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पूजा-प्रार्थना में जुटे धर्मालु:बरबड़ हनुमान मंदिर पर कोरोना महामारी के खात्मे के लिए किया पांच दिनी मारुति यज्ञ

रतलामएक महीने पहले
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अभिमंत्रित जल का छिड़काव करते हुए। इनसेट-बरबड़ स्थित बालाजी महाराज। - Dainik Bhaskar
अभिमंत्रित जल का छिड़काव करते हुए। इनसेट-बरबड़ स्थित बालाजी महाराज।
  • बरबड़ व आस-पास के क्षेत्रों में ट्रैक्टर से अभिषेक के जल का छिड़काव भी किया

कोरोना महामारी के बचाव के लिए लोग अपने-अपने स्तर पर जतन कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में घरों से निकलकर खेत पर जाकर भोजन बना रहे हैं और गांव के बार विराजित देवी-देवता व बजरंग बली के मंदिरों में हवन कर अभिमंत्रित जल का छिड़काव किया जा रहा है। वहीं शहर में भी घर-घर में पूजा-पाठ, अनुष्ठान, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड, हवन व दुआएं की जा रही है। वहीं बरबड़ स्थित धर्मस्थल पर बालाजी महाराज का पांच दिनी मारुति यज्ञ किया गया। यज्ञ की पूर्णाहुति पर किए गए अभिषेक के जल का बरबड़ सहित आस-पास के क्षेत्रों में छिड़काव किया।

बरबड़ हनुमान मंदिर पर बरबड़ क्षेत्रवासियों सहित बरबड़ हनुमान मंदिर समिति द्वारा पांच दिनी मारुति यज्ञ किया। मंत्रोच्चारण के साथ पंडितों के सान्निध्य में क्षेत्रवासियों व समिति के पदाधिकारियों तथा सदस्यों ने बारी-बारी से यज्ञ में आहुतियां देकर कोरोना महामारी के खात्मे को लेकर प्रार्थना की। हवन की पूर्णाहुति पर बालाजी महाराज का अभिषक कर अभिमंत्रित जल को ट्रैक्टर के माध्यम से ग्राम बरबड़ सहित आस-पास के क्षेत्रों में ट्रैक्टर के माध्यम से छिड़काव किया। सभी की आस्था का केंद्र बरबड़ हनुमान मंदिर पर हुए धार्मिक कार्यक्रम में शामिल हुए व आहुतियां देते हुए कोरोना महामारी के खात्मे की प्रार्थना करने के साथ ही पाठ व जाप भी किए।

सराफा व्यापारियों ने त्रिवेणी तट पर किया हवन

कोराना महामारी से मुक्ति को लेकर चांदनीचौक के व्यापारियों ने त्रिवेणी तट स्थित नवग्रह प्रतिमाओं का पूजन कर हवन में आहुतियां दीं। नवग्रह देवताओं की प्रतिमा का विधि-विधान से पूजन व महाआरती कर कोरोना संक्रमण को पूरी तरह खत्म करने प्रार्थना की। सराफा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया वातावरण की शुद्धि के लिए यज्ञ, हवन और भक्ति का सहारा ही एकमात्र उपाय है। प्रत्येक व्यक्ति हवन करें तो वायरस को हवा से पूरी तरह खत्म किया जा सकता है। संसार के अंदर हम सभी जी रहे हैं पर सब का जीना एक जैसा नहीं है।

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