रीवा में रिटायर्ड सैनिक का जज्बा:3 साल से गांव-गांव घूमकर करा रहे सेना में भर्ती की तैयारी, पहले बैच से 20 लोग आर्मी जॉइन कर चुके

रीवा2 महीने पहलेलेखक: सुरेश मिश्रा

मिलिए रीवा के इस रिटायर्ड सैनिक दिवाकर द्विवेदी से, जिसने 15 गांवों के युवाओं की तकदीर बदल दी। उन्होंने युवाओं में न सिर्फ देशभक्ति का जज्बा पैदा किया, बल्कि उन्हें पूरी तरह तैयार कर सेना में भर्ती करवा दिया। दिवाकर के पहले ही बैच के 20 युवा आर्मी में सिलेक्ट हो गए हैं। अब उनका टारगेट 100 युवाओं को सेना में भर्ती कराना है।

2018 में सेना से रिटायर्ड होने के बाद दिवाकर अपने गांव आ गए हैं और इन दिनों आसपास के गांव-गांव घूमकर युवाओं का भविष्य संवारने के लिए समर्पित हैं। नशे की गिरफ्त में जा रहे युवाओं में देशभक्ति का जज्बा पैदा करने के लिए 15 गांवों और आधा दर्जन स्टेडियमों में सुबह से लेकर शाम तक ट्रेनिंग देते हैं। युवाओं में जोश भरते हुए देशभक्ति की कहानियां सुनाते हैं।

युवाओं का गांव में ट्रेनिंग देते दिवाकर द्विवेदी।
युवाओं का गांव में ट्रेनिंग देते दिवाकर द्विवेदी।

दिवाकर द्विवेदी (39) ग्रेजुएशन पूरा करने के बाद मार्च 2002 में आर्मी में भर्ती होकर देश सेवा में चले गए। 16 साल तक आर्मी में ड्यूटी के दौरान ​कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक सेवाएं दीं। सितंबर 2018 में रिटायर होने के बाद दिवाकर गांव वापस आ गए। कुछ दिनों बाद रीवा जिले के युवाओं को सेना में भर्ती कराने की जिम्मेदारी उठा ली।

तीसरी पीढ़ी कर रही देश सेवा
दिवाकर ने दैनिक भास्कर को बताया कि उनके दादाजी रामप्रकाश दुबे भी सेना में सेवाएं दे चुके हैं। कैप्टन के रूप में आर्मी में सेवा देने वाले दादाजी से ही देशभक्ति की प्रेरणा मिली। वहीं, दिवाकर के पिता त्रिवेणी प्रसाद द्विवेदी पुलिस विभाग में प्रधान आरक्षक से सेवानिवृत्त हुए हैं। बचपन में दादाजी की प्रेरणा व स्कूल के दिनों में पिता से देशभक्ति का ककहरा दिवाकर ने सीखा है। स्कूल के दिनों में ही दादाजी ने लक्ष्य दिया था कि सेना में जाकर भारत मां की रक्षा करना है।

तिरंगा यात्रा में शामिल गांव के युवा।
तिरंगा यात्रा में शामिल गांव के युवा।

इन गांवों व स्टेडियम में चलता है प्रशिक्षण
पूर्व सैनिक ने बताया कि वर्तमान में बहुरी बांध, मनकहरी, बम्हौरी, हर्दी, सांव, बीणा, सुकवार, सेमरिहा, करहिया, पैपखरा, मुकुंदपुर, मनगवां, पुरैनी, जेरूका, ओढकी, गोविंदगढ़ मिलाकर 15 गांवों के युवा उनसे प्रशिक्षण ले रहे हैं। वहीं, शहर के एजी कॉलेज, रफड़ी ग्राउंड, इंजीनियर कॉलेज स्टेडियम, टीआरएस कॉलेज स्टेडियम, एपीएस स्टेडियम में शहरी युवा आर्मी में जाने के गुर सीख रहे हैं।

पूर्व सैनिक को धन्यवाद ज्ञापित करता ट्रेनिंग से आया जवान।
पूर्व सैनिक को धन्यवाद ज्ञापित करता ट्रेनिंग से आया जवान।

गांव आने पर निकलती है तिरंगा यात्रा
दिवाकर द्विवेदी का मानना है कि ग्रामीण युवाओं में देश के प्रति जज्बा पैदा करने के लिए समय-समय पर गांव में तिरंगा यात्रा निकालते हैं। वहीं, सेना में भर्ती होने वाले 20 युवा अब ट्रेनिंग पूरी कर गांव लौटते हैं। जब ये युवा गांव की सीमा में पहुंचते हैं, तब स्वागत में डीजे के साथ तिरंगा यात्रा निकाली जाती है। बीणा गांव के अमर वर्मा जब ट्रेनिंग पूरी कर लौटे, तो सफलता का पूरा श्रेय पूर्व सैनिक दिवाकर द्विवेदी को दिया। अमर वर्मा ने कहा कि दिवाकर सर ने जो जोश भरा और तैयारी कराई, उसकी बदौलत ही यह संभव हो पाया।

500 युवा ले रहे ट्रेनिंग
विभिन्न गांवों में चल रहे ट्रेनिंग कैंपों में वर्तमान में 500 युवा दिवाकर से ट्रेनिंग ले रहे हैं। अब दिवाकर का लक्ष्य है कि अगली भर्ती में कम से कम 100 युवा सेना में जाएं। सेवानिवृत्त होने के कुछ ही महीनों के प्रयास में युवाओं की तैयारी कराकर सेना भर्ती में शामिल कराने के जो परिणाम सामने आए, उससे और ज्यादा उत्साह लोगों में फैला है। 20 युवाओं का चयन होने से खुद ही लोग संपर्क करने लगे हैं। दिवाकर इन युवाओं को फिटनेस के लिए अभ्यास कराते हैं।

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