कोरोना से कैसी जंग / 17 संक्रमित मिल चुके, फिर भी जिला अस्पताल में वही सुविधाएं जो जनता कर्फ्यू के दिन थीं

17 infected found, yet same facilities in district hospital which were on the day of Janata curfew
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17 infected found, yet same facilities in district hospital which were on the day of Janata curfew

  • फरवरी माह में शहर के लोगों ने कोविड-19 से निपटने 69 लाख प्रबंधन को किए थे दान

दैनिक भास्कर

May 30, 2020, 05:00 AM IST

छतरपुर. कोविड-19 से निपटने के लिए जिले के राजनेताओं सहित समाज सेवियों ने 69 लाख से अधिक की राशि जिला अस्पताल प्रबंधन को दान की। साथ ही राज्य और केंद्र सरकार द्वारा लाखों का अनुदान दिया गया। दो माह से अधिक गुजर जाने के बाद भी जिला अस्पताल में कोरोना से लड़ने के लिए सुविधाओं का विस्तार नहीं किया गया है। जिला अस्पताल में खाली भवन है। पलंग सहित सभी संसाधन हैं, फिर भी आइसोलेशन वार्ड की क्षमता का विस्तार नहीं किया जा रहा है। आज भी मरीजों के लिए वही सुविधाएं मौजूद हैं जो जनता कर्फ्यू के दिन 22 मार्च को उपलब्ध थीं, जबकि पिछले दो सप्ताह में जिले में 17 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए हैं।
बता दें कि फरवरी माह के अंत में कोरोना वायरस को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने देश भर में पहला लॉकडाउन शुरू किया। इन लॉकडाउन के दौरान जिले भर के राजनेताओं और समाज सेवियों ने इस वायरस से निपटने के लिए जिला अस्पताल प्रबंधन को 69 लाख से अधिक की राशि दान की। इसके साथ ही सरकार से भी संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, लेकिन इस सबके बावजूद जिला अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए क्षमता का विस्तार नहीं किया जा रहा है। जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में 9 पलंग की क्षमता है। यह क्षमता अस्पताल प्रबंधन ने मार्च माह में ही तैयार कर ली थी। इसके साथ ही जो लोग कोरोना वायरस के संदिग्ध होंगे उनके लिए पुराने महिला वार्ड में 18 बेड का फ्लू वार्ड तैयार किया गया। तब से अब तक दो माह गुजर गए हैं, पर प्रबंधन ने तब से न तो वार्ड बढ़ाए हैं और न ही अन्य सुविधाएं बढ़ाई गई हैं।

सिर्फ पीपीई किट, सैनिटाइजर, ग्लब्स और मास्क खरीदे
जिले के राजनेताओं और समाज सेवियों सहित भोपाल के स्वास्थ विभाग द्वारा मिली राशि से जिला अस्पताल प्रबंधन ने सिर्फ पीपीई किट, सैनिटाइजर, ग्लब्स और मास्क खरीदे। जबकि प्रबंधन को कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए इस सामाग्री के साथ ही पलंग की व्यवस्था करते हुए मरीजों के लिए वार्ड बढ़ाने चाहिए थे। इसमें से अधिकांश राशि प्रबंधन ने सुरक्षा सामग्री पर खर्च कर दी है। इस कारण आज भी जिला अस्पताल सिर्फ 25 बिस्तरों वाले दो वार्डों पर अटका हुआ है। जबकि पिछले दो सप्ताह में जिले भर के 17 लोग कोरोना पॉजिटिव पाए गए हैं।

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45 ऑक्सीजन बेड और 10 आईसीयू बेड वाले वार्ड को मिली स्वीकृति 
 प्रबंधन द्वारा ऑर्डर किए गए दो वेंटिलेटर अभी तक क्यों नहीं आ पाए?
दो वेंटिलेटर का ऑर्डर दो माह पहले कर दिया गया था, पर भोपाल स्वास्थ विभाग ने सबसे पहले उन शहरों में पहुंचाने के निर्देश दिए हैं, जहां पर मरीजों की संख्या अधिक है। हमें जून के पहले सप्ताह में मिल जाएंगे।
 दो माह गुजरने के बाद भी विभाग द्वारा स्वास्थ सुविधाएं क्यों नहीं बढ़ाई जा रही हैं?
भोपाल स्वास्थ विभाग द्वारा पिछले दिनों 45 बेड क्षमता का ऑक्सीजन वार्ड और 10 बेड बाला आईसीयू स्वीकृत किया गया है। जिसका एस्टीमेट बनाकर जिला प्रशासन के पास भेज दिया गया है। कलेक्टर की स्वीकृति मिलते ही कार्य शुरू हो जाएगा।
 पुराने भवन के एसएनसीयू वार्ड भी खाली हो रहा है।
पुराना एसएनसीयू जल्द खाली हो रहा है। इसमें कोरोना पॉजिटिव महिलाओं के लिए वार्ड तैयार किया जाएगा। अभी उपयोग किए जा रहे आइसोलेशन वार्ड में सिर्फ पुरुष मरीजों को भर्ती किया जाएगा।

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