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ऋषि राज थल सेना में:बचपन से थल सेना में जाने का था लक्ष्य, नाना के किस्साें ने दी दिशा

रतलाम24 दिन पहले
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चैक की शर्ट में ऋषि राजसिंह पंवार छोटे भाई व माता-पिता के साथ। - Dainik Bhaskar
चैक की शर्ट में ऋषि राजसिंह पंवार छोटे भाई व माता-पिता के साथ।
  • ऋषि राज थल सेना में लेफ्टिनेंट पद पर चयनित

बचपन से भारतीय थल सेना में जाने का लक्ष्य रखते हुए मेहनत करने वाले ऋषिराज सिंह पंवार को आखिरकार सफलता मिल ही गई। रतलाम में पढ़ाई के बाद मैकेनिकल लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी पंजाब से बीटेक के बाद एसएसबी में मैकेनिकल में टॉप 10 रैंक हासिल की व थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित हुए हैं। टेलीफोन नगर निवासी ऋषि राजसिंह पंवार ने सेंट जोसफ काॅन्वेंट स्कूल में पढ़ाई पूरी कर 2017 में बीटेक किया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने के साथ ही अन्य परीक्षाएं भी देते रहे। 2019 में रेलवे इंजीनियर की पहली परीक्षा पास करने के बाद दूसरी परीक्षा नहीं दी। उनका यही लक्ष्य था कि वे भारतीय थल सेना में जाएं।

इसके बाद उसी दौरान रिलांयस विजिलेंस ऑफिसर के लिए भी चयनित हो गए थे। मुंबई जाने के लिए तैयारी करने के साथ ही रिजर्वेशन करवाया था। अंतिम समय में उन्हाेंने मुंबई जाने का फैसला बदल दिया। भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर चयनित होने के साथ ही शनिवार को उन्होंने चेन्नई के ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी में शपथ ग्रहण की।

सेना में जाने का मन बचपन से ही बना लिया था
ऋषिराजसिंह पंवार के नाना गोविंदसिंह चौहान निवासी बेटमा भी भारती थल सेना में थे। उन्हें देखकर ही ऋषि राजसिंह को देशसेवा का जज्बा पैदा हुआ। बचपन से ही वह नाना से बातें कर इस ओर जाने के लिए मार्गदर्शन लेता रहता था। दो साल पहले ही नाना का निधन हुआ है। ऋषि राजसिंह के पिता महिपालसिंह पंवार ने बताया उनका ननिहाल रतलाम में होने के कारण वे बचपन से ही यहीं रहे।

पढ़ाई करने के बाद 1998 से स्कूल यूनिफॉर्म व्यवसाय कर रहे हैं। उन्होंने बताया बेटे ऋषि राजसिंह को इस मुकाम तक पहुंचाने के लिए कई लोगों से उधार रुपए भी लिए हैं। छोटा बेटा अपूर्व वेश सिंह पंवार बीकॉम कर रहा है। अपूर्व वेश सिंह की उपलब्धि पर पिता, भाई व मां हेमंत पंवार सहित ईष्ट मित्रों ने हर्ष व्यक्त किया।

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