MP में खूबसूरत वाटर फॉल का VIDEO:रीवा में प्रदेश का सबसे बड़ा बहुती फॉल 150 मीटर गहरा है, पन्ना में बृहस्पति कुंड से गिरता पानी दूधिया जैसा दिखता है..

मध्यप्रदेश2 महीने पहले

मध्यप्रदेश में एक तरफ बारिश का कहर जारी है। दूसरी तरफ नदियों के साथ झरने भी उफान पर हैं। प्रदेश के मुख्य झरनों पर पर्यटकों का सैलाब उमड़ रहा है। रीवा में प्रदेश का सबसे बड़ा फॉल बहुती है। यह 150 मीटर गहरा है। इसके अलावा पूर्वा फॉल, क्योटी, चचाई, इंदौर के पातालपानी, तिंछा फॉल, छतरपुर का जटाशंकर वॉटर फॉल, सीहोर के अमरगढ़ और पन्ना के बृहस्पति कुंड पर विहंगम दृश्य देखने को मिल रहे हैं। यहां से पानी ऐसे गिर रहा है, दूर से देखने पर लगता है कि जैसे दूध गिर रहा हो। ऊंचाई से गिरते पानी और उनकी फुहारों से सैलानियों का मन तरोताजा हो जाता है। लोग यहां सेल्फी भी ले रहे हैं।

रीवा का पूर्वा फॉल
रीवा में 60 किलोमीटर के दायरे में 4 वाटर फॉल हैं। ये सभी मुख्य मार्ग से लगे हैं। इन्हें चार से पांच घंटे में सभी को देख सकते हैं। यहां शहर में बीहर नदी का सुंदर नजारा देखने को मिलता है, तो आउटर में पूर्वा फॉल, चचाई फॉल, क्योटी फॉल और बहुती फॉल के झरने हरियाली की चादर ओढ़कर दर्शकों का दीदार करा रहे हैं। यहां रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। पूर्वा फॉल 70 मीटर ऊंचाई से गिरता है।

रीवा के बहुती फॉल देखने पहुंचे पर्यटक।
रीवा के बहुती फॉल देखने पहुंचे पर्यटक।

मालवा का कश्मीर नरसिंहगढ़
राजगढ़ जिले के नरसिंहगढ़ को मालवा का कश्मीर भी कहते हैं। यहां बारिश के बाद खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां की खूबसूरती बारिश में परवान पर है। बारिश के बाद यहां के झरनों में जान आ गई है। पहाड़ियों पर भी झरनों खूबसूरत नजारे देखने को मिल रहे हैं।

नरसिंहगढ़ को मालवा का कश्मीर कहते हैं।
नरसिंहगढ़ को मालवा का कश्मीर कहते हैं।

सीहोर में अमरगढ़ का झरना
सीहोर के शाहंगज, बुधनी, कालियादेव में बारिश के बाद खूबसूरत नजारे देखने को मिलते हैं। भोपाल-शाहगंज रोड पर खटपुरा के पास विंध्याचल पर्वत श्रृंखला में स्थित अमरगढ़ जलप्रपात की बारिश के बाद निखरी खूबसूरती सैलानियों को लुभा रही है। प्रकृति के इस मनोरम दृश्य को देखने यहां हजारों की संख्या में सैलानी पहुंच रहे हैं।

अमरगढ़ जलप्रपात।
अमरगढ़ जलप्रपात।

हीरों की धरती पन्ना में बृहस्पति कुंड का अद्भुत नजारा
हीरों की धरती पन्ना के दुर्गम जंगलों में हजारों फीट की ऊंचाई से दूधिया पानी गिरता है। यहां के बृजपुर में बृहस्पति कुंड को देखने के लिए रोजाना सैकड़ों पर्यटक पहुंच रहे हैं। खास है कि सूर्य, अमृत, शिव कुंड के अलावा यहां करीब 15 झरने हैं।

बृहस्पति कुंड।
बृहस्पति कुंड।

डिंडौरी में खूबसूरत किकरकुंड
मेहंदवानी विकासखंड के ग्राम घुघरा टोला में सुंदर प्राकृतिक स्थल किकरकुंड हैं। यहां दनदना नदी के पानी से बनने वाले झरने का सौंदर्य बारिश में चरम पर होता है। यह स्थान जिला मुख्यालय से 75 किमी दूर है। सबसे खास बात है कि यहां झरने का वेग और उसकी आवाज इतनी तेज है कि उसे दो किलोमीटर दूर से भी सुन सकते हैँ। 60-70 फीट ऊंचा और करीब 40 फीट चौड़ा फॉल दूधिया पानी की गुबार से पर्यटकों को आकर्षित करता है। यहां आसपास प्राचीन मंदिर भी हैं।

किकरकुंड।
किकरकुंड।
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