रीवा में थाना प्रभारी की दरियादिली:बाइक सवार दो भाई मवेशी से टकराकर हुए गंभीर, SI ने अपने वाहन में पहुंचाया अस्पताल

रीवाएक वर्ष पहले
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पुलिस वाहन में बैठाते सब इंस्पेक्टर अभिषेक पटेल - Dainik Bhaskar
पुलिस वाहन में बैठाते सब इंस्पेक्टर अभिषेक पटेल

रीवा जिले के सोहागी थाना अंतर्गत पुलिस का मानवीय चेहरा सामने आया है। स्थानीय लोगों के मुताबिक सड़क हादसे में घायल दो भाईयों को जख्मी हालत में देखकर थाना प्रभारी ने बिना देरी किए अपने वाहन से अस्पताल पहुंचाकर जान बचाई। चिकित्सकों का दावा है कि अगर समय पर उपचार नहीं मिलता तो दोनों भाईयों की स्थिति गंभीर हो जाती है।

ऐसे में बेहतर उपचार के लिए त्योंथर अस्पताल से दोनों भाईयों को रीवा के एसजीएमएच रेफर कर दिया गया है। संजय गांधी अस्पताल के ड्यूटी डॉक्टरों ने दोनों भाईयों को सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया है। हालांकि दोनों की स्थिति में अब सुधार है।

सोहागी थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर अभिषेक पटेल ने बताया कि मंगलवार की रात 8 से 9 बजे के बीच पुलिस अमले के साथ रात्रि गस्त में जा रहा था। तभी त्योंथर-सहिजवार मार्ग में दो भाई जख्मी हालत में ​मिले। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया सिर में चोंट लगने के कारण दोनों लहूलुहान हालत में सड़क के किनारे पड़े है। ऐसे में बिना देरी किए दोनों भाईयों को पुलिस वाहन में बैठाकर तुरंत त्योंथर सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया।

सहिजवार गांव जा रहे थे दोनों सगे भाई
पूछताछ में एक भाई ने अपना सोनू उर्फ मुकेश ​हरिजन पुत्र रमेश ​हरिजन (26) और दूसरे भाई ने गुलाबराज उर्फ बडकू पुत्र रमेश ​हरिजन (28) निवासी सहिजवार बताया। कहा कि वे दोनों त्योंथर से अपनी बाइक में सवार होकर गांव जा रहे थे। इसी दौरान मवेशी अचानक से सामने आ गया। जब तक बाइक को रोकने की कोशिश करता, तब तक भिड़ चुके थे। समय पर पुलिस देव दूत बनकर पहुंची और हम भाईयों को अस्पताल पहुंचाकर जान बचा ली है।

बेहतर उपचार के लिए रीवा रेफर
त्योंथर अस्पताल के चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए प्राथमिक उपचार कर दोनों भाईयों को एंबुलेंस की मदद से मंगलवार की देर रात रीवा के एसजीएमएच रेफर ​कर दिया। यहां आकस्मिक चिकित्सा विभाग पहुंचे दोनों भाईयों को डॉक्टरों ने सर्जिकल वार्ड में भर्ती कर इलाज दे रहे है। चिकित्सकों ने बताया कि एक्सीडेंट के केस में शुरुआती उपचार ज्यादा महत्वपूर्ण रहता है। दोनों भाईयों को समय पर इलाज मिलने से स्थिति में सुधार है।