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आरटीई:1854 बच्चाें काे 818 निजी स्कूलों में मुफ्त मिलेगा प्रवेश: जिले के 2219 विद्यार्थियों ने किया था आवेदन, 1854 का हुआ चयन, 154 ने लिया एडमिशन

छतरपुर2 दिन पहले
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जिले में कोरोना संक्रमण के चलते पिछले साल शासकीय और प्राइवेट स्कूल नहीं खुले। इस बार स्कूल अगले सप्ताह से खुलने लगेंगे। इस वजह से आरटीई में जिले के 818 निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के लिए आरक्षित 25 प्रतिशत सीटों पर प्रवेश दिलाने ऑनलाइन प्रक्रिया हुई। इसमें 24,000 सीटों के लिए कुल 2219 आवेदन आए। इनमें 1858 गरीब बच्चों का ऑनलाइन लॉटरी से चयन हुआ।

इस बात फिर से जिले में बच्चों के पालकों ने इस योजना में कम रुचि दिखाई है। इसलिए पिछले सालों की तुलना में इस बार फिर से आरटीई में कम बच्चाें ने प्रवेश लिया। इसका एक प्रमुख कारण काेराेना के चलते पालकाें के मन में डर और प्राथमिक स्तर के स्कूलों के खाेलने काे लेकर असमंजस को माना जा रहा है।

जानकारी के अनुसार 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर निशुल्क प्रवेश के लिए ऑनलाइन लॉटरी से सीटें आवंटित हुईं। जिसमें से 24,000 सीटों के लिए कुल 2219 आवेदन अाए। इनमें 2007 पालकाें ने कागजों का ऑनलाइन भौतिक सत्यापन कराया। जांच में सही पाए गए 1858 बच्चों को प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश दिलाया जाएगा। इसमें से अब तक सिर्फ 154 छात्रा के एडमिशन निजी स्कूलों में हो पाए हैं।

यानी मात्र 8.0 प्रतिशत ही बच्चों का निजी स्कूलाें में एडमिशन हो पाया है। डीपीसी आरपी लखेर ने बताया कि सत्यापन की तिथि बढ़ाने के बाद भी प्रवेश कम हुए हैं। अभी पिछले साल की प्रवेश की ऑनलाइन प्रक्रिया भी होनी है। 2011 में शुरू हुई इस योजना के तहत जिले के 24 हजार गरीब छात्र निजी स्कूलों में शिक्षा ले रहे हैं।

एप्लिकेशन आईडी व मोबाइल नंबर से आवंटन डाउनलोड कर सकते हैं पालक
ऑनलाइन लाॅटरी के बाद अभिभावकों को उनके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर राज्य शिक्षा केंद्र से सूचना भेजी है। पालक आरटीई पोर्टल पर एप्लिकेशन आईडी, मोबाइल नंबर, बच्चे की जन्म दिनांक डालने के बाद सीट आवंटन लेटर डाउनलोड कर प्रिंट निकाल सकते हैं। आवंटन लेटर के साथ अभिभावक को आरटीई कोटा का प्रमाण, जाति प्रमाण पत्र या गरीबी रेखा, दिव्यांग, कोविड 19 का अनाथ का प्रमाण पत्र, एचआईवी का प्रमाण पत्र, जन्म, निवास का प्रमाण पत्र, 2 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ बच्चे का प्रवेश करा सकेंगे।

कम प्रवेश के ये प्रमुख कारण: काेराेना के चलते आईटीआई में निजी स्कूलों में गरीब बच्चों के अभिभावकों ने प्रवेश में कम रुचि ली। वर्ष 2018-19 में आरटीई के तहत 1745 बच्चों ने प्रवेश लिया। इस बार 2219 ने रुचि दिखाई। जिसमें से 1858 छात्रों को लॉटरी सिस्टम से चयन हुआ। अभिभावकों को काेराेना के चलते प्राथमिक स्कूलों की खुलने की उम्मीद कम है। काेराेना के चलते जन्म प्रमाण पत्र, बीपीएल कार्ड, समग्र आईडी सहित अन्य कागजात नहीं बन पाए।

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