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  • On The Orders Of Left And Right, The Shops Of The City Were Opened But The Small And Handcart Businessmen Were Forgotten.

ये गलत है:लेफ्ट और राइट के आदेश पर शहर की दुकानें तो खुल गईं लेकिन छोटे और ठेले पर कारोबार करने वालों को भूल गए

रतलाम6 दिन पहले
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  • छोटे व्यापारियों और ठेले पर कारोबार करने वालों की मांग
  • हम दो महीने से घर में बैठे हैं - आर्थिक परेशानी से जूझ रहे हैं प्रशासन कारोबार की इजाजत दें

बाजार में भीड़ ना बढ़े इसके लिए जिला प्रशासन ने एक दिन लेफ्ट साइड और दूसरे दिन राइट साइड की दुकान खोलने के आदेश जारी किए हैं। इस आदेश पर शहर की दुकानें खुल गई हैं लेकिन जिला प्रशासन हमें भूल गया है। इससे आज भी हम घर में ही बैठे हैं और अपना कारोबार शुरू नहीं कर पा रहे हैं। स्थिति यह हो गई है कि अब हमें घर का खर्च भी उधार लेकर चलाना पड़ रहा है। इससे हमें भी अपना कारोबार शुरू करने की अनुमति दी जाए। यह कहना है शहर के उन छोटे कारोबारियों का जो सड़क किनारे दुकानें लगाकर कारोबार करते हैं। कोई ठेले पर कारोबार करता है तो कोई शहर की गलियों में घूमकर कारोबार कर अपना घर चलाता है। लेकिन 9 अप्रैल से ही कारोबार बंद है। अब आय का कोई साधन भी इन व्यापारियों के पास नहीं बचा है। ऐसे कारोबारियों की संख्या 2 हजार है। ऐसे में इन कारोबारियों ने भी कारोबार की अनुमति की मांग की है।

खमण फाफड़ा के व्यापारी प्रदीप कसेरा ने बताया शहर में ठेला लगाने वाले, पानी पतासे वाले और गलियों में घूमकर कारोबार करने वाले करीब दो हजार छोटे व्यापारी हैं जो दो महीने से घर बैठे हैं। लेकिन प्रशासन हमारी सुध नहीं ले रहा है। आखिर कब तक हम उधार लेकर खाएंगे। लॉकडाउन में भी हम घर में बैठे रहे।

जबकि लॉकडाउन में बड़े कारोबारियों की दुकानें खुली मिलीं। प्रशासन यह सोचता है कि हमारा कारोबार धड़ल्ले से चल रहा हैं तो मैं प्रशासन को एक बात बता दूं कि प्रशासन का एक भी अधिकारी यह बताए कि लॉकडाउन में उसने किस ठेले पर कारोबार करने वाले का चालान बनाया। हम तो लॉकडाउन में भी घर में ही बैठे रहे।

हम कब तक परीक्षा दें
साबूदाना की खिचड़ी की गाड़ी लगाने वाले हेमंत माली ने बताया जिला प्रशासन आखिर कब तक हमारी परीक्षा लेगा। अब तो हमें कारोबार की छूट मिलना चाहिए। ठेले पर प्लास्टिक और स्टील के आयटम बेचने वाले बबलू कसेरा ने बताया हम तो लॉकडाउन में भी घर में बैठे हैं। इसकी सजा हमें दी जा रही है और हमें कारोबार करने की अनुमति नहीं दी जा रही है।

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