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विरोध मुखर:जेवरों पर 2% जीएसटी बढ़ाने के प्रस्ताव पर रोष, सराफा व्यापारी बोले-सरकार को सराफा बाजार ही क्यों नजर आता है

रतलामएक महीने पहले
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  • मध्यप्रदेश सराफा एसोसिएशन संघर्ष समिति ने जताया विरोध, आगे भी जारी रहेगा प्रदर्शन

जेवर पर जीएसटी बढ़ाने का प्रस्ताव है। सोने एवं चांदी के जेवर पर अभी तीन फीसदी जीएसटी लगता है। इसे बढ़ाकर पांच फीसदी करने का प्रस्ताव है। सराफा व्यापारी इस प्रस्ताव के विरोध में आ गए हैं। उनका कहना है टैक्स के लिए हर बार सरकार को सराफा बाजार ही क्यों नजर आता है।

जीएसटी फिटमेंट कमेटी ने जेवरों पर दो फीसदी जीएसटी बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है जो इस महीने लागू होना संभावित है। अभी शादियों का सीजन चल रहा है। ऐसे में जीएसटी बढ़ता है तो लोगों पर भार पड़ेगा और उन्हें महंगे जेवर खरीदना पड़ेंगे। मप्र सराफा एसोसिएशन संघर्ष समिति इसके विरोध में है। समिति के झमक भरगट, विशाल डांगी, कीर्ति बडज़ात्या ने बताया सोने और चांदी पर जीएसटी दो फीसदी बढ़ाने के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध करते हैं। क्योंकि सोना और चांदी लोग इसलिए खरीदते हैं ताकि यह बुरे वक्त में काम आ सके।

इस पर लगातार टैक्स बढ़ाया जा रहा है। वैट के समय सोने और चांदी पर 1 फीसदी टैक्स लगता था। जीएसटी लागू होने के बाद इसे तीन फीसदी किया और अब पांच फीसदी की तैयारी है। इससे ज्वैलरी महंगी होगी। ग्राहकों को ज्यादा राशि चुकाना होगी और इससे महंगाई बढ़ेगी।

सरकार को हर बार सराफा बाजार ही क्यों नजर आता है। पहले हाॅलमार्क लागू किया, इसके बाद एचयूआईडी और अब जीएसटी बढ़ाने को लेकर भी सरकार को ज्वैलर ही नजर आ रहे हैं। इससे इस प्रस्ताव को वापस लिया जाए ताकि कारोबार तो चल सके साथ ही ग्राहकों पर भी भार ना पड़े।

दस लाख रुपए रोजाना अतिरिक्त चुकाना होंगे
सराफा बाजार शहर का प्रमुख बाजार है। सोने की शुद्धता के चलते यहां आसपास से बड़ी संख्या में ग्राहक ज्वैलरी खरीदने रोज आते हैं। 5 करोड़ रुपए का कारोबार रोजाना होता है। अभी सोने और चांदी की ज्वैलरी पर तीन फीसदी जीएसटी है। ग्राहकों को 15 लाख रुपए जीएसटी चुकाना पड़ रहा है। यदि ज्वैलरी पर जीएसटी पांच फीसदी किया जाता है तो 25 लाख रुपए का जीएसटी लगेगा। यानी वर्तमान की तुलना में दस लाख रुपए ज्यादा चुकाना होंगे। दस लाख रुपए रोज का भार ग्राहकों पर पड़ेगा।

चार साल में तीसरी बार होगा टैक्स स्लैब में बदलाव
चार साल में टैक्स स्लैब में तीसरी बार बदलाव होगा। 2017 तक सोने और चांदी की ज्वैलरी पर एक फीसदी वैट टैक्स लगता था। 2017 में इस पर जीएसटी लागू किया। जो अब तक तीन फीसदी है। अब टैक्स में फिर बदलाव किया जा रहा है और जीएसटी पांच फीसदी किया जा रहा है।

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