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राधाष्टमी महोत्सव:भगवान श्रीकृष्ण को पाना है तो राधा-रानी को संतुष्ट करें

रतलाम2 दिन पहले
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राधाष्टमी के प्रसंग पर आयोजित धर्मसभा में मौजूद श्रद्धालुजन। - Dainik Bhaskar
राधाष्टमी के प्रसंग पर आयोजित धर्मसभा में मौजूद श्रद्धालुजन।
  • अभयचैतन्यदास जी ने कहा-कलयुग में चैतन्य महाप्रभु के रूप में राधा-रानी एक साथ आए

भगवान श्रीकृष्ण को पाना है तो राधा-रानी को संतुष्ट करना होगा। राधा-रानी संतुष्ट हो जाएंगे तो भगवान कृष्ण को पाने का रास्ता आसान हो जाएगा। जिस प्रकार हमें पिता से कुछ भी प्राप्त करना होता है तो हम मां के जरिए अपनी बात पहुंचाते हैं, इससे हमें हमारी आवश्यकता वाली सामग्री आसानी से मिल जाती है।

उसी प्रकार राधारानी को संतुष्ट करने पर हमें भगवान श्रीकृष्ण मिल सकते हैं। यह बात अभयचैतन्यदास जी (इंदौर) ने कही। शहर के इस्कॉन केंद्र द्वारा मंगलवार को श्रीराधाअष्टमी महोत्सव पर आयोजित धर्मसभा में कहा कि द्वापर में राधा-कृष्ण अलग-अलग आए थे लेकिन कलयुग में चैतन्य महाप्रभु के रूप में एक साथ आए थे।

कलयुग में राधा-कृष्ण का नाम चल रहा है। चैतन्य महाप्रभु के रूप में राधा-कृष्ण हरिनाम का भक्ति आंदोलन शुरू किया गया है। उन्होंने प्रवचन के माध्यम से राधा-रानी के बारे में बताया। कस्तूरबा नगर में हुए धार्मिक कार्यक्रम में भगवान श्री राधा-कृष्ण का पंचामृत, फलों के रस व पवित्र नदियों के जल से अभिषेक किया जाकर मनमोहक शृंगार किया।

भगवान को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग लगाकर महाआरती की गई। इस अवसर पर भजन-कीर्तन भी हुए।

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