पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें
  • Hindi News
  • Local
  • Mp
  • Rewa
  • The Bank Manager And Cashier Who Were Involved In Withdrawing 21 Lakhs Were Arrested, With The Help Of The Regional Office, The Accused Were Called

गलत आधार लिंक कराकर धोखाधड़ी का मामला:21 लाख रुपए निकालने में सहयोगी रहे बैंक मैनेजर और कैशियर गिरफ्तार, रीजनल कार्यालय की मदद से आरोपियों को बुलवाया था

रीवा3 महीने पहले
  • कॉपी लिंक
न्यायायल के सामने खड़ी रायपुर कर्चुलियान पुलिस। - Dainik Bhaskar
न्यायायल के सामने खड़ी रायपुर कर्चुलियान पुलिस।

गलत आधार लिंक कराकर धोखाधड़ी के मामले में रायपुर कर्चुलियान पुलिस को 25 दिन बाद सफलता मिली है। बताया गया, मध्यांचल ग्रामीण बैंक की रामनई शाखा से 21 लाख रुपए निकालने में सहयोग करने वाले बैंक मैनेजर और कैशियर को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस का दावा है, बैंक मैनेजर को छतरपुर से तो कैशियर को रीवा से पूछताछ के लिए बुलवाया गया था।

जैसे ही, आरोपी पहुंचे वैसे ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया था। यहां से बैंक मैनेजर और कैशियर को सोमवार की देर शाम केन्द्रीय जेल रीवा भेज दिया है। रायपुर कर्चुलियान पुलिस ने इस मामले में आईपीसी की 420, 467, 468 एवं 120 बी की धाराओं के तहत अपराध कायम कर कार्रवाई की है।

मुख्य आरोपी राजेश पाण्डेय और उसके कारनामे।
मुख्य आरोपी राजेश पाण्डेय और उसके कारनामे।

रायपुर कर्चुलियान थाना प्रभारी उप निरीक्षक मृगेन्द्र सिंह ने बताया कि पुरैना निवासी वंदना तिवारी (39) पति अनूप तिवारी निवासी कोष्ठा की शिकायत पर 10 जून को मामला दर्ज किया गया था। इसी मामले में मुख्य आरोपी राजेश पाण्डेय को पूर्व में ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। फिर जांच में पता चला था कि वंदना तिवारी के खाते में राजेश पाण्डेय का ही आधार कार्ड लिंक था। जो कियोस्क सेंटर की मदद से 234 ट्रांजैक्शन कर एक साल के अंदर 21 लाख रुपए की रकम निकाल ली। दावा है कि हर दिन आरोपी 10 हजार रुपए निकालता था।

बेटी की शादी के लिए जोड़े थे पैसे, ठगी: रीवा में बैंक कर्मियों से साठगांठ कर महिला के खाते से दूसरे का आधार नंबर लिंक कराया, 234 ट्रांजैक्शन में 21 लाख रु. निकाले

प्रकरण की जांच में जुड़ा बैंक मैनेजर और कैशियर का नाम
रायपुर कर्चुलियान पुलिस की जांच में शुरू से ही तब का सहायक बैंक मैनेजर नरेन्द्र अग्रवाल और कैशियर गणेश जायसवाल की मिली भगत सामने आ रही थी। लेकिन दोनों मध्यांचल ग्रामीण बैंक की रामनई शाखा से दूसरे जगह ट्रांसफर पर लगे गए थे। ऐसे में मध्यांचल ग्रामीण बैंक के रीजनल कार्यालय को पत्र लिखकर दोनों आरोपियों को रीवा बुलवाया गया था। जैसे ही वे बैंक पहुंचे तभी रायपुर कर्चुलियान पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

प्रमोशन में चला गया था छतरपुर
बताया गया कि नरेन्द्र अग्रवाल प्रमोशन पाकर छतरपुर में बैंक मैनेजर बन गया था। लेकिन जिस समय महिला वंदना तिवारी के खाते में आधार कार्ड लिंक हुआ था तब वह मध्यांचल ग्रामीण बैंक की रामनई शाखा में सहायक मैनेजर था। जबकि फर्जीवाड़े का मामला सामने आने के बाद गणेश जायसवाल को रीवा ट्रांसफर कर दिया गया था।

खबरें और भी हैं...