बारिश का असर:गेहूं के दाने की चमक पड़ी फीकी, तेज हवा ने उड़ाई चना, मसूर की फसल

बीना9 महीने पहले
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  • गीली फसल आड़ी हो जाने के कारण बालियां बीच से टूट गई

दूसरे शहरों में परचम लहराने वाली शरबती गेहूं की चमक शुक्रवार को देर रात तक हुई बारिश के कारण फीकी पड़ गई है। तेज बारिश के कारण गेहूं का कलर फीका पड़ा है, साथ ही तेज हवा के कारण फसल जमींदोज हो गई है। इतना ही नहीं तेज हवा के कारण खेत में कटी पड़ी चना, मसूर की फसल भी एक खेत से दूसरे खेतों में जा पहुंची है, तो कहीं अंध फसल को अपने साथ ही उड़ा कर ले गई है। जिसकी शिकायत मिलने पर तहसीलदार संजय जैन ने सभी हल्का पटवारियों को खेतों पर भेज कर फसल नुकसान की जांच कर सोमवार को रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा है।

दूसरे शहरों में एक्पोर्ट किए जाने वाले शरबती गेहूं की चमक अब फीकी पड़ गई है। जिससे गेहूं के दामों में भी गिरावट होने की संभावना जताई जा रही है। किसान राधा मोहन तिवारी ने बताया कि फसल तेज हवा के कारण आड़ी हो गई है। कहीं कहीं गेहूं की बालियां खेत की मिट्टी में धंस गई है। गीली फसल आड़ी हो जाने के कारण बालियां बीच से टूट गई है। आधे से ज्यादा चना की भी फसल काटी जा चुकी है, जो खेतों में पड़ी हुई है। वहीं अधिकांश गेहूं की फसल अभी खेतों में खड़ी हुई है।

हांसलखेडी में उड़ गई मसूर की फसल

तेज हवा के कारण खेतों में कटी पड़ी चना, मसूर की फसल तेज हवा के कारण उड़ गई है। वहीं पानी लगने के कारण फसल गीली हो गई। एक खेत की फसल दूसरे खेत में पहुंच गई है, तो कहीं कहीं तेज आंधी में फसल कई किमी तक उड़ गई है। ग्राम हांसलखेड़ी के किसान भूपेंद्र सिंह दांगी की सात एकड़ में बोई गई मसूर की फसल खेत में काट कर रखी हुई थी, जो तेज हवा के साथ उड़ गई। जिससे किसान को अधिक नुकसान हुआ है।

जानकारी अनुसार इस वर्ष क्षेत्र में गेहूं की फसल असिंचित 3000 हेक्टेयर एवं सिंचित 15600 हेक्टेयर, चना 16265 हेक्टेयर, मसूर 15840 हेक्टेयर, सहित अन्य फसलें 54552 हेक्टेयर में बोई गई थी। जिसमें से अधिकांश मसूर की फसल काटी जा चुकी है।
देर रात तक हुई 4.4 एमएम बारिश
शुक्रवार को दिनभर बादल होने के बाद शाम करीब 5 बजे से बारिश शुरू हुई जो देर रात तक रुक-रुककर होती रही, इस दौरान 4.4 एमएम बारिश दर्ज की गई है। बारिश होने के कारण गेहूं की बालियां ऊपर से हल्की काली नजर आने लगी है।

फसलों की जांच करने को कहा है
सभी पटवारियों को गांव गांव भेजकर फसल की जांच करने को कहा गया है। यदि बारिश से फसल को नुकसान हुआ है। तो उसकी जांच कर प्रारंभिक रिपोर्ट तैयार कर सोमवार तक को देने को कहा गया है। बाद में राजस्व, पंचायत एवं कृषि विभाग के संयुक्त दल के द्वारा सर्वेक्षण कराया जाएगा। हांसलखेड़ी में किसान की फसल उड़ कर खेत में है, दूसरे किसान के खेत में है या फिर उड़कर कहीं दूर चली गई है। इसकी जांच पटवारी से कराने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
संजय जैन, तहसीलदार

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