दोस्त बनकर ठगी:11.71 लाख की ठगी के बाद युवती ने खुद को बताया कोरोना से मृत

रतलाम6 महीने पहले
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युवती को फरियादी करणी सेना नेता ने ब्लड देकर की थी मदद - Dainik Bhaskar
युवती को फरियादी करणी सेना नेता ने ब्लड देकर की थी मदद
  • अस्पताल में एंबुलेंस अटैच करने के नाम पर की धोखाधड़ी
  • युवती को फरियादी करणी सेना नेता ने ब्लड देकर की थी मदद

ब्लड की जरूरत पड़ने पर करीब 9 महीने पहले करणी सेना के नेता ने मोहन नगर निवासी युवती की मदद की। दोस्ती होने के बाद उसी युवती ने खुद को मेडिकल कॉलेज की नर्स बताकर दो एम्बुलेंस अटैच करवाने के नाम पर 11,71,890 रुपए का चूना लगा दिया। इंदौर से एम्बुलेंस लाने के लिए 25 अप्रैल को युवक ने फोन लगाया तो मोबाइल अटैंड करने वाले ने कोरोना से युवती की मौत होना बताया।

युवक ने जानकारी निकाली तो पता चला कि न तो वह मेडिकल कॉलेज में काम करती है न ही उसकी मौत हुई है। इसके बाद फरियादी करणी सेना के नेता ने औद्योगिक क्षेत्र थाने में शिकायत की है।

धुंधड़का (मंदसौर) निवासी चंद्रपालसिंह सिसौदिया ने बताया वे करणी सेना में सक्रिय हैं। करीब 9 महीने पहले ब्लड की जरूरत पड़ने पर आयुषी की मदद की थी। मोहन नगर में शादी के कार्यक्रम में वही युवती मिली तो उसने खुद को मेडिकल काॅलेज की नर्स बताया और कहा अस्पताल में दो एम्बुलेंस की जरूरत है।

हाईकोर्ट और आरटीओ से एम्बुलेंस पास करवानी पड़ेगी। 23 दिसंबर 2020 को उसे फाइल चार्ज के 28,600 रुपए दिए। 9 जनवरी को ग्राम आक्या आकर दो एम्बुलेंस का डाउन पेमेंट 6,19,590 रुपए ले गई। आयुषी ने बताया कॉलेज के कोर्ट संबंधित काम मोहित गोयल देखते हैं। फीस तथा खर्च के उन्हें 40,200 रुपए देना होंगे। चंद्रपालसिंह ने आयुषी को ऑनलाइन भुगतान किए। इसके बाद स्टांप और कोर्ट ड्यूटी के नाम पर 1,29,400 रुपए फोन-पे से तथा 15 जनवरी को आरटीओ खर्च के 1,25,500 रुपए दिए। आयुषी को एम्बुलेंस की तीन किस्तों के 76,200-76,200 रुपए भी भुगतान किए।

मेडिकल कॉलेज डीन ने बताई नर्स की असलियत

चंद्रपालसिंह ने बताया रुपए जमा होने के बाद 25 अप्रैल को एम्बुलेंस वाहन लेने इंदौर जाना था। इंदौर से वाहन लाने के लिए आयुषी को फोन लगाया तो अटैंड करने वाले ने बताया कोरोना से आयुषी की मौत हो गई है। चंद्रपालसिंह ने पास रहने वाले दोस्त से पूछा तो उसने बताया आयुषी घर पर ही है। धोखाधड़ी की शंका में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. गुप्ता से बात की तो उन्होंने बताया इस नाम को कोई नर्स उनके अस्पताल और कॉलेज में नहीं है। धोखाधड़ी की जानकारी होने पर चंद्रपालसिंह ने औद्योगिक क्षेत्र थाने और एसपी गौरव तिवारी को शिकायत की है।

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