विरोध शुरू:4 साल में कई वस्तुओं के भाव दोगुना हुए, ई वे बिल लिमिट वही

रतलाम2 महीने पहले
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  • पहले 11 आइटम पर लगता था, अब किराना, कपड़े, सीमेंट सहित 30 नई वस्तुओं को शामिल करने से 41 वस्तुओं पर लग रहा

ई वे बिल चार साल पहले 2017 से लागू हुआ है। 50 हजार रुपए या इससे ज्यादा का माल एक जिले से दूसरे जिले में भेजने पर ई वे बिल लगता है। माल भेजने वाले कारोबारी को जीएसटी विभाग के पोर्टल पर इसे अपलोड करना होता है, लेकिन यदि हम चार साल में बढ़ी महंगाई की बात करें तो कई वस्तुओं के दाम दोगुना हो गए हैं।

ई वे बिल की लिमिट अभी भी 50 हजार रुपए है। कीमत के आधार पर ई वे बिल लागू होने से एक जिले से दूसरे जिले में माल भेजने पर माल तो कम जा रहा है कम माल भेजने के बाद व्यापारियों को ई वे बिल जीएसटी पोर्टल पर अपलोड करना पड़ रहा है। सरकार ने ई वे बिल की लिमिट नहीं बढ़ाई बल्कि 30 नई वस्तुओं को ई वे बिल के दायरे में ले लिया है। पहले जहां ई वे बिल महज 11 आयटम पर लगता था। अब किराना, कपड़े, सीमेंट सहित 30 नई वस्तुओं को शामिल करने पर ई वे बिल अब 41 वस्तुओं पर लगना शुरू हो गया है।

अभी तक इन वस्तुओं के लिए ही जरूरी था ई वे बिल- पान मसाला, कंफेशनरी, प्लायवुड लेमिनेटेड शीट, लोहा एवं इस्पात, खाद्य तेल, ऑटो पार्ट्स, सिगरेट तंबाकू व तंबाकू के उत्पाद, इलेक्ट्रिक गुड्स, इलेक्ट्रॉनिक गुड्स, फर्नीचर, लुब्रिकेंट, टाइल्स, सिरेमिक गुड्स, सिरेमिक ब्लॉक और सिरेमिक पाइप।

अब इन वस्तुओं पर भी लागू होगा

किराना, कपड़े, रेडीमेड गारमेंट, ऑयल सीड्स, पेंट व पुट्टी, शकर की रिफाइनरी से प्राप्त मोलासिस, सुपारी व इससे बनी वस्तुएं, माउथ फ्रेशनर्स एवं इसी प्रकार की अन्य वस्तुएं, मिनरल वाटर, चॉकलेट व कोको युक्त सभी फूड प्रिपरेशन, क्लॉथिंग एसेसरीज, सभी प्रकार के वाहन। उनके पार्ट्स व एसेसरीज, रबर व इससे बनी वस्तुएं, सभी धातुओं का स्क्रैप, बर्तन, सीमेंट. मार्बल व ग्रेनाइट, कॉपर ब्रॉस एवं उनके प्रोडक्ट्स, एल्युमीनियम एवं उनके प्रोडक्ट, निकल व उसके प्रोडक्ट, नॉन एल्कोहलिक ब्रेवरीज जैसे कोल्ड ड्रिंक्स, पटाखे एवं विस्फोटक, क्रॉकरी, कॉस्मेटिक एवं टॉयलेट ऑर्टिकल, हार्डवेयर गुड्स, प्लास्टिक व इसके आर्टिकल, पैकिंग मटेरियल व रस्सियां, सैनेटरी गुड्स, पेस्टिसाइड्स, कोयला, पेट्रोलियम प्रोडक्ट, डामर, इमल्शन, बॉयोडीजल, ड्राय फ्रूट्स।

ई वे बिल लिमिट 50 हजार से बढ़ाकर 5 लाख की जाए

संयुक्त व्यापारी संघ के संजय पारख ने बताया ई वे बिल अव्यवहारिक है। इसके बाद भी सरकार ने 30 नई वस्तुओं पर इसे लागू कर दिया है। इससे कारोबार में तो दिक्कत बढ़ जाएगी। चार साल में ई वे बिल की लिमिट नहीं बढ़ाई गई। 50 हजार रुपए में बहुत कम सामान आता है। इसकी सीमा बढ़ाकर पांच लाख रुपए की जाए।

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