गांधी पर घिरे बाबा कालीचरण की गिरफ्तारी की कहानी:खजुराहो में नाम बदलकर 100 रु. में किराए का कमरा लिया; CG पुलिस वहीं अलाव ताप रही थी

छतरपुर/राजेश चौरसिया5 महीने पहले

छत्तीसगढ़ में धर्म संसद में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को गाली देने वाले कालीचरण महाराज को मध्यप्रदेश में छतरपुर के खजुराहो से रायपुर पुलिस ने गुरुवार सुबह 4 बजे गिरफ्तार कर लिया है। रायपुर से भागकर बाबा मंगलवार रात 10 बजे 6 साथियों के साथ खजुराहो से 22 किमी दूर गड़ा गांव के बागेश्वर धाम पहुंचे थे। वे यहां साधारण से कमरे में रुके थे। 8 बाय 10 के इस रूम में छत भी चद्दर वाली थी। बाबा ने स्टे होम में राजू के नाम से एंट्री कर तीन रूम बुक करवाए थे। उनके साथ दो महिलाएं भी थीं। बाबा की गिरफ्तारी के बाद दैनिक भास्कर की टीम उस रूम में पहुंची, जहां बाबा ने 32 घंटे बिताए थे।

ऐसा रहा घटनाक्रम
होम स्टे में ठहरे राजेश शर्मा ने बताया कि मंगलवार रात बाबा 6 लोगों के साथ आए थे। बाद में दो महिलाएं भी आई थीं। कालीचरण ने मास्क लगा रखा था, इसलिए लोग उन्हें पहचान नहीं सके। साथ ही, वह खुद ही अपना सामान उठा रहे थे। उन्होंने यहां 103, 109 और 112 नंबर का कमरा लिया था। रात में एक कमरे में जाने के बाद वे बाहर नहीं आए। सुबह 11 बजे वह बागेश्वर धाम मंदिर निकल गए। रात करीब दो से ढाई बजे के बीच आए। बाबा के पीछे-पीछे पुलिस भी आ चुकी थी। हालांकि पुलिस के बारे में भी किसी को कुछ पता नहीं था। वे सिविल ड्रेस में साइड वाले रूम में ही रुके थे। रात में अलाव ताप रहे थे। बाबा के आते ही उन्हें उन लोगों ने घेर लिया। करीब 4 बजे सुबह वे बाबा को लेकर रवाना हो गए।

कालीचरण को रायपुर पुलिस बागेश्वर धाम से पकड़कर ले गई।
कालीचरण को रायपुर पुलिस बागेश्वर धाम से पकड़कर ले गई।

जिस रूम में रुका बाबा, उसका किराया 300 रुपए रोज
यहां एक रूम में तीन लोगों को ठहराया जाता है। एक व्यक्ति का 100 रुपए चार्ज रहता है। यदि रूम बुक करते हैं, तो 300 रुपए दिन के हिसाब से किराया देना होता है। बाबा के रूम का भी 300 रुपए किराया था। बाबा जिस रूम में थे, उसमें ऊपर टिन की शीट थी। एक छोटा सा पंखा लगा था। बाबा ने होम स्टे में खाना नहीं खाया था। उनके लिए बाहर से पार्सल आया था। मिनरल वाटर के साथ ही उन्होंने बिस्किट भी मंगवाई थी। बाबा के रूप में जूते, उनका अंगवस्त्र उसी हालत में पड़े थे, जैसा वे छोड़ गए थे।

बाबा 109 नंबर कमरे में रुके थे। बाबा के यहां कपड़े पड़े मिले।
बाबा 109 नंबर कमरे में रुके थे। बाबा के यहां कपड़े पड़े मिले।

सादी वर्दी में थे पुलिस वाले

वहीं, होम स्टे में ही रुके अनूप शर्मा ने बताया कि बाबा मंगलवार रात करीब 10 बजे आए थे। वे रूम नंबर 109 में रुके थे। वे दो लोग एक ही रूम में रुके थे। किसी से भी बात नहीं कर रहे थे। पुलिस लगातार यहां राउंड लगा रही थी। रात करीब ढाई बजे बाबा मंदिर से आए थे। सुबह 4 बजे सादी ड्रेस में कुछ लोग आए और बाबा को साथ ले गए।

संचालक भागंचद शिवहरे को पुलिस ने हिरासत में लिया, तो उसने बताया कि बाबा रात में आए थे, इसलिए मैंने आईडी नहीं ली। रजिस्टर में एंट्री कर कमरा दे दिया था। सुबह से मंदिर निकल गए थे। रात में आए, तो पुलिस उन्हें पकड़कर ले गई। हमें तो कुछ पता ही नहीं चला कि आखिर हुआ क्या।

बागेश्वर धाम पर पूरा दिन बिताने के बाद रूम में पहुंचे तो पुलिस ने पकड़ लिया।
बागेश्वर धाम पर पूरा दिन बिताने के बाद रूम में पहुंचे तो पुलिस ने पकड़ लिया।

रायपुर पुलिस लेकर गई
SP छतरपुर सचिन शर्मा ने बताया कि कालीचरण महाराज के खिलाफ रायपुर में धारा 505 (2) और धारा 294 के तहत केस दर्ज किया गया था। इसी मामले में रायपुर पुलिस खजुराहाे के गढ़ा गांव आई थी। सुबह उन्हें पुलिस अपने साथ रायपुर लेकर रवाना हो गई। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा हमें सूचना नहीं दी गई थी।

रायपुर में धर्म संसद में की थी महात्मा गांधी को लेकर टिप्पणी
रायपुर में हुई धर्म संसद के समापन के दिन शनिवार को महाराष्ट्र से आए कालीचरण ने मंच से गांधीजी के बारे में अपशब्द कहे थे। उन्होंने कहा कि इस्लाम का मकसद राजनीति के जरिए राष्ट्र पर कब्जा करना है। सन् 1947 में हमने अपनी आंखों से देखा कि कैसे पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कब्जा किया गया। मोहनदास करमचंद गांधी ने उस वक्त देश का सत्यानाश किया। नमस्कार है नाथूराम गोडसे को, जिन्होंने उन्हें मार दिया।

बाबा ने 103 नंबर का कमरा भी बुक करवाया था।
बाबा ने 103 नंबर का कमरा भी बुक करवाया था।
बाबा के जूते कमरे में ही रह गए।
बाबा के जूते कमरे में ही रह गए।
रायपुर से भागकर गढ़ा पहुंचा था कालीचरण।
रायपुर से भागकर गढ़ा पहुंचा था कालीचरण।

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