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विंध्य में डेंगू की दस्तक:रीवा में अस्पतालों में बढ़ी डेंगू मरीजों की संख्या, 8 माह में 17 और 15 दिन में 12 मरीज आए सामने, 2 लोगों ने इलाज के दौरान तोड़ा दम

रीवाएक दिन पहले
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कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच विंध्य में डेंगू ने दस्तक दी है। रीवा के संजय गांधी हॉस्पिटल और बिछिया अस्पताल में बड़ी संख्या में डेंगू के मरीज भर्ती हैं। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ.ज्ञानेश मिश्रा ने बताया कि जिले में लगातार मरीजों की संख्या बढ़ रही है। 8 माह में डेंगू के 17 मरीज मिले थे। केवल सितंबर में 15 दिन के अंदर 12 मरीज मिल चुके हैं। वहीं अबतक डेंगू से दो लोगों की मौत हो चुकी है।

ऐसे में डेंगू नियंत्रण को लेकर 15 सितम्बर से जिले में महाअभियान चलाया जा रहा है। कलेक्टर ने बताया कि प्रत्येक घर में लार्वा स्प्रे, फागिंग और जल भराव हटाने के लिए दल गठित किए हैं। आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, पंचायतकर्मी, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, नॉन मेडिकल असिस्टेंट, मलेरिया निरीक्षक, व्हीबीडी टेक्निकल सुपर वाइजर की टीम गठित कर अभियान में शामिल किया गया है।

निगमायुक्त ने ली बैठक
डेंगू पर प्रहार अभियान को लेकर निगमायुक्त मृणाल मीना ने जोनल अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी और सभी वार्ड दरोगा की बैठक ली। इस बैठक में यह निर्देशित किया गया कि जल भराव स्थलों को चिन्हित कर दवाओं का छिड़काव किया जाए। निगमायुक्त ने कहा कि हमें खुद भी इससे बचाव करना है। बैठक में अधीक्षण यंत्री शैलेंद्र शुक्ला, सहायक नोडल अधिकारी एसके चतुर्वेदी, कार्यपालन यंत्री राजेश सिंह, कार्यपालन यंत्री ओपी शुक्ला, सहायक यंत्री राजेश मिश्रा, समेत चारों जोनों के सीएसआई और वार्ड दरोगा मौजूद रहे।

दवा का छिड़काव
डेंगू से बचाव एवं नियंत्रण के लिए निगम कर्मचारियों द्वारा शहर के पाण्डेन टोला, रानीतालाब, सब्जी मंडी एवं रानीगंज क्षेत्र में मैलाथियान दवा का पोर्टेबल पम्पो द्वारा फॉगिंग कराया गया। साथ ही शहर के सभी वार्डों की नालियों में ब्लिचिंग पाउडर का छिड़काव कराया। बुधवार से विशेष अभियान शुरू की गई है। जिसमें जनता को जागरुक करने पर पूरा जोर है।

इस तरह करें बचाव

  • किसी भी स्थान पर जल जमा नहीं होने दें।
  • लार्वा नियंत्रण के लिए टेमीफोस 50 प्रतिशत का घोल, बीटीआई पाउडर, बीटीआई लिक्विड जैसे रसायन का उपयोग करें।
  • प्रभावित क्षेत्रों में दावा का छिड़काव किया जाए।
  • डेंगू से बचाव के लिए पूरी बांह के कपड़े पहने।
  • एलएल आइएल मच्छरदानी का उपयोग करें।
  • बुखार के मरीज अपनी जांच अवश्य कराएं।
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