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BJP विधायक का मौन धरना केस:प्रभारी मंत्री के फोन के बाद मऊगंज विधायक ने तोड़ा था मौन व्रत, 67 मांगे अधूरी, 2 जून तक दिया अल्टीमेटम

रीवा6 महीने पहले
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मांगों का ज्ञापन देखते रीवा भाजपा जिला अध्यक्ष अजय सिंह। - Dainik Bhaskar
मांगों का ज्ञापन देखते रीवा भाजपा जिला अध्यक्ष अजय सिंह।
  • अधीक्षण यंत्री कार्यालय में धरना देने का मामला, भाजपा जिला अध्यक्ष अजय सिंह पहुंचे थे रात 10.30 बजे मनाने

मऊगंज विधानसभा क्षेत्र की विद्युत समस्याओं को लेकर बीते दिन अधीक्षण यंत्री कार्यालय में मौन धरना देने वाले विधायक प्रदीप पटेल को देर रात करीब 10.30 बजे मौन व्रत टूट गया है। बताया गया कि प्रभारी मंत्री रामखेलावन पटेल के कहने पर भाजपा जिला अध्यक्ष अजय सिंह मनाने पहुंचे। जहां विद्युत विभाग के अधिकारियों व जिला प्रशासन के जिम्मेदारों के समक्ष 67 आवेदनों के निराकरण की मांग की गई। साथ ही बिजली अधिकारियों को तीन दिन यानी कि 2 जून तक का समय दिया गया। फिर भी अगर विधायक की बात नहीं सुनी जाती तो बड़ा आंदोलन प्रदर्शन हो सकता है।

मऊगंज MLA का मौन धरना:BJP विधायक अपनी ही सरकार के नौकरशाहों से परेशान, बिजली विभाग की समस्या को लेकर अधीक्षण यंत्री कार्यालय में दिया धरना

बता दें कि भाजपा विधायक प्रदीप पटेल अपनी ही सरकार के नौकरशाहों से परेशान होकर रीवा स्थित अधीक्षण यंत्री कार्यालय में 12 बजे पहुंचे। जहां वे मऊगंज कस्बा की केवल व क्षेत्र के बिगड़े हुए ट्रांसफॉर्मर को सुधारवाने संबंधित 67 आवेदन सौंपे। पहले तो विधायक अधीक्षण यंत्री से कुर्सी में बैठकर वार्तालाप करते रहे, लेकिन 1 बजे अधिकारी खाना खाने का बहाना कर कार्यालय से चले गए। जो रात तक भी लौटकर नहीं आए। ऐसे में विधायक ने अपने चार पहिया वाहन में रखा गद्दा और तकिया निकलवाया फर्स पर बिछाकर रेस्ट करने लगे। कुछ देर बाद वे किसी भी जनप्रति​निधि और अधिकारियों से फोन पर बात करना ही बंद कर दी। ऐसे में सोशल मीडिया पर विधायक के मौन धरने की खबर चलने लगी।

अधीक्षण यंत्री कार्यालय से बाहर निलते विधायक।
अधीक्षण यंत्री कार्यालय से बाहर निलते विधायक।

अकेले ही बैठे रहे साढ़े दस घंटे
आरोप है कि जब अधीक्षण यंत्री का फोन मऊगंज एई नहीं रिसीव किए तो धीरे से बहाना बनाकर निकल गए। ऐसे में शनिवार की दोपहर 12 बजे से 10.30 बजे तक मौन धरना चलता रहा। इस बीच में सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते रहे। इसीलिए वे मीडिया से भी बात नहीं किए। शाम होते ही ​कलेक्टर से लेकर प्रभारी मंत्री ने फोन किया तो वे मौन होने के कारण किसी से बात नहीं किय। विधायक का कहना है कि बीते सात दिन पहले मैं अपनी मांगों का ज्ञापन दिया था। तब सात दिन में समस्या हल करने का समय मांगा गया था, लेकिन सात दिन बाद भी जब हल नहीं निकला तो वे शनिवार को दोपहर फिर अधीक्षण यंत्री के पास पहुंच गए थे।

67 आवेदनों के निराकरण की मांग
विधायक ने देर रात मौन व्रत तोड़ने के बाद मीडिया से रूबरू हुए। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि मऊगंज के ग्रामीण क्षेत्र में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चौपट है। जगह जगह केवल टूटी हुई है। शिकायत के बाद भी अधिकारी नहीं सुन रहे है। वहीं पुरानी लाइने छतिग्रस्त है, विद्युत पोल टूटकर हादसे का आमंत्रण दे रहे है। ऐसे में एक बार बिजली जाने पर लंबे समय तक के लिए अंधकार हो जाता है। बारिश से पहले किसानों के खेतों में लगे जले ट्रांसफॉर्मर नहीं बदल रहे हैं। विधायक होने के नाते जनता हमारे पास न आए ​तो किसके पास जाए। विद्युत की करीब 67 शिकायतों पर अमल नहीं किया गया है।

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