आरोप:प्रशासन ने नहीं किए इंतजाम, कम राेशनी में हुई रामलीला और रावण दहन

छतरपुरएक वर्ष पहले
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  • रामलीला समिति अध्यक्ष ने कोविड गाइडलाइन और आचार संहिता के नाम पर व्यवस्थाएं उपलब्ध न कराने के लगाए आरोप

शहर के पन्ना रोड स्थित स्टेडियम में पिछले 70 सालों से रामलीला समिति द्वारा दशहरा पर्व पर रावण दहन का कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। इस साल देश में कोरोना संक्रमण फैलने और जिले में आचार संहिता लागू होने के कारण पहले तो प्रशासन ने रावण दहन कार्यक्रम के साथ रामलीला मंचन की अनुमति नहीं दी। न ही प्रशासन ने स्टेडियम में आयोजित इस कार्यक्रम की व्यवस्थाएं कीं। इस कारण स्टेडियम में बिजली और टेंट की कमी के बीच अन्नपूर्णा रामलीला समिति के कलाकारों ने रामलीला करके रावण दहन की परंपरा काे निभाया।

मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति अध्यक्ष द्रगेंद्र देव सिंह ने बताया कि पिछले 70 सालों से शहर के बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम में गल्लामंडी स्थित मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति और महल तिराहा स्थित ललाकड़क्का रामलीला समिति द्वारा बारी-बारी से रामलीला का आयोजन कर रावण दहन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है।

इस बार रावण दहन का कार्यक्रम ललाकड़क्का रामलीला समिति द्वारा कराया जाना था, पर समिति ने कोरोना संक्रमण के चलते इनकार कर दिया। इसके बाद इस पूरे आयोजन की जिम्मेदारी मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति ने ली। पर जिला प्रशासन ने रामलीला मंचन की अनुमति देने से इंकार कर दिया। समिति के साथ शहर के लोगों द्वारा विरोध किए जाने के बाद प्रशासन ने कार्यक्रम की अनुमति दी।

आयाेजकाें ने वितरित किए मास्क: विजय दशमी पर्व पर सोमवार की देर रात 8 बजे 35 फीट के रावण का दहन कार्यक्रम स्थानीय स्टेडियम में आयोजित किया गया। जिसमें पिछले साल तक नगर पालिका छतरपुर द्वारा लाइट, टेंट, पानी, साउंड से लेकर मंच की व्यवस्था की जाती थी।

इस बार प्रशासन ने कोविड नियमों और आचार संहिता का हवाला देते हुए रावण दहन कार्यक्रम में किसी भी प्रकार के इंतजाम नहीं किए। देर रात हुए रावण दहन कार्यक्रम में अधिकारी तो पहुंचे पर स्टेडियम के गेट से अंदर नहीं गए। इस दौरान समिति सदस्यों ने कुछ दर्शकों को मास्क बांटे पर प्रशासन की ओर से कोराेना बचाव के नाम पर कुछ भी नहीं किया गया।

संक्षिप्त में हुआ रावण दहन कार्यक्रम

पुरानी गल्ला मंडी स्थित रामचरित मानस मैदन से सोमवार की शाम भगवान श्रीराम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण को एक बग्घी पर सवार होकर शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए बाबूराम चतुर्वेदी स्टेडियम पहुंचाया गया। इसके साथ ही अन्य बग्घियों पर सवार होकर रावण, कुंभकरण, मेघनाथ अपनी सेना सहित स्टेडियम पहुंचे।

वहां पर बिना मंचीय कार्यक्रम के गणेश वंदना के साथ संक्षिप्त रामलीला का मंचन किरते हुए रावण दहन का कार्यक्रम समिति द्वारा संपन्न कराया गया। इस अवसर पर मां अन्नपूर्णा रामलीला समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों को मास्क वितरित किए और स्टेज पर मौजूद समिति सदस्यों को सैनिटाइज कराया। पर स्थानीय प्रशासन ने कोविड बचाव के नाम पर कुछ भी नहीं किया।

शोभायात्रा में एक भी झांकी नहीं हुई शामिल

कोविड-19 गाइडलाइन और उपचुनाव के चलते जिले में लागू आचार संहिता के कारण सोमवार की देर रात 8 बजे पन्ना रोड स्थित स्टेडियम में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम की शोभायात्रा में शहर की एक भी झांकी शामिल नहीं हुई। वहीं शाम होते ही भागवान श्रीराम, माता सीता और भ्राता लक्ष्मण सहित रावण का चरित्र निभा रहे कलाकारों को समिति द्वारा स्टेडियम पहुंचाया गया।

सुबह से शाम तक स्टेडियम में एक भी प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी नजर नहीं आए। रावण दहन के समय एडीएम प्रेम सिंह चौहान, छतरपुर एडीएम बीबी गंगेले, तहसीलदार, सिविल लाइन टीआई सहित पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पर यह सभी अधिकारी स्टेडियम के मुख्य गेट से अंदर तक नहीं गए।

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