पाएं अपने शहर की ताज़ा ख़बरें और फ्री ई-पेपर

डाउनलोड करें

लोकल इश्यू:बल्देवगढ़ में घाटी के पास हरे भरे पेड़ों को असमाजिक तत्व काटने का कर रहे प्रयास

बल्देवगढ़10 दिन पहले
  • कॉपी लिंक
बल्देवगढ़|पेड़ाें काे सुखाकर काटने का किया जा रहा प्रयास। - Dainik Bhaskar
बल्देवगढ़|पेड़ाें काे सुखाकर काटने का किया जा रहा प्रयास।
  • लोक निर्माण विभाग द्वारा लगाए गए थे पेड़
  • सूचना के बाद भी लोक निर्माण विभाग पेड़ों को नहीं कर रहा सुरक्षित

नगर के किला परिसर आल्हा मुंडा के नीचे घाटी पर लोक निर्माण विभाग द्वारा करीब 20 वर्ष पूर्व बेशकीमती पेड़ों को लगाया गया था, लेकिन किला परिसर में रह रहे असामाजिक तत्वों द्वारा पेड़ाें काे काटने का प्रयास किया जा रहा है। यहां लगे अधिकतर पेड़ सूखने की कगार पर हैं। जिसे काटने की पूरी तैयारी है। जिसे लोक निर्माण विभाग नजरअंदाज कर रहा है।

लोक निर्माण विभाग को इन पेड़ों के काटने की एक पखवाड़े पूर्व से सूचना दी गई थी, इसके बाद भी असमाजिक तत्वों पर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। जिससे उनके हौसले बुलंद हैं। वहीं किला पर लोग अपना कब्जा जमाए हुए हैं। यहां लगे कई पेड़ों पर काटने के निशान भी हैं। जिसे मौका देखकर असमाजिक तत्व काटने में जुट जाते हैं। जिसकी पूर्व में कई बार शिकायत भी की गई, लेकिन अधिकारी इस ओर गंभीर नहीं हैं। जिससे हरे-भरे पेड़ों की बली चढ़ती जा रही है।

लाखों रुपए खर्च करके पार्क निर्माण के लिए हुई थी फेंसिंग

आल्हा मुंडा के नीचे मुख्य द्वार पर कुछ लाेग अपना निवास बनाए हुए हैं, जबकि आल्हा मुंडा के नीचे घाटी पर नगर परिषद द्वारा लाखों रुपए खर्च कर पार्क निर्माण के लिए फेंसिंग भी कराई गई थी, लेकिन इस ओर न ही नगर परिषद ध्यान दे रही है, न ही लोक निर्माण विभाग दे रहा है। जबकि शासन द्वारा चंदेलकालीन किले को संवारने में करोड़ों रुपए खर्च कर दिए गए हैं, लेकिन शासन-प्रशासन में बैठे जिम्मेदार अधिकारी कोई ध्यान नहीं दे रहे हैं। जिससे लकड़ी माफिया के साथ-साथ असमाजिक तत्वों के हौसले बुलंद हैं।

रखरखाव के आभाव में हो रहा दुरूपयोग

अगर शीघ्र ही इन असमाजिक तत्वों व लकड़ी माफिया पर कार्रवाई नहीं की गई तो आसपास में लगे सैकड़ों हरे-भरे पेड़ नष्ट कर दिए जाएंगे। गौरतलब है कि नगर परिषद द्वारा करीब 3 वर्ष पूर्व किले के नीचे घाटी पर फेंसिंग कराकर पार्क निर्माण के लिए चारों ओर चद्दर की बाउंड्रीवाल का निर्माण कराया गया था, जो अभी तक पूर्ण नहीं होने के कारण असमाजिक तत्व उसका दुरुपयोग कर रहे हैं।

प्रशासनिक अधिकारी

क्यों : बल्देवगढ़ सहित आसपास के क्षेत्र में हरे-भरे पेड़ों को लगातार काटने का प्रयास किया जा रहा है। अगर ऐसा ही रहा तो आने वाले दिनों में हरे-भरे पेड़ दिखाई नहीं देंगे। इसके लिए प्रशासन को सख्त कार्रवाई का कदम उठाना चाहिए।

आपसे निर्माणाधीन पार्क में लगे पेड़ों को काटने के प्रयास की सूचना प्राप्त हुई है। कल ही दिखवाता हूं। जिस किसी असमाजिक तत्व द्वारा पेड़ काटने का प्रयास किया गया है। उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी नगर में हरियाली को नष्ट करने का प्रयास नहीं करने दिया जाएगा।
- महादेव अवस्थी, सीएमओ बल्देवगढ़

इन दिनों शहर में गणेशोत्सव और पर्युषण पर्व के चलते पांडाल और मंदिरों में भीड़ जमा हो रही है। वहीं जिले में लगातार वायरल फीवर के मरीज भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में लोग न तो मास्क का उपयोग कर रहे हैं और न ही सोशल डिस्टेंस का पालन किया जा रहा है। लोगों को अपनी जिम्मेदारी का एहसास स्वयं होना चाहिए।
नीलेश रिछारिया, टीकमगढ़

बारिश की खेंच का असर अब किसानों की फसलों पर भी दिखने लगा है। जिले में लगभग 70 फीसदी बारिश हुई है। खरीफ सीजन की फसल भी खराब हो रही है। वहीं आने वाले दिनों में रबी सीजन की फसल की सिंचाई के लिए पानी न मिलने से किसानों की कमर टूट जाएगी। कोरोना काल ने भी किसानों को काफी प्रभावित किया है।
जय अहिरवार, टीकमगढ़

बिजली विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों की मनमानी के चलते ग्राम व क्षेत्र में बिजली की अघोषित कटौती बड़े पैमाने पर हो रही है। न लाइट आने का कोई समय है और न ही जाने का, ऐसी हालत में ग्रामीण परेशान हाे रहे हैं। प्रशासन काे इस ओर ध्यान देना चाहिए और लोगों को सुचारू रुप से बिजली उपलब्ध करानी चाहिए।
राम बाबू पाल, चौहानी

रेत से ओवरलोड ट्रक, डंपर, ट्रैक्टर आदि वाहन निकलने से क्षेत्र की सड़कें उखड़ गईं हैं। करोड़ों रुपए खर्च कर बनाई गई सड़कों में डामर दिखाई ही नहीं देता। बारिश के मौसम में सड़कें दलदल में तब्दील हो गई हैं। इस ओर कोई ध्यान ही नहीं दे रहा है। जिससे लोगों को इस मौसम में परेशानी हो रही है।
बलराम पाल, बरुआ

खबरें और भी हैं...