्हें आरएमसी की पूरी जिम्मेदारी सौंप दी थी। डीन की नियुक्ति होने तक अस्थाई रूप से प्रभारी डीन बनाई गई डॉ. गांधी भी यहां अप्रैल 2019 से पदस्थ है।

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