अफसर के यहां बेहिसाब संपत्ति का मामला:उमरिया के सहायक भू-सर्वेक्षण अधिकारी के पुश्तैनी घर पहुंची लोकायुक्त की टीम, जीर्ण-शीर्ण घर मिलने पर लौटी

रीवा5 महीने पहले
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इनसेट में मुनेन्द्र कुमार दुबे व रीवा के ​क्षत्रपति नगर स्थित आवास। - Dainik Bhaskar
इनसेट में मुनेन्द्र कुमार दुबे व रीवा के ​क्षत्रपति नगर स्थित आवास।
  • बीते दिन रीवा लोकायुक्त की दबिश में मिली थी 6.77 करोड़ की संपत्ति

उमरिया जिले के मानपुर में पदस्थ सहायक भू-सर्वेक्षण अधिकारी मुनेंद्र कुमार दुबे के आय से अधिक संपत्ति मामले में लोकायुक्त की टीम बुधवार रात मऊगंज के ढेरा स्थित पुश्तैनी घर पहुंची थी। जहां जीर्ण-शीर्ण हालत में घर देखने के बाद वह रात में ही लौट आई थी।

हालांकि ढेरा गांव में उनके भाई और परिवार के कुछ लोग​ मिले थे। इनसे खास जानकारी नहीं​ मिली है। बता दें, रीवा लोकायुक्त ने 6.77 करोड़ की संपत्ति बरामद करने के बाद अन्य प्राॅपर्टी मिलने की आशंका जता रही थी। ऐसे में एक टीम मुनेंद्र कुमार दुबे के गृह ग्राम ढेरा भेजी गई थी।

चिरहुला मंदिर के पास तीन मंजिला मकान व चार दुकान।
चिरहुला मंदिर के पास तीन मंजिला मकान व चार दुकान।

ये है मामला
सहायक भू-सर्वक्षण अधिकारी मुनेन्द्र कुमार दुबे के काली कमाई की गोपनीय शिकायत रीवा लोकायुक्त कार्यालय पहुंची थी। इसके बाद एसपी लोकायुक्त राजेन्द्र कुमार वर्मा ने सत्यापन कराया, तो शिकायत सही पाई गई। फिर मामला रजिस्टर्ड कर स्पेशल कोर्ट से तीन शहरों में दबिश देने के लिए सर्च वारंट जारी कराया गया। 3 टीमें बनाकर रीवा, भोपाल और शहडोल भेजी गई। तीनों जगह 25 सदस्यीय टीम ने बुधवार सुबह 5 बजे दबिश दी। जैसे ही घरों के दरवाजे खुले। एक साथ लोकायुक्त की टीम अंदर घुस गई। वहीं शहडोल स्थित आवास से मुनेन्द्र कुमार दुबे को लोकल पुलिस की मदद से नजर बंद कर दिया गया था। इसके बाद संपति संबंधी रिकाॅर्ड खंगाले गए थे।

35 साल की नौकरी में मिली 70 लाख की सैलरी
लोकायुक्त के अधिकारियों ने बताया कि मानपुर में पदस्थ सहायक भू-सर्वेक्षण अधिकारी मुनेंद्र कुमार दुबे ने 1985 में नौकरी लगी थी। अब तक वह सरकारी सेवक के रूप में 35 साल से सेवा दे रहे हैं। इस दौरान उनको सेवा अवधि में कुल 70 लाख की सैलरी मिली, जिसमें 33 फीसदी स्वयं के खर्च में व्यय हो गई। ऐसे में आरोपी के पास 50 लाख के आसपास की संपत्ति होनी चाहिए।

शहडोल में बना तीन मंजिला मकान।
शहडोल में बना तीन मंजिला मकान।

अब तक मिली संपत्ति
- शहडोल स्थित 1375 वर्गफिट में तीन मंजिला मकान- कीमत 50 लाख।
- कोलार रोड भोपाल में 1200 वर्गफिट में 1 डुप्लेक्स- कीमत 25.50 लाख।
- कोलार रोड भोपाल में 2 बीएचके मकान- कीमत 3.27 रुपए।
- चिरहुला रीवा में दो मकान- 45 लाख रुपए।
- चिरहुला मंदिर के पास तीन मंजिला मकान व चार दुकान- 1.10 करोड़ रुपए।
- वर्ष 2010-11 में क्रय 30 डिसमिल भूमि- 90 लाख रुपए।
- लोही गांव में 12 एकड़ का फाॅर्म हाउस- 30 लाख रुपए।
- गृह ग्राम ढेरा में 4.5 एकड़ का फाॅर्म हाउस- 25 लाख।
- गृह ग्राम ढेरा में 4.5 एकड़ का फाॅर्म हाउस में 1500 वर्गफीट में निर्मित 3 दुकानें - 25 लाख रुपए।
- चिरहुला में 2400 वर्गफीट का प्लाॅट- 8 लाख रुपए।
- चिरहुला में 8000 वर्गफीट का प्लाॅट- 32 लाख रुपए।
- रीवा में 1500 वर्गफीट का एक अन्य प्लाॅट- 15 लाख रुपए।
- पत्नी के नाम गंज गांव में 8325 वर्गफीट का प्लाॅट- 28 लाख रुपए।
- आरोपी की पत्नी सवित्री दुबे के नाम समान क्षेत्र में 5400 वर्गफिट का भूखंड - 7.28 लाख।
- आभूषण एक किलो सोने की ईंट व सोने चांदी के जेवर - 70.23 लाख रुपए।
- कुल 9 वाहन- 6 दो पहिया, 1 तीन पहिया व दो चार पहिया- 23 लाख रुपए।
- इन्वेन्ट्री साज-सज्जा का सामान - रीवा, शहडोल व भोपाल स्थित मकान- 19.98 लाख रुपए।
- विभिन्न बैंक खातों में शेष - 60 लाख रुपए।
- चिरहुला स्थित दोनों दुकानों से पाए गए सामानों की कीमत - 6 लाख रुपए।

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