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APS यूनिवर्सिटी में 9वां दीक्षांत समारोह:राज्यपाल के हाथों डिग्री पाकर छात्रों के खिले चेहरे, 64 को गोल्ड मेडल तो 80 छात्रों को मिली उपाधि

रीवा5 महीने पहले
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अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा का 9वां दीक्षांत समारोह पंडित शंभूनाथ शुक्ला सभागार में आयोजित किया गया है। मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करने आए मध्यप्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति मंगू भाई पटेल के हाथों डिग्री पाकर छात्रों के ​चेहरे खुशी से खिल खिला उठे। कुलाधिपति ने दीक्षांत समारोह में 80 सफल विद्यार्थियों को डिग्री प्रदान की।

जबकि 64 विद्यार्थियों को उत्कृष्ट सफलताओं के लिए गोल्ड मेडल दिया। इस दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की वार्षिक पत्रिका दीक्षा तथा शोध पत्रिका विन्ध्य भारती का विमोचन किया। समारोह में कुलाधिपति के साथ उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव, मुख्य वक्ता के रूप भारतीय शिक्षण मंडल के अखिल भारतीय संगठन मंत्री मुकुल कनिटकर मौजूद रहे।

दीक्षांत समारोह जीवन के उद्देश्यों का अवसर: राज्यपाल
राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह जीवन के उद्देश्यों के संकल्प का अवसर है। प्राचीन ग्रंथों में कहा गया है कि व्यक्ति जन्म से नहीं अपने कर्मों से श्रेष्ठ बनता है। विद्यार्थी को ज्ञान का मार्ग बनाने के लिए आचार्य तथा गुरू दोनों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। भगवान भी जब इस धरती पर अवतार लेते हैं तो उन्हें गुरू से ज्ञान प्राप्त करना होता है। इसीलिए गुरू को ईश्वर के समकक्ष माना गया है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उच्च शिक्षा की नई नीति लागू की है। नई शिक्षा नीति देश को ज्ञान की महाशक्ति बनाएगी।

नई शिक्षा नीति को तत्परता से लागू: उच्च शिक्षा मंत्री
उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कई विद्यार्थियों ने शिक्षा तथा अन्य क्षेत्रों में अपना विशेष स्थान बनाया है। विश्वविद्यालय ने प्रधानमंत्री की नई शिक्षा नीति को तत्परता से लागू किया है। कोरोना संकट के कठिन कालों में भी यहां पठन-पाठन और परीक्षाएं संचालित हुई। उन्होंने विद्यार्थियों को अपनी बौद्धिक क्षमता से स्वयं तथा देश का नाम रोशन करने की शुभकामनाएं दी।

कठिन परीक्षा के बाद ही सफलता मिलती है: मुकुल कानिटकर
समारोह में मुख्य वक्ता मुकुल कानिटकर ने कहा कि प्रतिस्पर्धा और संघर्ष के बाद ही आनंद की प्राप्ति होती है। विद्यार्थी को कठिन परीक्षा से गुजरने के बाद ही सफलता मिलती है। हमें सफल के साथ-साथ सार्थक बनना चाहिए। हमारे जीवन का जब उद्देश्य स्पष्ट होगा तभी हमारा जीवन सार्थक बनेगा। अपने जीवन के लक्ष्यों का विचार करके इसे देश के ध्येय से जोड़कर लक्ष्य पूर्ति का प्रयास करें। दीक्षांत सही अर्थों में संकल्प का अवसर है।

परंपरागत रूप से राज्यपाल का हुआ स्वागत
समारोह से पहले परंपरागत रूप से शोभायात्रा निकाली गई। कुलपति राजकुमार आचार्य ने अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने वार्षिक गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत कर अतिथियों को शॉल, श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह भेटकर सम्मानित किया। संचालन कुलसचिव डॉ. सुरेन्द्र सिंह ने किया। समारोह में छत्रसाल विश्वविद्यालय छतरपुर के कुलपति डॉ. टीआर थापक, कलेक्टर इलैयाराजा टी, एसपी नवनीत भसीन, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय सिंह, प्राध्यापकगण, गणमान्य नागरिक और विद्यार्थी उपस्थित रहे।

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