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यात्री चुका रहे मनमाना किराया:लगातार बढ़ रही ट्रेनों की आवाजाही, फिर भी प्री पेड बूथ नहीं

रतलाम5 दिन पहले
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  • कोरोना के कारण ट्रेनें बंद होने के बाद से ही बंद हैं रेलवे स्टेशन के बाहर बना प्री पेड बूथ

पेट्राेल-डीजल के भाव में बढ़ोतरी का दे रहे हवाला
कोरोना संक्रमण कम होने के बाद ट्रेनों का संचालन अब शुरू हो गया है और लगातार यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है लेकिन रेलवे स्टेशन के बाहर प्री पेड बूथ अब तक शुरू नहीं हो पाया है। ऐसे में यात्री मनचाहा किराया चुकाने को मजबूर हैं।

ट्रेन से रतलाम आने वाले यात्रियों को घर तक पहुंचने के लिए ऑटो का किराया ज्यादा ना चुकाना पड़े। इसके लिए स्टेशन के बाहर प्री पेड बूथ बना रखा है। यहां दो रुपए की पर्ची कटाकर ट्रैफिक पुलिस द्वारा निर्धारित किराये के आधार पर शहर में कहीं भी पहुंचा जा सकता है।

कोरोना के पहले तक तो यह प्री पेड बूथ चल रहा था लेकिन कोरोना के कारण लगे लॉकडाउन से ट्रेनें बंद हुईं तो यह भी बंद हो गया। अब जबकि ट्रेनों का संचालन शुरू हो गया है तो भी प्री पेड बूथ बंद हैं। इससे अब बगैर प्री पेड बूथ के रेलवे स्टेशन से ऑटो का संचालन हो रहा है। ऐसे में यात्रियों को मनमाना किराया चुकाना पड़ रहा है। इससे रोजाना यात्री ऑटो चालकों की ठगी का शिकार हो रहे हैं।

चांदनी चौक के 80 रुपए, बाजना बस स्टैंड का 100 रुपए

प्री पेड बूथ शुरू नहीं होने से यात्री रोज ठगा रहे हैं। स्टेशन से चांदनी चौक के 80 रुपए तो बस स्टैंड तक का 100 रुपए किराया वसूला जा रहा है। टाटा नगर निवासी रोहित सोनी ने बताया कि वे रेलवे स्टेशन से बाजना बस स्टैंड तक आए तो उनसे 100 रुपए लिए।

बोला तो जवाब मिला पेट्रोल महंगा हो रहा है। इससे किराया बढ़ा दिया है। इतने रुपए ही लगेंगे। इससे 100 रुपए किराया चुकाना पड़ा। इसी तरह राजेश जैन से चांदनी चौक तक के 80 रुपए लिए गए। वे स्टेशन से चांदनी चौक पहुंचे तो 80 रुपए ऑटो किराया लगा।

प्री पेड बूथ चालू किया जाए नहीं चालू कर सकते तो मीटर से ऑटो का संचालन किया जाए : मैजिक टेम्पो यूनियन के संरक्षक राजकुमार जैन लाला ने बताया कि रेलवे स्टेशन ही नहीं बल्कि शहर के सभी बस स्टैंडों पर भी प्री पेड बूथ होना चाहिए ताकि यात्रियों से ज्यादा किराया ना वसूला जा सके।

यदि प्रशासन प्री पेड बूथ नहीं शुरू कर सकता है तो मीटर के जरिए ऑटो का संचालन हो ताकि यात्रियों को ज्यादा किराया ना चुकाना पड़े। इससे यात्रियों को ही नहीं बल्कि ऑटो चालकों को भी फायदा होगा। इससे ऑटो चालकों की रेपुटेशन बनी रहेगी।

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