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कोरोना संक्रमण का कहर:रीवा जिले में मई के सात दिनों में आए 2279 पॉजिटिव केस, शहर की अपेक्षा गांव में बढ़ी संक्रमण की रफ्तार, दो गुना मिल रहे मरीज

रीवाएक महीने पहले
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कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में शामिल जिले के आला अधिकारी। - Dainik Bhaskar
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में शामिल जिले के आला अधिकारी।
  • शुक्रवार को 313 नए मरीज आए सामने, अभी भी जिले में 2799 एक्टिव केस

देश प्रदेश में जानलेवा हो चुका कोरोना वायरस रीवा जिले में कहर बरपा रहा है। यहां हर दिन औसतन तीन सैकड़ा के आसपास पॉजिटिव केस सामने आ रहे हैं। शुक्रवार को एक बार फिर 313 नए मरीज मिले हैं, जबकि ​एक्टिव केसों की संख्या 2799 पहुंच चुकी है। वहीं, 1 मई से 7 मई के बीच अब तक 2279 संक्रमित सामने आ चुके हैं। हालांकि इन दिनों संक्रमण शहर को छोड़ गांवों में तेजी से फैल रहा है। तराई और पहाड़ी क्षेत्रों में रोजाना दो गुना मरीज मिल रहे है।

शुक्रवार को 1457 जांच में 313 पॉजिटिव आए हैं। जो आरटीपीसीआर के 871 सैंपल में 244 तो एंटीजन के 586 सैंपल में 69 नए संक्रमित मिले हैं। इनमें रीवा अर्बन में 119, गोविंदगढ़ में 15, नईगढ़ी में 4, गंगेव में 15, रायपुर कर्चुलियान में 34, मउगंज में 23, हनुमना में 22, जवा में 7, त्योंथर में 34 तो सिरमौर में 40 पॉजिटिव आए हैं।

2799 एक्टिव केस
सीएमएचओ डॉ. एमएल गुप्ता ने बताया कि जिलेभर में कुल एक्टिव केसों की संख्या 2799 है। जबकि 7 मई को 69 संक्रमित स्वस्थ होकर घर जा चुके हैं। अभी तक 13063 कुल पॉजिटिव केस आ चुके हैं। जहां स्वस्थ्य होकर घर जाने वालों की संख्या 10203 है। हालांकि सरकारी रिकार्डों में अभी तक महज 61 मौतें ही हुई हैं। वहीं, मृत्यु के नए प्रकरण 2 आए हैं।

मई माह में आए केस
1 मई 346
2 मई 339
3 मई 330
4 मई 341
5 मई 301
6 मई 309
7 मई 313

कुल केस 2279
(स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी कोरोना रिपोर्ट के आधार पर)

एक सदस्य के आयुष्मान कार्ड से पूरे परिवार को मिलेगी सुविधा
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गरीब तथा मध्यम वर्गीय कोरोना पीडि़त रोगियों के निजी अस्पतालों में बेहतर उपचार के निर्देश दिये है। इसके परिपालन के लिये मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना लागू की गई है। इस योजना के तहत निजी अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड धारी कोरोना पीडि़तों के उपचार के लिये आकर्षक पैकेज दिया जा रहा है। यदि एक व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड है तो उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी प्रमाणीकरण के बाद कोरोना उपचार की सुविधा मिलेगी।

खाद्यान्न पर्ची और समग्र आईडी से होगा प्रमाणीकरण
कलेक्टर डॉ. इलैयाराजा टी ने बताया कि मुख्यमंत्री कोविड उपचार योजना के तहत यदि एक व्यक्ति के पास आयुष्मान कार्ड है तो उसे परिवार के अन्य सदस्य को भी आयुष्मान योजना से उपचार की सुविधा दी जायेगी। इसके लिये पीडि़त को खाद्यान्न पर्ची अथवा समग्र आईडी प्रस्तुत करना होगा। जिसके आधार पर यह प्रमाणित किया जायेगा कि पीडि़त व्यक्ति आयुष्मान कार्डधारी परिवार का सदस्य है। इसके अलावा यदि गजटेड आफीसर भी प्रमाणित करता है कि पीडि़त व्यक्ति के परिवार के सदस्य के पास आयुष्मान कार्ड है तो उसे भी निजी अस्पतालों में आयुष्मान से उपचार की सुविधा मिलेगी।

भर्ती होने के बाद भी बन जाएगा आयुष्मान कार्ड
कोरोना पीडि़त के निजी अस्पताल में भर्ती होते ही उसके आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया शुरू की जायेगी और दो दिनों में उसे दे दिया जायेगा। जिससे अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय अपना आयुष्मान कार्ड अस्पताल को दिखा सके। इसके आधार पर निजी अस्पताल रोगी के उपचार के बिलों को भुगातन के लिये स्वास्थ्य विभाग को प्रस्तुत करेंगे। बिल का तीन दिन की समय सीमा में भुगतान सुनिश्चित किया जायेगा। रीवा जिले के लिये अपर कलेक्टर इला तिवारी को इस योजना का नोडल अधिकारी बनाया गया है।

विशेष जांचों के लिये 5 हजार का पैकेज
कलेक्टर ने बताया कि इस योजना के तहत आयुष्मान कार्डधारी प्रत्येक व्यक्ति को सीटी स्कैन, एमआरआई आदि विशेष जांचों के लिये 5 हजार रूपये प्रति कार्डधारी राशि का प्रावधान किया गया है। निजी अस्पतालों को तीन माह की अवधि के लिये आयुष्मान योजना से संबद्ध करते हुए कोविड रोगियों के उपचार के लिये शासन द्वारा निजी अस्पतालों को आकर्षक पैकेज दिया जा रहा है। इसमें आयुष्मान योजना के पुराने पैकेज में लगभ 40 प्रतिशत वृद्धि कर कोविड रोगियों के उपचार के लिये नवीन पैकेज तैयार किया गया है।

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