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टोंस विद्युत परियोजना के पानी का दोहरा उपयोग:जिले में बिजली उत्पादन के व्यर्थ पानी से होगी हनुमना और मऊगंज के पहाड़ी क्षेत्रों की सिंचाई, जल संसाधन ने बनाया प्रस्ताव

रीवा10 महीने पहले
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  • अभी यूपी की गंगा नदी में मिल जाता है 700 एमपीएम पानी, अब असिंचित गांवों में लिफ्ट कर पहुंचाएंगे जल

जिले के टोंस परियोजना सिरमौर में विद्युत उत्पादन में लगने वाले पानी का अब दोहरा उपयोग होगा। अभी तक बिजली उत्पादन के बाद उत्तर प्रदेश की ओर 700 एमपीएम पानी व्यर्थ में बह जाता था। ऐसे में स्थानीय विधायकों द्वारा तैयार किए गए प्रपोजल के बाद जल संसाधन विभाग ने पानी के सही उपयोग का प्रस्ताव तैयार किया है।

इसके तहत मऊगंज और हनुमना तहसील के पहाड़ी क्षेत्रों के असिंचित गांवों को पानी दार बनाने की तैयारी है। सूत्रों की मानें तो मऊगंज और हनुमना माइक्रो एरिगेशन प्रोजेक्ट में प्रारंभिक स्तर पर काम शुरू हो चुका है। विभाग अब इसका डीपीआर बनाने की तैयारी कर रहा है।

बता दें, बाणसागर से छोड़े गए पानी से टोंस विद्युत परियोजना सिरमौर में बिजली का उत्पादन करने के बाद 700 एमसीएम (मिलियन घन मीटर) पानी टमस के माध्यम से गंगा नदी में मिलता है। इसके बाद यही पानी फिर बंगाल की खाड़ी में गिरकर समुद्र में मिल जाता है। जबकि बिजली उत्पादन के बाद जितना पानी उप्र जा रहा है।

उससे 2 लाख हेक्टेयर से ज्यादा रकबे में सिंचाई हो सकती है। ऐसे में जल संसाधन विभाग अब इसी पानी का दोहरा उपयोग करेगा। दावा है कि मऊगंज और हनुमना के 650 गांवों में 88 हजार हेक्टेयर सिंचाई इसी पानी से हो सकती है। जिसकी योजना तैयार कर राज्य सरकार को प्रपोजल भेजा गया है।

लिफ्ट कर खेत तक पहुंचाया जाएगा
बताया गया, मऊगंज और हनुमना अंचल के असिंचित गांवों में बाणसागर का पानी पहुंचाने योजना का स्वरूप बना है। इसके अनुसार टोंस परियोजना में बिजली उत्पादन के बाद पानी लिफ्ट कर पहाड़ के ऊपर शाहपुर गांव तक ले जाया जाएगा। इसी पानी को हनुमना के कैलाशपुर गांव के सबसे ऊपरी हिस्से में टंकी का निर्माण होगा। इसके बाद पाइप लाइनों के जरिए पानी खेतों तक पहुंचाया जाएगा। फिर इसी पानी से पहाड़ी अंचल के गांवों में सिंचाई की जाएगी।

100 करोड़ से उपर का प्रोजेक्ट
उत्तर प्रदेश की ओर व्यर्थ में जा रहे पानी का उपयोग प्रारंभिक तौर पर सिंचाई और पीने में किया जाएगा। जिसकी लागत 100 करोड़ से उपर की आंकी गई है। फिर माइक्रो एरिगेशन प्रोजेक्ट अंतर्गत हर घर में नल योजना पर काम किया जाएगा। हालांकि राज्य सरकार भी हर घर में नल योजना पर काम कर रही है। वहीं सिंचाई के बाद बचने वाले पानी का उपयोग बांध, जलाशय और तालाबों को भरने में लिया जाएगा।

मऊगंज विधायक ने दिया प्रस्ताव
मऊगंज और हनुमना तहसील के असिंचित क्षेत्र को बाणसागर के पानी से सिंचित करने वाले प्रोजेक्ट से सभी विधायक सहमत हैं। विधायकों का मानना है कि बाणसागर से जुड़ी परियोजना मऊगंज और हनुमना के 650 गांव को सिंचित करेगा। बताया गया है कि मऊगंज विधायक ने प्रस्ताव मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को सौंप दिया है। जिस पर शासन ने भी इस प्रोजेक्ट में रुचि दिखाई है। ऐसे में जल संसाधन विभाग के जिम्मेदार मैदानी अमले से पूरी जानकारी एकत्र कर खाका तैयार कर रहे हैं।

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