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ट्रांसपोर्ट कारोबार:डीजल के बढ़ते भाव के कारण अब जिसका माल उसका ही होगा हम्माल

रतलाम7 दिन पहले
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  • माल भेजने वाले व्यापारियों को लोडिंग और अनलोडिंग का उठाना होगा खर्च

हर दिन महंगे होते डीजल का असर ट्रांसपोर्ट कारोबार पर हो रहा है। भले भाड़ा नहीं बढ़ाया है, लेकिन ट्रक में ना तो माल चढ़ाएंगे और ना उतारने का खर्च वहन करेंगे। व्यापारियों को इसका खर्च उठाना पड़ेगा। यदि किसी व्यापारी को माल भेजना होता तो वह ट्रांसपोर्टरों को कॉल करता। ट्रांसपोर्टर संबंधित व्यापारी के गोदाम या फर्म वाहन भिजवाते हैं। ट्रक में माल लोड होता था। उसकी हम्माली का खर्च ट्रांसपोर्टर उठाते थे।

यह खर्च 40 से 50 रुपए टन के आसपास बैठता था। अनलोडिंग के दौरान भी यही होता था। डीजल के बढ़ते दामों को देखते हुए माल लोडिंग और अनलोडिंग के दौरान जो हम्माली लगती है उसे उन्होंने नहीं चुकाने का फैसला लिया है। अब इसका पूरा खर्च व्यापारियों को वहन करना पड़ेगा। ऐसा पहली बार होगा जब ट्रांसपोर्टर माल की लोडिंग और अनलोडिंग नहीं करेंगे। ट्रासंपोर्टरों ने शुरुआत कर दी है।

ट्रांसपोर्ट का कारोबार
शहर में ट्रांसपोर्टर - 150
वाहन - 2500
वर्तमान में डीजल के भाव - 98.65 रुपए प्रति लीटर
एक साल पहले- 78.10 रुपए प्रति लीटर

ट्रांसपोर्टर ना माल उतारेंगे ना चढ़ाएंगे
ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर रतलाम ट्रांसपोर्ट ऑपरेटर एसोसिएशन के संयुक्त तत्वाधान में बैठक हुई। ट्रांसपोर्टरों का कहना था डीजल महंगा हो रहा है। जिसका माल उसका हम्माल नियम लागू करने का फैसला लिया।

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस आरटीओ एंड ट्रेफिक चेयरमैन प्रदीप छिपानी, मप्र वेस्ट जोन वॉइस प्रेसिडेंट विजय कालरा, रतलाम संगठन के पदाधिकारी वीरेंद्र श्रीमाल, अब्दुल रशीद दायमा, भारत अरोड़ा रईस खान, ओमप्रकाश चितरोडे, संजय गोधा, मुकेश जैन, धन्नालाल जैन, आशीष मांडोत, महेश सोमानी, रितेश छिपानी, राजकुमार संचेती, वहीद खान, गौतम जैन, रमेश शर्मा, पवन आर्य, शैतान सिंह गुर्जर, राजेश विनायक सहित ट्रांसपोर्टर ने चर्चा कर फैसला लिया।

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