रीवा में रिश्वतखोर डॉक्टर गिरफ्तार:मारपीट मामले में मेडिकल रिपोर्ट बनाने के लिए मांगा था 20 हजार, दो बार में पहले 5-5 हजार ले चुका था; 10 हजार लेते क्लीनिक से लोकायुक्त ने पकड़ा

रीवाएक वर्ष पहले
पुलिस हिरासत में डॉक्टर अलख प्रकाश सिंह।

रीवा लोकायुक्त की टीम ने संजय गांधी स्मृति हास्पिटल के प्रभारी CMO डॉक्टर अलख प्रकाश को 10 हजार रुपए की रिश्वत गिरफ्तार किया है। वह अपनी क्लीनिक पर ही घूस ले रहा था। डॉक्टर ने मारपीट के मामले में MLC (Medico legal cases) यानि मेडिकल रिपोर्ट बनाने के लिए 20 हजार रुपए मांगा था। उसने पहले ही 5-5 हजार रुपए दो बार लिए थे। 10 हजार रुपए के लिए वह दबाव बना रहा था।

लोकायुक्त SP राजेन्द्र कुमार वर्मा ने बताया कि रामपुर कर्चुलियान तहसील के 165 गोरगांव निवासी अमित तिवारी (26) ने कुछ दिन पहले अलख प्रकाश सिंह की शिकायत की थी। अमित तिवारी ने कहा कि मारपीट में उसके सिर पर गंभीर चोट आई है। यह बात MLC में जिक्र करने के लिए डॉक्टर अपने अटेंडर रणजीत अग्निहोत्री के माध्यम 20 हजार रुपए की रकम मांग रहे हैं।

अमित ने बताया कि अलख प्रकाश ने पहले 5000 रुपए ले चुके है। फिर कुछ दिन बाद सत्यापन के दिन आरोपी डॉक्टर ने बातचीत करते समय फिर से 5 हजार ले लिए। अब 10 हजार के लिए फिर परेशान कर रहे हैं। ऐसे में जब SP ने शिकायत की गोपनीय जांच कराई गई तो आरोपों को सही पाया गया। इसके बाद ट्रैपिंग के लिए गुरुवार का दिन तय किया गया।

सिरमौर चौराहा में स्थित है क्लीनिक
डॉ. अलख प्रकाश सिंह का क्लीनिक सिरमौर चौराहा​ स्थित तानसेन कॉम्प्लेक्स में है। गुरुवार दोपहर 12.30 बजे अटेंडर रणजीत अग्निहोत्री के माध्यम से 10 हजार की रिश्वत लेते अलख सिंह को लोकायुक्त ने पकड़ लिया। इसके बाद लोकायुक्त की टीम अलख सिंह को संजय गांधी स्मृति हास्पिटल के CMO कार्यालय स्थित आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी के कक्ष पर ले गए, जहां से MLC जब्त की गई।

लोकायुक्त टीम ने क्लीनिक में जमाया डेरा
लोकायुक्त SP ने कहा कि दूसरी टीम क्लीनिक में डेरा जमाए है। अलख प्रकाश सिंह का मूल पद मेडिकल आफिसर है। अन्य चिकित्सकों की गैर मौजूदगी में CMO पद पर बीच-बीच उनकी ड्यूटी लगती थी। यहां आकस्मिक चिकित्सा विभाग में MLC बनाने के चक्कर में लालच में वह बैठता है।

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