विंध्य में सफर हुआ महंगा:रीवा-शहडोल मार्ग में 4 साल बाद टोल वसूली शुरू, MPRDC ने स्काई लार्क कंपनी को दी अनुमति

रीवाएक वर्ष पहले
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फाइल फोटो - Dainik Bhaskar
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  • पहले चरण में ब्यौहारी से शहडोल तो दूसरे चरण में रीवा से शहडोल के बीच देना होगा टोल

विंध्य क्षेत्र के रीवा से शहडोल को जोड़ने वाले स्टेट हाईवे-57 में चार साल बाद बुधवार से टोल वसूली शुरू हो गई है। MPRDC के अधिकारियों ने बताया कि पहले चरण में 20 अक्टूबर से ब्यौहारी-शहडोल के मध्य लगे प्लाजा से टोल देना होगा। जबकि दूसरे चरण में 25 अक्टूबर से रीवा-शहडोल के बीच टोल वसूली चालू हो जाएगी। ऐसे में कार को 50 रुपए, हल्के वाणिज्यक वाहन को 125 रुपए, बस 255 रुपए, ट्रक 310 रुपए, मल्टी एक्सल ट्रकों को 620 रुपए भुगतान करना होगा।

एक साल के लिए हुआ टेंडर
बता दें कि MPRDC ने स्काई लार्क कम्पनी को टोल वसूली की अनुमति एक साल की अवधि के लिए दी गई है। फस्ट फेज में ब्यौहारी से शहडोल के मध्य टोल की वसूली शुरू हो गई है। अधिकारियों का दावा है कि ब्यौहारी से शहडोल मार्ग की मरम्मत का कार्य पूरा हो गया। ​इसलिए टोल चालू करने की अनुमति दी थी। हालांकि टोल वसूलने वाली स्काई लार्क कंपनी ने पहले ही तैयारी पूरी कर ली है। वहीं MPRDC ने टोल चालू होने की जानकारी पुलिस और प्रशासन सहित अन्य विभागीय अधिकारियों को दे दी है।

इन दो स्थानों पर लगे टोल
रीवा-ब्यौहारी और ब्यौहारी-शहडोल मार्ग के मध्य वसूली के लिए दो स्थानों पर टोल प्लाजा स्थापित किए गए है। पहला टोल प्लाजा टेटका मोड और दूसरा शहडोल से 15 किलोमीटर पहले रोहनिया गांव में बनाया गया है। हालांकि अधिकारियों का दावा है कि वाहनों को सिर्फ एक ही प्लाजा में टोल का भुगतान करना होगा। ऐसे में 20 अक्टूबर दिन बुधवार को सुबह 8 बजे से गुजरने वाले सभी वाहनों को टोल चुकाना पड़ रहा है। टोल चालू होने से जहां कार सवारों को महंगाई का छटका लगेगा। वहीं बस सहित अन्य दूसरे वाहनों को रीवा से शहडोल का सफर महंगा हो गया है।

रीवा-ब्यौहारी के मध्य 25 से शुरू होगी टोल वसूली
रीवा-शहडोल मार्ग में रीवा-ब्यौहारी के बीच 25 अक्टूबर से टोल वसूली शुरू की जाएगी। जबकि ब्यौहारी-शहडोल में 20 अक्टूबर से वसूली जारी है। वहीं अधिकारियों ने बताया कि रीवा-शहडोल मार्ग का निर्माण बीओटी के अंतर्गत वर्ष 2003-04 में कराया गया था। दिसंबर 2017 में आरटीपीएल की कंसेशन अवधि समाप्त हो गई। इसके बाद टोल की वसूली बंद कर दी गई थी। जिससे सड़क के मरम्मत का काम भी नहीं हो पाया था।