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हड़ताल का 7वां दिन:750 नर्सों के अनिश्चितकालीन आंदोलन को 400 सफाई कर्मचारियों और वार्ड ब्वाय का समर्थन, वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हुए मुखर

रीवा2 महीने पहले
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नर्सिंग एसोसिएशन के अनिश्चितकालीन आंदोलन का सातवां दिन। - Dainik Bhaskar
नर्सिंग एसोसिएशन के अनिश्चितकालीन आंदोलन का सातवां दिन।
  • संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय के आउट सोर्स कर्मचारियों ने भी छोड़ा साथ, आंदोलन से भर्ती मरीज परेशान, जिम्मेदार मौन

प्रदेशभर में जारी नर्सिंग एसोसिएशन का अनिश्चितकालीन आंदोलन और मुखर होता जा रहा है। रीवा में हड़ताल के सातवें दिन 400 सफाई कर्मचारियों व वार्ड ब्वाय का समर्थन मिल गया है। ऐसे में अब 750 नर्सों के साथ कोरोना काल में भर्ती कर निकाले गए 80 वार्ड सर्वेंट आंदोलन में आवाज बुलंद कर रहे है। ओवर हाल नर्सिंग एसोसिएशन के आंदोलन में 1230 कर्मचारियों के शामिल हो जाने के बाद संजय गांधी स्मृति चिकित्सालय की व्यवस्थाएं धरासाई हो गई है।

एक तरफ जहां भर्ती मरीजों को समुचित उपचार नहीं मिल पा रहा है। वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार मौन बैठे हैं। आरोप है कि जब मरीजों के परिजन पटरी से उतर रही व्यवस्थाओं के संबंध में स्वास्थ्य अमले से सवाल कर रहे हैं तो सब ठीक है कि दुहाई दी जा रही है। अस्पताल सूत्रों का दावा है कि कुछ चिकित्सक भी दबी जुबान आंदोलन में शामिल हैं।

नर्सों के आंदोलन को 400 सफाई कर्मचारियों का समर्थन।
नर्सों के आंदोलन को 400 सफाई कर्मचारियों का समर्थन।

सरकार के खिलाफ की नारेबाजी
बताया गया कि मंगलवार को श्याम शाह मेडिकल कॉलेज के सामने नर्सिंग एसोसिएशन का प्रदर्शन सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। जहां पर सातवें दिन आंदोलनकारी नर्से शिवराज सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इसके बाद सभी माताओं और बहन नर्सों को बैठाकर भंडारे का प्रसाद देकर आंदोलन को बल दिया गया।

जब हजारों में पहुंची हड़तालियों की संख्या
मंगलवार की सुबह 10 बजे से संजय गांधी अस्पताल के आउट सोर्स सफाई कर्मचारी और वार्ड ब्वाय आंदोलन के मूड में दिखे। पहले तो सभी लोगों ने आपस में चर्चा की। फिर 400 कर्मचारी अचानक नर्सों के आंदोलन स्थल पर पहुंचकर एसजीएमएच प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। कर्मचारियों ने कहा ​कि वर्षों से प्रबंधन द्वारा गुमराह कर कार्य लिया जाता है। लेकिन वेतन जस का तस है। जब भी हम लोगों ने मांग उठाई है तभी बातों को नजर अंदाज कर दिया गया है।

ये है मुख्य 10 मांगें
1. अन्य राज्यों की भांति नर्सों को सेकेंड ग्रेड का दर्जा दिया जाए।
2. पुरानी पेंशन योजना लागू करें।
3. कोरोना काल में शहीद हुई नर्से एवं उनके परिजनों को अनुकंपा नियुक्ति दी जाए। 15 अगस्त को कोरोना योद्धा अवॉर्ड से सम्मानित करें।
4. शासन स्तर की सभी घोषणाओं को अमल करें।
5. 2018 में आर्दश भर्ती नियम को संशोधन करें।
6. प्रतिनियुक्ती समाप्तकर स्थानांतरण की प्रकिया चालू करें।
7. कोरोनाकाल में अस्थाई रूप से भर्ती की गई नर्सों को नियमित करें।
8. मध्यप्रदेश में कार्यरत नर्से को एक ही विभाग में सामान्य कार्य का समान वेतन दिया जाए।
9. वर्षों से रूकी पदोन्नत को शुरू करें। साथ ही अन्य राज्यों की भांति पद नाम परिवर्तित किया जाए।
10. मेल नर्सों की भर्ती में सामानता का अधिकार दिया जाए।

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