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जबलपुर हाईकोर्ट की दखलंदाजी के बाद निर्णय:नर्सिंग एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन आंदोलन 8वें दिन खत्म, न्यायालय के आदेश के बाद 8 जुलाई से कार्य करेंगी नर्से

रीवा24 दिन पहले
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आंदोलन बंद होने के बाद खुशी मनाती नर्सेस। - Dainik Bhaskar
आंदोलन बंद होने के बाद खुशी मनाती नर्सेस।
  • कोविड को देखते अति आवश्यक सेवाएं हो रही प्रभावित: हाईकोर्ट

प्रदेश भर में चल रहा नर्सिंग एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन आंदोलन 8वें दिन खत्म हो गया है। बताया गया कि जबलपुर हाईकोर्ट की दखलंदाजी के बाद 8 जुलाई से सभी नर्से अपने-अपने कार्य स्थल पर काम करेंगी। रीवा नर्स एसोसिएशन की जिला अध्यक्ष अंबिका तिवारी ने बताया कि प्रदेश अध्यक्ष रेखा परमार के निर्देश पर हड़ताल को वापस ले लिया गया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने समस्त नर्सेस बहनों और भाइयों को धन्यवाद ज्ञापित किया है। साथ ही अपील जारी करते हुए कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश का हम सब सम्मान करते है। ऐसे में गुरुवार से अपनी ड्यूटी पर रहेंगे। हम इसी तहर अपनी एकता को मजबूत करेंगे। ताकि आने वाले समय में यदि सरकार बात नहीं मानती तो फिर आंदोलन के लिए मुखर होंगे।

क्या कहा हाईकोर्ट ने
बुधवार के दिन दोनों पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट ने निर्णय दिया है कि कोविड को देखते अति आवश्यक सेवाएं प्रभावित नहीं की जा सकती है। ऐसे में तुरंत प्रदेशभर की नर्से अपने काम पर लौट जाएं। साथ ही हाईकोर्ट ने निर्देश दिए है कि नर्सिंग एसोसिएशन की मांगों को लेकर एक कमेटी बनाई जाएगी। जिसमे शासन प्रशासन से लेकर नर्सिंग एसोसिएशन की सदस्यों को 60 दिन के अंदर विचार विमर्श कर सरकार को रिपोर्ट सौंपनी होगी। फिर सरकार के लोगों को 30 दिन के भीतर मांगों के संबंध में निर्णय लेना होगा। ऐसे में 90 दिन के अंदर हल निकालकर हाईकोर्ट को कापी भेजनी होगी।

इन 10 मांगों को मानना होगा सरकार को
1. अन्य राज्यों की भांति नर्सों को सेकेंड ग्रेड का दर्जा दिया जाए।
2. पुरानी पेंशन योजना लागू करें।
3. कोरोना काल में शहीद हुई नर्से एवं उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। 15 अगस्त को कोरोना योद्धा अवॉर्ड से सम्मानित करें।
4. शासन स्तर की सभी घोषणाओं को अमल करें।
5. 2018 में आर्दश भर्ती नियम को संशोधन करें।
6. प्रतिनियुक्ती समाप्तकर स्थानांतरण की प्रकिया चालू करें।
7. कोरोनाकाल में अस्थाई रूप से भर्ती की गई नर्सों को नियमित करें।
8. मध्यप्रदेश में कार्यरत नर्से को एक ही विभाग में सामान्य कार्य का समान वेतन दिया जाए।
9. वर्षों से रूकी पदोन्नत को शुरू करें। साथ ही अन्य राज्यों की भांति पद नाम परिवर्तित किया जाए।
10. मेल नर्सों की भर्ती में सामानता का अधिकार दिया जाए।

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