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कोरोना पॉजिटिव कैदी ने तोड़ा दम:रीवा केन्द्रीय जेल में बिगड़ी एक कैदी की तबियत, जेल प्रबंधन अस्पताल लेकर पहुंचा तो हो गई मौत, परिजनों ने मचाया बवाल

रीवा6 महीने पहले
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परिजनों को समझाइश देते तहसीलदार - Dainik Bhaskar
परिजनों को समझाइश देते तहसीलदार
  • डेड बॉडी लेने के लिए परिजनों ने संजय गांधी अस्पताल में किया हंगामा, अमहिया पुलिस ने तीन घंटे चले ड्रामे के बाद समझाइश देकर लौटाया

शहर के संजय गांधी अस्पताल में एक कोरोना पॉजिटिव कैदी की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा किया है। यहां रीवा केन्द्रीय जेल में गुरुवार की दोपहर करीब 12 बजे कैदी की तबियत बिगड़ने पर जेल प्रबंधन अस्पताल लेकर पहुंचा। जहां इलाज शुरु करने से पहले उसकी मौत हो गई। वहीं विचाराधीन कैदी के मृत होने के बाद आई जांच रिपोर्ट में वह कोरोना संक्रमित आया था। ऐसे में जेल प्रबंधन और अमहिया पुलिस ने परिजनों को सूचना दी।

जानकारी के बाद पहुंचे परिवार के सदस्य शव लेने के लिए अड़ गए। उनकी मांग थी कि डेड बॉडी परिजनों को दी जाए। जबकि प्रोटोकाल के मुताबिक कोरोना संक्रमित का अंतिम संस्कार जिला प्रशासन की मौजूदगी में होना चाहिए। इसी बात को लेकर दोपहर एक बजे से लेकर 4 बजे तक परिजन हंगामा करते रहे। काफी समझाइश के बाद शाम तक परिजन जिला प्रशासन की बात मानें तब कहीं जाकर हंगामा शांत हुआ।

ये है मामला

अमहिया थाना प्रभारी उपनिरीक्षक शिवा अग्रवाल ने बताया कि मथुरा प्रसाद साकेत पिता रामसजीवन साकेत उम्र 35 वर्ष निवासी गोरगांव थाना रायपुर कुर्चलियान को 25 अप्रैल को धारा 327 के तहत अड़ीबाजी और मारपीट के मामले में पुलिस ने गिरफ्तार कर केन्द्रीय जेल रीवा भेज दिया था। जहां उसकी तबियत लगातार बिगड़ रही थी। ऐसे में गुरुवार को जेल अस्पताल से प्राथमिक उपचार के बाद दोपहर एक बजे संजय गांधी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। चिकित्सकों ने जैसे ही मथुरा का इलाज शुरू किया। वैसे ही उसकी मौत हो गई।

शव की मांग को लेकर हंगामा
विचाराधीन कैदी की मौत के बाद जेल प्रबंधन, अस्पताल प्रबंधन और अमहिया पुलिस ने अपने अपने स्तर से सूचना भेजवाई। मौत की खबर मिलते ही आनन फानन में परिवार के सदस्य अस्पताल पहुंचकर मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। उन्होंने रायपुर कुर्चुलियान पुलिस और जेल पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए पहले पीएम की मांग की। लेकिन जब अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मृतक कैदी की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। ऐसे में शव की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। विरोध का सिलसिला एक बजे से चालू होकर करीब 4 बजे तक चलता रहा। तब जिला प्रशासन की ओर से तहसीलदार आरपी त्रिपाठी को बुलाया गया। जिन्होंने समझाइश देकर मृतक कैदी के परिजनों को वापस घर लौटा दिया है।