जूडा हड़ताल का दूसरा दिन:रीवा श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में पीजी के छात्रों ने कैंडल जलाकर जताया विरोध

रीवा2 महीने पहले
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  • भोपाल में चिकित्सा शिक्षा मंत्री को सौंपा गया ज्ञापन

रीवा श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में जूनियर डॉक्टर्स ने हड़ताल के दूसरे दिन शाम को कैंपस में कैंडल जलाकर विरोध जताया है। जूडा एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. हृदेश दीक्षित ने बताया कि मंगलवार को ओपीडी व वैकल्पिक सेवाओं के साथ रूटीन सर्विस जूनियर डॉक्टर्स ने बंद कर रखी है। वहीं भोपाल में प्रदेश संगठन ने चिकित्सा शिक्षा मंत्री विश्वास सारंग को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में कहा है कि एक सप्ताह के अंदर निर्णय लिया जाए।

गौरतलब है कि नीट पीजी-2021 की काउंसिलिंग में देरी के चलते मरीजों के इलाज का पूरा भार अब 2020 बैच पर आ रहा है। वर्ष 2018 का बैच पढ़ाई कर जा चुका है। वहीं वर्ष 2019 बैच की परीक्षाएं भी कुछ माह बाद हो जाएगी। ऐसे में सिर्फ 2020 के 75 जूनियर डॉक्टर्स रीवा श्याम शाह मेडिकल कॉलेज में पीजी के छात्र बचेंगे। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की आशंकाओं के बीच इतने कम लोगों में कैसे इलाज कर पाएंगे।

देशभर में चल रहा प्रदर्शन
बता दें कि स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी को लेकर फेडरेशन ऑफ रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के आव्हान पर देशभर में प्रदर्शन हो रहा है। हड़ताली जूनियर डॉक्टर्स ने कहा कि आने वाले समय में भयावह स्थिति होगी। इसलिए हम सरकार को जगाने के लिए हड़ताल पर जाने को मजबूर हुए हैं। सरकार ने यदि अभी ध्यान नहीं दिया तो कोरोना आने पर स्थितियां बिगड़ेंगी। पीजी के पहले बैच का शैक्षणिक सत्र जून से शुरू होना था। लेकिन पहले कोरोना के चलते परीक्षाओं में देरी हुई। फिर आरक्षण के मुद्दे पर पेंच फंसा है।

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