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पहली बार 10 छात्राओं को मिला एडमिशन:MP के रीवा में बेटियों के लिए खुले सैनिक स्कूल में प्रवेश के द्वार, विधानसभा अध्यक्ष ने किया कन्या छात्रावास का लोकार्पण

रीवा12 दिन पहले
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उदघाटन करते विस अध्यक्ष व प्राचार्य कर्नल राजेश वेदा। - Dainik Bhaskar
उदघाटन करते विस अध्यक्ष व प्राचार्य कर्नल राजेश वेदा।

मध्य प्रदेश के इकलौते सैनिक स्कूल रीवा में अब बेटियों के लिए प्रवेश के द्वार खुल गए है। यहां बीते दिन विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने सैनिक स्कूल परिसर में कन्या छात्रावास का लोकार्पण किया। हास्टल के उदघाटन से जहां बॉयज की भांति अब गर्ल्स को भोजन के साथ रूकने की समुचित व्यवस्था की गई है। वहीं पहली बार सैनिक स्कूल में बेटियों को प्रवेश दिया गया है। सत्र 2021-22 के लिए 10 छात्राओं का एडमिशन भी हो चुका है।

विंध्य क्षेत्र के लिए गर्व की बात
लोकार्पण के समय विस अध्यक्ष ने कहा कि सैनिक स्कूल पूरे विन्ध्य क्षेत्र का गौरव है। इस संस्था ने देश को कई बहादुर और सफल सेना अधिकारी दिये हैं। सैनिक स्कूल में पहली बार बेटियों को शिक्षा के लिये अवसर दिया जा रहा है। यहां रीवा शहर ही नहीं बल्कि दूर-दराज गांव की बेटियों ने भी प्रवेश लिया है।

उदघाटन के बाद डायरी में अपने विचार लिखकर यादगार बनाते विस अध्यक्ष।
उदघाटन के बाद डायरी में अपने विचार लिखकर यादगार बनाते विस अध्यक्ष।

देश की सेनाओं में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा
विस अध्यक्ष ने आगे कहा कि अब हमारे क्षेत्र की बेटियों को सैनिक स्कूल में शिक्षा ग्रहण करके देश की सेनाओं में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा। ऐसे में प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को सैनिक स्कूल में प्रवेश से नया आयाम मिलेगा। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने सैनिक स्कूल परिसर में शहीद स्मारक में पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों का नमन किया।

22 सैनिक स्कूलों में छात्राओं को मिला प्रवेश
सैनिक स्कूल के प्राचार्य कर्नल राजेश वेदा ने बताया कि देश के 22 सैनिक स्कूलों में इस वर्ष बेटियों को भी प्रवेश की सुविधा दी जा रही है। इनके लिये अलग से छात्रावास बनाया गया है। इसमें बेटियों को बालकों के ही समान भोजन, आवास तथा अन्य सुविधायें दी जा रही हैं।

1962 में हुई थी रीवा में सैनिक की स्थापना
गौरलतब है कि रीवा शहर में सैनिक स्कूल की स्थापना 1962 में हुई थी। इस वर्ष सैनिक स्कूल में बेटियों को प्रवेश देकर ऐतिहासिक कदम उठाया है। बेटियां हर क्षेत्र में बेटों के समान आगे बढ़ रही हैं। उन्हें सैनिक स्कूल के माध्यम से भारतीय सेनाओं में प्रवेश के अवसर मिलेंगे। इस अवसर पर सैनिक स्कूल के अधिकारी, शिक्षकगण तथा जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।

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